Cough syrup case Allahabad High court reject plea of all accused including Shubham jaiswal कोडीन कफ सिरप केस में सरगना शुभम समेत सभी आरोपियों की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का फैसला, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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कोडीन कफ सिरप केस में सरगना शुभम समेत सभी आरोपियों की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का फैसला

 कोडीन कफ सिरप केस में दाखिल याचिकाओं पर हाईकोर्ट ने फैसला सुनाया। हाईकोर्ट सरगना शुभम समेत सभी आरोपियों की याचिका खारिज कर दी है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी पर रोक से इनकार कर दिया है। 

Fri, 19 Dec 2025 05:50 PMDeep Pandey प्रयागराज, हिन्दुस्तान
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कोडीन कफ सिरप केस में सरगना शुभम समेत सभी आरोपियों की याचिका खारिज, हाईकोर्ट का फैसला

इलाहाबाद हाईकोर्ट में कोडीन कफ़ सिरप की तस्करी मामले में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर दाखिल याचिकाओं पर शुक्रवार को सुनवाई हुई। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कोडीन युक्त कफ सिरप की तस्करी मामले में गिरफ्तारी पर रोक को लेकर दाखिल सभी याचिकाएं खारिज कर दी हैं। तीन दिन तक चली लंबी बहस के बाद हाईकोर्ट ने कहा कि जिस तरह कोडीन युक्त कफ सिरप का चिप्स और नमकीन के नाम पर परिवहन किया जा रहा था, उसे देखते हुए मामले में जांच की आवश्यकता है।

यह आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा एवं न्यायमूर्ति अचल सचदेव की खंडपीठ ने सरगना शुभम जायसवाल सहित 23 आरोपियों की याचिकाओं पर वरिष्ठ अधिवक्ता निपुन सिंह और राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम परितोष कुमार मालवीय को सुनकर दिया है। कोडीन युक्त कफ़ सिरप की तस्करी को लेकर पुलिस ने गाजियाबाद, बस्ती, जौनपुर, वाराणसी, प्रयागराज, कानपुर नगर सहित कई अन्य जिलों में अब तक 128 प्राथमिकी दर्ज की हैं। इनमें नामजद आरोपियों ने गिरफ्तारी पर रोक और प्राथमिकी रद्द करने के लिए ये याचिकाएं दाखिल की थीं।

कोर्ट ने याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि हालांकि फेंसीड्रल कफ सिरप दवा की श्रेणी में आता है और इसका उपयोग उपचार के लिए किया जाता है लेकिन जिस तरह इसका परिवहन चिप्स व नमकीन के नाम पर किया गया, इसकी जांच किए जाने की आवश्यकता है। कोर्ट ने याचियों की इस दलील को भी खारिज कर दिया कि यह मामला बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों के तहत नहीं आता बल्कि ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट में आता है। कोर्ट ने कहा कि बीएनएस और एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों को लागू करना सही है।

सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने कोर्ट को बताया कि अकेले वाराणसी में कफ सिरप की 2.23 करोड़ बोतलें पकड़ी गई हैं। इसका उपयोग चिकित्सकीय कार्य में नहीं बल्कि नशे के लिए किया जा रहा था। याचियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता निपुन सिंह ने कहा कि कफ सिरप में प्रति यूनिट मात्र 100 मिलीग्राम कोडीन है जो केंद्र सरकार की 1985 की अधिसूचना के तहत परिभाषित ड्रग्स की सीमा में नहीं आता है। कोर्ट ने इसके व्यवसाय के तरीके को देखते हुए यह दलील खारिज़ कर दी।

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बांग्लादेश तक फैला है रैकेट

कोर्ट को बताया गया कि कोडीन युक्त कफ़ सिरप के अवैध व्यापार का रैकेट झारखंड से लेकर उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश तक फैला है। सोनभद्र में आबकारी निरीक्षक ने एक कंटेनर पकड़ा जिसमें नमकीन का लेबल लगा था। जांच करने पर इसमें कोडीन युक्त कफ़ सिरप की एक लाख से अधिक बोतलें बरामद हुईं। इसी प्रकार गाजियाबाद में गेहूं और चावल के नाम से कारोबार किया जा रहा था । कोर्ट ने इन तथ्यों को देखते हुए याचिकाएं खारिज़ कर दीं।

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