fake IAS Saurabh arrested in Lucknow luxury vehicles Convoy used to take protocol by claiming to be central secretary लग्जरी गाड़ियों का काफिला, केंद्रीय सचिव बताकर लेता था प्रोटोकॉल, लखनऊ में फर्जी IAS सौरभ अरेस्ट, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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लग्जरी गाड़ियों का काफिला, केंद्रीय सचिव बताकर लेता था प्रोटोकॉल, लखनऊ में फर्जी IAS सौरभ अरेस्ट

राजधानी लखनऊ में फर्जी आईएएस सौरभ त्रिपाठी को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में पता चला कि वह कई सालों से खुद को केंद्रीय सचिव बताकर प्रोटोकॉल ले रहा था। लग्जरी गाड़ियों के काफिले में घूमता था।

Thu, 4 Sep 2025 07:09 AMDeep Pandey लाइव हिन्दुस्तान
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लग्जरी गाड़ियों का काफिला, केंद्रीय सचिव बताकर लेता था प्रोटोकॉल, लखनऊ में फर्जी IAS सौरभ अरेस्ट

लखनऊ में वजीरगंज पुलिस ने डालीगंज चौराहा सूरज कुंड पार्क के पास से फर्जी आईएएस सौरभ त्रिपाठी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में पता चला कि वह कई सालों से खुद को केंद्रीय सचिव बताकर प्रोटोकॉल ले रहा था। लग्जरी गाड़ियों के काफिले में घूमता था। विभिन्न राज्यों और जनपदों के अफसरों को एनआईसी की फर्जी आईडी से मेल करके प्रोटोकाल और ब्यूरोकेसी से जुड़ी सुविधाएं लेता था।

इतना ही नहीं बड़े जिलों के सर्किट हाउस और नामचीन होटलों में रुकता था। इतना ही नहीं वह कर्मचारियों के ट्रांसफर पोस्टिंग और ठेके-पट्टों के लिए भी फोन कर अफसरों पर दबाव बनाता था। उत्तराखंड, बिहार के कई बड़े कार्यक्रमों में बतौर मुख्यअथिति शामिल हुआ। पुलिस ने उसके पास से अशोक स्तंभ लगी, भारत सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार लिखी छह लक्जरी गाड़ियों समेत कई अहम और जाली दस्तावेज भी बरामद किए हैं। पुलिस उपायुक्त पश्चिम विश्वजीत श्रीवास्तव के मुताबिक गिरफ्तार जालसाज सौरभ त्रिपाठी मूल रूप से मऊ जनपद के लखन्सी सराय इमलिया फातिमा अस्पताल के पास का रहने वाला है। यहां गोमतीनगर विस्तार में शालीमार वन वर्ड बिलगेडियर कोट में रहता था। इसके अलावा नोएडा सेक्टर 35 गरिमा विहार में भी उसका एक आवास है। तफ्तीश में पता चला है कि जालसाज के पास से बरामद सचिवालय पास का पता लगाया गया तो जानकारी हुई की सब जाली हैं। मोबाइल की काल डिटेल्स और व्हाट्सएप मैसेज आदि की पड़ताल की जा रही है। वह सरकारी अफसरों की बैठकों में शामिल हुआ। उत्तराखंड, बिहार समेत कई राज्यों में आयोजित समारोहों में शामिल हुआ। उसकी फोटो और डिटेल भी एक्स हैंडल पर पोस्ट किए। गिरफ्तारी के बाद पोस्ट वायरल हुई। हिन्दुस्तान वायरल पोस्ट की पुष्टि नहीं करता।

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बेधड़क जाता था सचिवालय, नगर विकास उत्तर प्रदेश की बैठकों में शामिल हुआ

सौरभ बेधड़क होकर सचिवालय जाता था। वह नगर विकास उत्तर प्रदेश के अफसरों की बठकों में भी शामिल हुआ। एक वायरल पोस्ट में भी वह बैठक में बैठा दिख रहा है। बताया जा रहा है कि कई विभागों में उसकी ऊंची पहुंच थी। अधिकारियों के सरकारी काम में भी दखल देता था। उन पर ट्रांसफर पोस्टिंग तक का दबाव बनाता था। डीसीपी ने बताया कि इन बिंदुओं की जांच की जा रही है। कई विभागों को पत्र लिखकर उनसे इसके संबंध में डिटेल मांगी जा रही है।

