Due to the negligence of LDA, the compensation increased from Rs 2 lakh to Rs 27 lakh एलडीए की लापरवाही पड़ी भारी, 2 लाख से बढ़कर 27 लाख हुआ मुआवजा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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एलडीए की लापरवाही पड़ी भारी, 2 लाख से बढ़कर 27 लाख हुआ मुआवजा

भूमि का मुआवजा न देना एलडीए पर भारी पड़ गया। भू अर्जन से संबंधित एक मुकदमे में 1997 में कोर्ट से दो लाख रुपये 15 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया था। लेकिन मुआवजा अब तक नहीं दिया। अब यह रकम बढ़कर 27 लाख पहुंच गई है।

Tue, 24 Feb 2026 01:27 PMPawan Kumar Sharma विधि संवाददाता, लखनऊ
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एलडीए की लापरवाही पड़ी भारी, 2 लाख से बढ़कर 27 लाख हुआ मुआवजा

भूमि का मुआवजा न देना लखनऊ विकास प्राधिकरण पर भारी पड़ गया। भू अर्जन से संबंधित एक मुकदमे में 1997 में कोर्ट से दो लाख रुपये 15 प्रतिशत साधारण ब्याज के साथ अदा करने का आदेश दिया था। इस आदेश के खिलाफ एलडीए ने हाईकोर्ट में अपील की, लेकिन याचिका निरस्त कर दी गई। फिर भी मुआवजा अब तक नहीं दिया। अब यह रकम बढ़कर 27 लाख पहुंच गई।

सुनवाई के दौरान भूमि अर्जन पुनर्वासन एवं पुनर्व्यवस्थापन प्राधिकरण (लारा) कोर्ट ने एलडीए के विहित पदाधिकारी पर 10 हजार रुपये जुर्माना अदा करने का आदेश दिया है। लारा कोर्ट के पीठासीन अधिकारी हरेंद्र बहादुर सिंह ने एलडीए के विहित अधिकारी पर 10 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। अदालत ने एलडीए को आदेश की प्रति भेजते हुए आदेश दिया है कि हर्जाने की पूरी रकम वसूल कर जमा कराई जाए। कोर्ट ने 13 मार्च को मूलवाद के साथ प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। 1997 में कोर्ट ने दो लाख रुपये भुगतान का आदेश दिया था।

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क्या था मामला

1997 में करीब दो लाख रुपये डिक्री धारक निर्मला सिंह को देना था। यह राशि 15% साधारण ब्याज की दर से बढ़ कर 27 लाख रुपये हो गई है। यह मामला उजरियांव गांव के आवासीय योजना के प्रतिकर का है। अदालत के समक्ष कहा गया है कि प्राधिकरण द्वारा तय की गई धनराशि के खिलाफ एलडीए हाईकोर्ट गया, जहां उसकी अपील 3 मार्च 2020 को खारिज कर दी गई थी। कोर्ट ने कहा है कि देय धनराशि का जमा न करना गंभीर स्थिति उत्पन्न करता है।

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एलडीए के महंगे और ऊंचे फ्लैट खरीदने के लिए दोगुने से ज्यादा आवेदन

लखनऊ विकास प्राधिकरण की सबसे महंगी और सबसे ऊंची आवासीय परियोजना ‘नर्मदा अपार्टमेंट’ को लेकर खरीदारों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला है। गोमती नगर विस्तार में बनने जा रहे इस प्रोजेक्ट के लिए कुल फ्लैटों से दोगुने से अधिक आवेदन आ गए हैं। सोमवार को अंतिम दिन तक लगभग 700 आवेदन आ गए।

एलडीए द्वारा बनाए जा रहे इस प्रीमियम अपार्टमेंट में 300 लग्जरी फ्लैट और 12 पेंटहाउस प्रस्तावित हैं। 300 फ्लैटों के लिए करीब 700 और 12 पेंटहाउस के लिए 20 से अधिक आवेदन आए हैं। एलडीए के इतिहास में यह पहला मौका है, जब पेंटहाउस के लिए इतनी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली है। इससे पहले प्राधिकरण को पेंटहाउस “पहले आओ, पहले पाओ” योजना के तहत बेचने पड़ते थे।

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