लखनऊ में 15 मार्च से होगी प्रॉपर्टी की ई-रजिस्ट्री, इस मामले में यूपी का पहला प्राधिकरण बना एलडीए
ई-रजिस्ट्री की इस पहल के लिए निबंधन विभाग ने LDA को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने 16 फरवरी को आदेश जारी कर एलडीए को ई-रजिस्ट्री लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो जल्द ही LDA को उपलब्ध करा दिया जाएगा।

लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) में 15 मार्च से संपत्तियों की ई-रजिस्ट्री होगी। एलडीए प्रदेश का पहला प्राधिकरण बनने जा रहा है जहां संपत्ति की रजिस्ट्री पूरी तरह डिजिटल होगी। नई व्यवस्था से संपत्ति खरीददारों को निबंधन कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति मिल जाएगी। एलडीए में एक जगह बैठकर रजिस्ट्री की पूरी कार्रवाई होगी। इससे आवंटियों का न सिर्फ शोषण बचेगा बल्कि भागदौड़ के साथ उनका समय भी बचेगा।
मॉडल के तौर पर चुना गया एलडीए
ई-रजिस्ट्री की इस पहल के लिए निबंधन विभाग ने एलडीए को पायलट प्रोजेक्ट के रूप में चुना है। महानिरीक्षक निबंधन नेहा शर्मा ने 16 फरवरी को आदेश जारी कर एलडीए को ई-रजिस्ट्री लागू करने के निर्देश दिए हैं। विभाग की ओर से विशेष सॉफ्टवेयर तैयार किया जा रहा है, जो जल्द ही एलडीए को उपलब्ध करा दिया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत ई-स्टांप, शुल्क जमा, दस्तावेज अपलोड और सत्यापन की पूरी प्रक्रिया एलडीए में ही ऑनलाइन होगी। अधिकारियों के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे और संपत्ति स्वामी के आधार प्रमाणीकरण के लिए बायोमेट्रिक मशीन लगाई जाएगी। दस्तावेज ऑनलाइन निबंधन कार्यालय भेजे जाएंगे, जहां सब-रजिस्ट्रार का डिजिटल सिग्नेचर तत्काल हो जाएगा।
अभी कई-कई दिन लगते हैं
अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में कई दिन लगते हैं। पहले एलडीए के चक्कर और फिर निबंधन कार्यालय की भागदौड़ करनी पड़ती है। एजेंट और वकीलों पर निर्भरता भी रहती है। नई प्रणाली लागू होने के बाद यह पूरा काम एक ही स्थान पर, कम समय में और पारदर्शी तरीके से होगा। वकील व एजेन्ट की भी जरूरत नहीं होगी।
देवपुर पारा योजना को चुना गया
ई-रजिस्ट्री की शुरुआत देवपुर पारा योजना से होगी। यहां के सभी फ्लैटों का पूरा डाटा हार्ड व सॉफ्ट कॉपी निबंधन कार्यालय को उपलब्ध करा दिया गया है। फॉर्मेट भी साझा कर दिया गया है, जिसे ऑनलाइन सिस्टम में फीड किया जा रहा है। एलडीए के उप सचिव माधवेश कुमार ने बताया कि सभी तैयारियां लगभग पूरी हो चुकी हैं और 15 मार्च से ई-रजिस्ट्री लागू करने की तैयारी है।
क्या बोले अधिकारी
एलडीए के उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने बताया कि यह व्यवस्था आवंटियों के लिए बड़ी राहत भरी होगी। पूरी प्रक्रिया एलडीए में ही संपन्न होगी और पारदर्शिता के साथ समय की बचत भी होगी। ई-रजिस्ट्री न सिर्फ प्रक्रिया सरल बनाएगी, बल्कि संपत्ति खरीद-बिक्री में होने वाली अनियमितताओं और अतिरिक्त खर्च पर भी अंकुश लगाएगी।




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