ईडी के रडार पर शुभम जायसवाल की कई और संपत्तियां, रिश्तेदारों के नाम से चला रहा था अकाउंट
ईडी ने कफ सिरप प्रकरण के मुख्य आरोपित की कई और सम्पत्तियां चिन्हित कर ली है। इनके बारे में ईडी को शुभम व रिश्तेदारों के बैंक खातों में हुए लेन-देन से पता चला है। शुभम के साथ ही बर्खास्त सिपाही और अमित टाटा के भी कई बैंक खातों का ब्योरा खंगाला गया था।

यूपी में ईडी ने कफ सिरप प्रकरण के मुख्य आरोपी शुभम जायसवाल की कई और सम्पत्तियां चिन्हित कर ली है। इनके बारे में ईडी को शुभम व रिश्तेदारों के बैंक खातों में हुए लेन-देन से पता चला है। शुभम के साथ ही बर्खास्त सिपाही आलोक सिंह और अमित टाटा के भी कई बैंक खातों का ब्योरा खंगाला गया था।
डेढ़ महीना पहले अमित टाटा और आलोक सिंह की गिरफ्तारी के बाद कोडीन युक्त सिरप की सप्लाई के मामले ने तूल पकड़ लिया था। इसके बाद ही ईडी सक्रिय हो गई थी। ईडी ने आरोपियों की सम्पत्तियां खंगालनी शुरू कर दी। इसके साथ ही एसआईटी ने भी कई नए तथ्य जुटा लिए। एसआईटी को शुभम के वाराणसी से लेकर दुबई तक के नेटवर्क के बारे में अहम जानकारियां हाथ लगी। इस आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। वाराणसी में शुभम और लखनऊ में आलोक की कोठी की तलाशी के बाद ही इनकी और सम्पत्तियां ढूंढ़ी जाने लगी थी।
कई रिश्तेदारों के नाम खाते शुभम चलाता रहा
जांच एजेंसियों को पता चला है कि शुभम ने अपने कई रिश्तेदारों के नाम बैंक खाते खुलवा रखे हैं। इनमें हर लेन-देन शुभम की देखरेख में ही होता था। इस बारे में उसके सीए ने ही एसआईटी और ईडी को कई जानकारियां दी थी। सूत्रों के मुताबिक आरोपियों की गिरफ्तारी पर लगी रोक हटने के साथ ही जांच एजेन्सियों फिर से आरोपियों की तलाश में शनिवार से जुटेंगी। इसके साथ ही शनिवार को ईडी जेल में बंद आलोक व अमित टाटा के बयान भी लेने जाएगी।
वाराणसी में एक और दवा व्यापारी के खिलाफ मुकदमा
कफ सिरप तस्करी में एक और दवा व्यापारी विष्णु कुमार पांडेय के खिलाफ सारनाथ थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है। करीब 1.02 लाख शीशी कोडीन युक्त कफ सिरप की बिक्री का सही रिकॉर्ड व्यापारी नहीं दे पाया है। बिहार में कफ सिरप की विक्रय का रसीद दिया लेकिन जांच में पता चला कि वहां पर सिरप पहुंची ही नहीं। व्यापारी पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी सहित अन्य धाराएं लगीं है।




साइन इन