पूर्व सैनिक की हत्या में 48 वर्ष बाद मिली दोषमुक्ति, हाईकोर्ट ने रद्द की उम्रकैद की सजा
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर के मुसाफिर खाना थाना क्षेत्र में 48 साल पहले हुई पूर्व सैनिक की हत्या के आरोपी गुरु प्रसाद को बरी करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा रद्द कर दी है।

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सुल्तानपुर के मुसाफिर खाना थाना क्षेत्र में 48 साल पहले हुई पूर्व सैनिक की हत्या के आरोपी गुरु प्रसाद को बरी करते हुए उसकी उम्रकैद की सजा रद्द कर दी है। यह निर्णय न्यायमूर्ति सीडी सिंह एवं न्यायमूर्ति देवेंद्र सिंह की खंडपीठ ने राम हृदय, शिवराम व गुरु प्रसाद की अपीलों की सुनवाई करते हुए दिया है। सत्र न्यायालय ने अपीलार्थियों को हत्या में शामिल होने का दोषी मानते हुए सजा सुनाई थी। दो अपीलार्थियों की मृत्यु होने से उनकी अपील अबेट हो चुकी थी। मुख्य न्यायाधीश के आदेश पर लखनऊ खंडपीठ से अपील इलाहाबाद हाईकोर्ट की प्रधान पीठ निस्तारण के लिए नामित की गई थी।
गुरु प्रसाद के मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष अपीलार्थी के विरुद्ध आरोप साबित करने में नाकाम रहा। अभियोजन कहानी के अनुसार अपीलार्थी के हाथ में लाठी थी और हत्या सह अभियुक्त की बंदूक की गोली से हुई थी। जिसमें अपीलार्थी की भूमिका नहीं थी। इसी के साथ कोर्ट ने 18 मार्च 1981 को सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई उम्रकैद की सजा रद्द कर दी और जमानत बंधपत्र निरस्त कर दिया।
1978 में हुई थी हत्या की एफआईआर
मामले के तथ्यों के अनुसार घटना 1978 की है। भगवती सेवक पांच भाई हैं। उन्होंने अपने भाई पर जानलेवा हमला करने की एफआईआर दर्ज कराई। आरोप लगाया कि वह भाइयों के साथ बैठा था, पट्टीदार आरोपी व अन्य ने असलहे व लाठी लेकर उसे घेर लिया। रंजिश के कारण मुख्य आरोपी ने फायर कर दिया। जिसमें 35 वर्षीय त्रिभुवन दत्त को गोली लगी। उसे घायल अवस्था में अस्पताल ले जाया गया। बाद में लखनऊ मिलिट्री अस्पताल भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण सेप्टीसीमिया बताया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। सत्र न्यायालय ने ट्रायल के अपीलार्थियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी, जिसे अपील में चुनौती दी गई थी।




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