यूपी में टेरर फंडिग के खिलाफ ATS को बड़ी कामयाबी, नेपाल भागने से पहले पकड़ा गया अल्तमश फरीदी
विदेशी फंडिंग का इस्तेमाल देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बिगाड़ने की गतिविधियों में किया जाता था। इसकी रकम से विभिन्न समूह के बीच धार्मिक वैमनस्यता और दुश्मनी फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ इस्लामिक साहित्य के प्रकाशन और प्रसार होता था। अल्तमश रजबपुर में एक अवैध मदरसे की स्थापना में भी शामिल था।

UP News: उत्तर प्रदेश में आतंकवाद की कमर तोड़ने में जुटे एटीएस (Anti-Terrorist Squad) को टेरर फंडिंग के मामले में बड़ी कामयाबी मिली है। एटीएस ने गुरुवार को अमरोहा निवासी अल्तमश फरीदी को गिरफ्तार किया। तुर्किए से टेरर फंडिंग के लिए एक वेबसाइट के जरिए विभिन्न खातों में रकम भेजे जाने के मामले में एटीएस ने पिछले वर्ष सात नवंबर को गौतमबुद्धनगर से दिल्ली के निवासी फरहान नबी सिद्दीकी को गिरफ्तार किया था। एटीएस तभी से अन्य आरोपितों की पड़ताल कर रहा था। अल्तमश पुलिस से बचकर नेपाल भागने की फिराक में था। वह बार्डर पार करता इसके पहले ही एटीएस ने उसे दबोच लिया।
एटीएस के अधिकारियों का कहना है कि फरहान नबी से पूछताछ और जांच में अमरोहा के रजबपुर निवासी अल्तमश फरीदी का नाम सामने आया था। फरहान और अल्तमश ने तुर्किए में ‘एचईवाईडी’ नाम से एक वेबसाइट बनाई थी। तुर्किए के नागरिकों से कट्टरपंथी गतिविधियों के लिए इस वेबसाइट के जरिए रकम मंगाई जाती थी। विभिन्न बैंक खातों का प्रयोग तुर्किए से हवाला तथा अन्य माध्यमों से आने वाली रकम को मेसर्स इस्तानबुल इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के खातों में जमा कराने के अलावा गिरोह के कुछ अन्य सदस्यों के खातों में भी ट्रांसफर किया जाता था।
देश की एकता और अखंडता के लिए खतरा
विदेश से आई रकम का प्रयोग देश की संप्रभुता, एकता और अखंडता को बिगाड़ने की गतिविधियों में किया जाता था। टेरर फंडिंग की रकम से विभिन्न समूह के बीच धार्मिक वैमनस्यता और दुश्मनी फैलाने के उद्देश्य से भड़काऊ इस्लामिक साहित्य के प्रकाशन और प्रसार होता था। अल्तमश रजबपुर में एक अवैध मदरसे की स्थापना में भी शामिल था, जिसका उपयोग इसी उद्देश्य के लिए किया जा रहा था।
अल्तमश के पास से बरामद मोबाइल फोन की फारेंसिक जांच कराई जाएगी। एटीएस (Anti-Terrorist Squad) टेरर फंडिंग के पूरे नेटवर्क को खत्म करने की कोशिशों में जुटी है। अल्तमस फरीदी की गिरफ्तारी को इस दिशा में बड़ी मदद माना जा रहा है।




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