Electricity connections of around 76000 houses were cut before Holi hearing on new rates on March 9 होली से पहले करीब 76 हजार घरों की बत्ती गुल, नई बिजली दरों पर 9 मार्च को सुनवाई, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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होली से पहले करीब 76 हजार घरों की बत्ती गुल, नई बिजली दरों पर 9 मार्च को सुनवाई

होली से ठीक पहले 76785 स्मार्ट प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काट दिए गए। ये कनेक्शन लंबे समय से नेगेटिव बैलेंस में चल रहे थे। हालांकि राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद का दावा है कि कार्रवाई की जद में ऐसे उपभोक्ता भी आ गए, जिनका बैलेंस वास्तव में पॉजिटिव था।

Sun, 1 March 2026 07:09 AMPawan Kumar Sharma विशेष संवाददाता, लखनऊ
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होली से पहले करीब 76 हजार घरों की बत्ती गुल, नई बिजली दरों पर 9 मार्च को सुनवाई

होली के ऐन पहले लंबे समय से नेगेटिव बैलेंस में चल रहे 76,785 स्मार्ट प्रीपेड मीटर विद्युत उपभोक्ताओं का कनेक्शन कट गया। उपभोक्ता परिषद का दावा है कि इसमें ऐसे भी उपभोक्ता आ गए, जिनके बैलेंस पॉजिटिव में थे। सबसे ज्यादा दिक्कतें नोएडा और गाजियाबाद में हुई हैं।

राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने मामले की जांच करवाए जाने की मांग की है। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि त्योहार के पहले इस तरह की कार्रवाई पावर कॉरपोरेशन को नहीं करनी चाहिए थी। कॉरपोरेशन को पहले अपना सिस्टम दुरुस्त करना चाहिए था। तमाम बिजली उपभोक्ता ऐसे हैं, जो अपना मीटर रीचार्ज करते हैं, लेकिन उन्हें बैलेंस का अपडेट नहीं मिलता। कई उपभोक्ताओं की शिकायत है कि उनका मीटर बैलेंस पॉजिटिव है जबकि खाते में रुपया माइनस में दिखा रहा है।

अवधेश कुमार वर्मा ने इसे उपभोक्ताओं के साथ अन्याय बताते हुए कहा कि त्योहार के दौरान ऐसी सख्ती से लोगों को परेशानी हुई है। उन्होंने याद दिलाया कि पहले जन्माष्टमी के समय भी प्रीपेड मीटर को लेकर दिक्कतें आई थीं, जिसके बाद योजना को अस्थायी रूप से रोकना पड़ा था।

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बिजली की नई दरों पर नियामक आयोग 9 मार्च से शुरू करेगा सुनवाई

बिजली की नई दरें तय करने के लिए नियामक आयोग 9 मार्च से सुनवाई करेगा। सुनवाई में स्मार्ट मीटर का पैसा उपभोक्ताओं से लिए जाने के प्रस्ताव का मुद्दा भी उठेगा। राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इसके विरोध की घोषणा की है। परिषद के मुताबिक केंद्र सरकार ने योजना की मंजूरी देते समय कहा था कि मीटर का पैसा उपभोक्ताओं से नहीं लिया जाएगा।

उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष और राज्य सलाहकार समिति के सदस्य अवधेश कुमार वर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर के लिए 18,885 करोड़ रुपये अनुमोदित किए थे, जबकि पावर कॉरपोरेशन ने 27,342 करोड़ रुपये में टेंडर किए। इस अतिरिक्त रकम का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना चाहिए। पावर कॉरपोरेशन के प्रस्ताव का विरोध करते हुए तथ्यात्मक प्रतिवाद प्रस्तुत किए जाएंगे। इसके अलावा बिना उपभोक्ताओं की सहमति के स्मार्ट मीटर को प्रीपेड मोड में बदलना भी विद्युत अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन है।

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उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में तमाम भ्रांतियां हैं। भ्रांतियों और वास्तविक स्थितियों पर रिपोर्ट तैयार की जा रही है, जिसे नियामक आयोग के सामने रखा जाएगा। उपभोक्ता परिषद उपभोक्ताओं का बिजली कंपनियों पर 50 हजार करोड़ रुपये बकाया रहने की वजह से बिजली दरों में कमी का प्रस्ताव भी दाखिल करेगा।

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