एक एनजीओ में करता था काम, बीटेक पास है, फर्राटेदार बोलता है अंग्रेजी

इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि सौरभ बीकेट पास है। उसने कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की है। उसके बाद वह दिल्ली के एक एनजीओ से जुड़ा। सरकारी विभागों में उसका आना जाना हुआ। वहीं, से उसे फर्जी आईएएस बनने की योजना बना ली। उसके बाद अपना सोशल मीडिया अकाउंट भी आईएएस के नाम से बनाया। अधिकारियों में उठने बैठने के तौर तरीके तक सीख डाले।

उत्तराखंड, बिहार के कई बड़े समारोह में बना मुख्य अतिथि

जालसाज सौरभ खुद निदेशक आईटी (केंद्रीय सचिवालय) के रूप में उत्तराखंड के बेतालघाट नैनीताल में एक उदघाटन समारोह में शामिल हुआ। उसने कार्यक्रम से संबंधित फोटो और डिटेल 19 जून 2024 को दोपहर 12:44 बजे अपने एक्स हैंडल @Saurabh_IAAS पर पोस्ट भी किया। पटना में रंग संस्था इमैजिनेशन के छठे पांच दिवसीय राष्ट्रीय नाट्य समारोह में बतौर अथिति पहुंचा। रंग कर्मियों को सम्मानित भी किया यह जानकारी भी फोटो के साथ उसने अपने एक्स हैंडल पर पोस्ट किया।

इंस्पेक्टर को लिया रौब में, विजिटिंग कार्ड दिखाने पर शक गहराया

पुलिस उपायुक्त ने बताया कि इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी पुलिस बल के साथ तड़के चेकिंग कर रहे थे। इस बीच सूरज कुंड के पास से इनोवा क्रिस्टा जाती दिखी। चेकिंग के समय रोकने का प्रयास किया तो चालक ने गाड़ी दाएं बाएं भगाने की कोशिश की। पुलिस द्वारा रोके जाने पर पीछे बैठा सौरभ भड़क गया। उसने खुद को आईएएस (केंद्रीय सचिव डायरेक्टर आईटी) बताते हुए इंस्पेक्टर को रौब में लेने की कोशिश की। इसके बाद तुरंत अपना विजिटिंग कार्ड दे दिया। आईएस जल्दी से विजिटिंग कार्ड चेकिंग के दौरान नहीं देते हैं न ही इस तरह से अभद्रता करते हैं। इस गतिविधि से इंस्पेक्टर को शक हुआ। इंस्पेक्टर ने उच्चाधिकारियों को जानकारी दी। इंस्पेक्टर ने अंदर देखा तो दो लाल-नीली बत्ती और रखी थी। इससे शक और गहरा गया। कार समेत आरोपी को वजीरगंज कोतवाली ले जाया गया। वहां भी सौरभ ने पुलिस को धमकाया। वर्दी उतरवाने की धमकी दी। बात में पूछताछ और सवाल जवाब में फंस गया। फिर उसने बताया कि वह फर्जी आईएएस है।

बरामदगी

करोड़ों कीमत की इनोवा क्रिस्टा, डेफेंडर, मर्सडीज, फार्च्यूनर समेत छह लक्जरी, कार तीन लाल नीली बत्ती, अशोक स्तंभ, दो मोबाईल फोन, 11,097 रुपये, आठ एटीएम कार्ड, तीन जाली पहचानपत्र, जाली सचिवालय पास, लैपटाप, पैन ड्राइव, एक डिब्बी विजिटिंग कार्ड, कुछ कागज जिसमे विभिन्न तिथियो में व्यय की गई धनराशि का विवरण है। किसी कार में भारत सरकार तो किसी में उत्तर प्रदेश सरकार लिखा है।

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