यूपी में साइबर क्राइम को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण ने जारी की नई एसओपी, पुलिस अफसरों को ये निर्देश
यूपी में साइबर क्राइम को लेकर डीजीपी राजीव कृष्ण ने नई एसओपी जारी की है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती बने साइबर क्राइम को रोकने के लिए अब बड़े मामलों की विवेचना विशेष टीम करेगी।
यूपी के डीजीपी राजीव कृष्ण ने साइबर क्राइम से निपटने के लिए ऐसे ही कई बिन्दुओं के साथ एसओपी जारी की है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ी चुनौती बने साइबर क्राइम को रोकने के लिए अब बड़े मामलों की विवेचना विशेष टीम करेगी। इसमें 50 लाख से अधिक की रकम हड़पने की घटना में साइबर थाने में एफआईआर दर्ज होते ही उसकी विवेचना के लिए प्रशिक्षित पुलिस कर्मियों की टीम लगा दी जाएगी। क्रिप्टो करेंसी व ई-मेल हैक करने जैसे साइबर अपराध की विवेचना में जोन स्तर पर तैनात साइबर कमाण्डो मदद करेंगे।
डीजीपी राजीव कृष्ण ने सभी कप्तानों, डीआईजी, आईजी, पुलिस कमिश्नरों को भेजे गए पत्र निर्देश दिए हैं कि नेशनल क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायतों की संख्या बहुत ज्यादा है। इनमें कई शिकायतों का निस्तारण प्राथमिक स्तर पर ही किया जा सकता है। डीजीपी ने पोर्टल पर शिकायत दिखते ही थाना स्तर पर ही साइबर सेल को कार्रवाई करने को कहा है। साइबर क्राइम को तीन वर्गों वित्तीय संबंधी, सोशल मीडिया संबंधी और अन्य साइबर अपराध से जुड़ी शिकायतों में बांट कर कार्रवाई करने की व्यवस्था की गई है।
छोटे मामलों को नजर अंदाज न किया जाए
डीजीपी ने निर्देश दिया है कि अगर किसी मामले में कम रकम की धोखाधड़ी हुई है तो भी उसकी विवेचना तत्परता से की जाए। हो सकता है कि इसमें किसी बड़े गिरोह के सदस्य का ही हाथ हो। ऐसे मामलों में कोई भी गिरफ्तारी होने पर उसकी सूचना समन्वय पोर्टल पर जरूर दी जाए।
धोखाधड़ी की रकम न लौटने पर खाताधारक पर कार्रवाई होगी
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि अगर किसी व्यक्ति से गलती से यूपीआई के जरिए मोबाइल नम्बर अथवा खाता संख्या गलत हो जाने पर धोखे से किसी के खाते में रकम चली जाती है तो पीड़ित की शिकायत पर खाताधारक से सम्पर्क किया जाए। उससे रकम लौटा कर पोर्टल पर उसकी शिकायत को बंद करा दिया जाए। अगर संबंधित खाता धारक धोखे से आई रकम देने से मना करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए। अगर किसी व्यक्ति की पोर्टल पर दर्ज शिकायत गलत पाई जाती है तो उस शिकायत को भी बंद कराया जाए।
संगठित तरीके से जांच की जाएगी
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि साइबर थाने की विवेचना में अगर किसी दूसरे जिले के बैंक खाते अथवा कोई अन्य लिंक मिलता है तो संबंधित जिले की पुलिस की मदद विवेचना में ली जाएगी। यह विवेचना संगठित तरीके से की जाएगी। महिला व बच्चे के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी जैसे अपराध पर भी त्वरित विवेचना की जाए।
फर्जी वेबसाइट व विज्ञापन मिलने पर मुख्यालय को बताए
डीजीपी ने निर्देश दिए हैं कि अगर शिकायत किसी फर्जी वेबसाइट/सोशल मीडिया लिंक अथवा विज्ञापन से जुड़ी है तो उसके बारे में साइबर क्राइम मुख्यालय को बताना होगा। सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक सामग्री मिलती है तो विशेष सचिव गृह को भी ई-मेल भेजा जाएगा। देश की अखंडता से खिलवाड़ करने जैसे मैसेज व अन्य गतिविधियों में सख्त कार्रवाई करने को कहा गया है।




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