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DRDO के बजट में 2283 करोड़ का इजाफा, कानपुर के रक्षा उत्पादनों को मिलेगी रफ्तार

वित्त मंत्री ने रक्षा संगठन डीआरडीओ के बजट में 2283 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी करने का एलान किया है। बजट बढ़ने से रक्षा उत्पादों के निर्माण, तकनीक और शोध में विकास होगा। इसका सीधा असर कानपुर स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला रक्षा सामग्री एवं डीएमएसआरडीई को भी मिलेगा।

Mon, 2 Feb 2026 08:37 AMPawan Kumar Sharma प्रमुख संवाददाता, कानपुर
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DRDO के बजट में 2283 करोड़ का इजाफा, कानपुर के रक्षा उत्पादनों को मिलेगी रफ्तार

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रक्षा संगठन डीआरडीओ के सालाना बजट में 2283 करोड़ रुपये की बढ़ोत्तरी करने का एलान किया है। सालाना बजट बढ़ने से रक्षा उत्पादों के निर्माण, तकनीक और शोध में विकास होगा। इसका सीधा असर कानपुर स्थित डीआरडीओ की प्रयोगशाला रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान (डीएमएसआरडीई) को भी मिलेगा। डीएमएसआरडीई तीनों सेनाओं के लिए जरूरी रक्षा उत्पादों के प्रोटोटाइप तैयार करने के साथ-साथ तकनीक और जरूरी सुविधाओं को विकसित करने के लिए नई खोज और शोध करता है। बजट बढ़ने से रक्षा अनुसंधान में तेजी आएगी।

डीएमएसआरडीई ने देश के सबसे सशक्त ब्रह्मोस मिसाइल के स्वेदशी रैमजेट ईंधन को विकसित किया है। अभी तक यह नेफथाइल ईंधन अमेरिका समेत दूसरे देशों से आयात करना पड़ता था। डीएमएसआरडीई की यह बहुत बड़ी उपलब्धि है। इसके अलावा लेवल-छह श्रेणी की देश की सबसे हल्की बुलेटफ्रूफ जैकेट भी बनाई है। बैलेस्टिक हेलमेट, ब्लास्ट प्रोटेक्शन सूट और एंटी माइन बूट, न्यूक्लियर, बायोलॉजिकल और केमिकल खतरों से सुरक्षा देने के लिए एनबीसी सूट सशस्त्र बलों के लिए बनाया है। नेवी के लिए समुद्री खारे पानी को मीठे पानी में बदलने वाली पॉलीमर मेंब्रेन भी विकसित की है।

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एचएएल व ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में ओवरहॉलिंग का लाभ

कानपुर स्थित एचएएल और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों को विमान, रक्षा एयरक्राफ्ट और कलपुर्जों को विदेशों से मंगवाने पर लगने वाली बेसिक कस्टम ड्यूटी (बीसीडी) में छूट का प्रावधान किया गया है। इसका सीधा असर स्वेदश में तैयार होने वाले विमानों, उनकी मरम्मत और रक्षा उपकरणों की ओवरहॉलिंग में लागत और खर्च पर पड़ेगा। एचएएल कानपुर में विमानों की मरम्मत होती है और ऑर्डिनेंस फैक्ट्रियों में तोपों समेत रक्षा हथियारों और उत्पादों की ओवरहॉलिंग होती है, जिसमें आने वाला खर्च कम होगा।

एयरक्राफ्ट, विमान, रक्षा उपकरणों के कलपुर्जों को मंगवाने पर कस्टम ड्यूटी में कमी का फायदा रक्षा प्रतिष्ठानों को मिलेगा। मेंटेनेंस,ओवरहॉलिंग के काम में लागत कम होने का फायदा निर्माणियों को मिलेगा।

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