बजट से यूपी के लाखों कैंसर और करोड़ों शुगर रोगियों को राहत की डोज, सीतारमन का क्या ऐलान
केंद्रीय बजट वित्त मंत्री सीतारमन से यूपी के लाखों कैंसर और करोड़ों शुगर रोगियों को राहत बहुत बड़ी राहत दी है। कैंसर रोगियों को डे-केयर के बाद अब कैंसर, डायबिटीज व सात दुर्लभ बीमारियों की दवाएं सस्ता करने का ऐलान किया गया है।

यूपी सहित देश में कैंसर के लगातार बढ़ते मामलों को लेकर चिंता केंद्रीय बजट में भी दिखी। पिछले बजट में कैंसर के डे-केयर सेंटर खोलने का ऐलान करने वाली वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इस बार कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं को सस्ता करने की घोषणा की है। यह एडवांस कैंसर की आयात की जाने वाली दवाएं हैं। इसके अलावा डायबिटीट और हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और सिकल सेल जैसी सात दुर्लभ बीमारियों की दवाओं से भी ड्यूटी हटा दी गई है।
वैश्विक स्तर पर देखें तो हृदय रोगों के बाद सर्वाधिक मौतें कैंसर से होती हैं। कैंसर के मामले प्रदेश में भी लगातार तेजी से बढ़ रहे हैं। जहां तक कैंसर रोगियों का सवाल है तो ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज की वर्ष 2019 में प्रकाशित रिपोर्ट के अनुसार यूपी में कैंसर रोगियों की संख्या छह लाख से अधिक थी। मगर रिपोर्ट में इस आंकड़े के तेजी से बढ़ने और हर साल करीब 1.9 लाख तक होने की बात कही गई।
68 डे-केयर कैंसर सेंटरों में इलाज व सिकाई की सुविधा
केंद्र द्वारा लोकसभा में दिए गए एक सवाल के जवाब के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए देश में 297 कैंसर डे केयर सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इसमें सर्वाधिक 68 केंद्र यूपी में स्थापित किए जाने की स्वीकृति मिली है। इन 68 डे-केयर कैंसर सेंटरों के शुरू होने से कैंसर रोगियों को खासी राहत मिलेगी। यहां कैंसर रोगियों को चिकित्सकीय सलाह के साथ ही सिकाई की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।
अभी यूपी में राजधानी लखनऊ स्थित कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियलिटी कैंसर संस्थान और वाराणसी स्थित होमी भाभा कैंसर हॉस्पीटल कैंसर रोगियों के इलाज के सबसे प्रमुख केंद्र हैं। इन अस्पतालों में कैंसर का अत्याधुनिक इलाज की सुविधा उपलब्ध है। इसके अलावा प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों में भी कैंसर का इलाज किया जा रहा है। गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज व झांसी के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में लीनियर एक्सिलेटर और कोबाल्ट यूनिट जैसी अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीनें स्थापित की गई हैं।
ड्यूटी फ्री हुईं कैंसर सहित कई दुर्लभ बीमारियों की दवाएं
अब सरकार ने कैंसर के इलाज में प्रयोग होने वाली 17 दवाओं से बेसिक कस्टम ड्यूटी हटा दी है। अभी तक इन दवाओं पर 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती थी। इसके अलावा हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी, सिकल सेल सहित सात दुर्लभ बीमारियों की आयात होने वाली दवाएं ड्यूटी फ्री कर दी गई हैं। इसके अलावा बजट में डायबिटीज यानि शुगर की दवाएं भी सस्ती करने की घोषणा की गई है। यूपी में शुगर पीड़ितों की संख्या करोड़ों में है। प्री-डायबिटीज लोगों के करीब पांच करोड़ लोगों में मिली थी।
यूपी में क्लिनिकल ट्रॉयल के साथ जिला अस्पतालों की क्षमता बढ़ेगी
प्रदेश में क्लिनिकल ट्रॉयल की सुविधा भी बढ़ेगी। वित्तमंत्री ने देश में 1000 क्लिनिकल ट्रॉयल स्पॉट बनाए जाने का ऐलान किया है। इसका लाभ यूपी को भी मिलेगा। इसके अलावा प्रदेश के जिला अस्पतालों की क्षमता में भी वृद्धि होगी। देश के सभी जिला अस्पतालों की तर्ज पर यूपी के 75 जिलों में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा प्रदेश में ट्रामा सेंटर भी खोले जाएंगे। जिन स्थानों पर इमरजेंसी या ट्रामा सेंटर नहीं हैं, उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी। बता दें कि प्रदेश में अभी 43 ट्रामा सेंटर हैं।




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