दिल्ली कार ब्लास्ट में अमरोहा के अशोक की मौत, घायलों में देवरिया का शिवा
अमरोहा के अशोक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली में ही रह रहे थे। उनकी मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। वहीं धमाके में घायल शिवा यूपी के देवरिया का रहने वाला है। वह रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाता है और दुकान के लिए खरीदारी करने के लिए दिल्ली गया था।

दिल्ली के लालकिले के पास हुए कार ब्लास्ट के बाद यूपी के अमरोहा में मातम पसर गया है। इसमें अमरोहा के मंगरोला गांव के रहने वाले अशोक गुज्जर (उम्र-34 वर्ष) की मौत हो है। अशोक दिल्ली की डीटीसी बस में संविदा कंडक्टर के रूप में कार्यरत थे। वहीं धमाके में यूपी के देवरिया का एक युवक घायल भी हुआ है। शिवा जायसवाल (उम्र-25 साल) देवरिया के भलुअनी कस्बे में रेडीमेड कपड़े की दुकान चलाता है। वह कपड़ों की खरीदारी करने दिल्ली गया था।
अमरोहा के अशोक अपनी पत्नी और बच्चों के साथ दिल्ली में ही रह रहे थे। उनकी मौत की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। उधर, हसनपुर का एक युवक भी लापता बताया जा रहा उसका मोबाइल फोन मिला है। अशोक के बारे में जानकारी मिलने के बाद से गांव में हर कोई सकते में है। परिवारीजन दिल्ली के लिए रवाना हो गए हैं। कोतवाली पुलिस परिजनों से पूछताछ कर रही है। सोमवार शाम करीब सात बजे दिल्ली में लाल किले के पास कार में हुए ब्लास्ट में मंगरौला निवासी अशोक के जान गंवाने की सूचना रात करीब 10:30 बजे परिजनों को स्थानीय पुलिस के माध्यम से लगी। प्रभारी निरीक्षक अपराध अमरपाल सिंह ने गांव में जाकर इस बाबत सूचना दी तो हर कोई सकते में आ गए। बताया जा रहा है कि दो भाइयों में छोटा 34 वर्षीय अशोक कुमार पुत्र स्वर्गीय जगवंश गुर्जर तीन साल पूर्व डीटीसी में संविदा परिचालक की नौकरी पर लगे थे। वह पत्नी सोनम और तीन बच्चों के साथ दिल्ली में ही किराए के मकान में रहते थे। वह घटना स्थल पर कैसे पहुंचे, इस संबंध में परिजनों को अभी कोई सूचना नहीं मिल सकी है। घटना के बाद से अशोक और उनकी पत्नी का मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है।
संविदा पर डीटीसी बस में परिचालक की नौकरी करने वाला अशोक दिन में चांदनी चौक की एक कंपनी में गार्ड की नौकरी भी करते थे। बताया जा रहा है कि संविदा पर नौकरी से उन्हें इतना पैसा नहीं मिलता था जिससे कि वह दिल्ली में किराए के मकान समेत परिवार के अन्य खर्च वहन कर सकें। इसलिए वह गार्ड की नौकरी भी करता थे।
अशोक के मंगरौला निवासी दोस्त मिंटू का कहना है कि अशोक का सोमवार सुबह फोन आये थे। वह कह रहे थे कि डीटीसी की संविदा की नौकरी में उसके परिवार का खर्च नहीं चल पा रहा है। इसलिए वह सुबह में दिल्ली के चांदनी चौक पर एक कंपनी में गार्ड की नौकरी भी करता हूं। सुबह अशोक ने मिंटू से काफी देर तक बात की थी। उन्होंने अपने दिल की बात भी उनसे कही थी। बताया था कि दिल्ली में बच्चों की पढ़ाई लिखाई वह रहने का खर्च इतना अधिक है कि छोटी किसी नौकरी से काम नहीं चल सकता। अशोक और उनके भाई सुभाष के पास मात्र सात बीघा कृषि भूमि है। इतनी भूमि में दोनों भाइयों के परिवार का पेट नहीं भर सकता। इसलिए अशोक इंटर करने के बाद दिल्ली चला गया। अशोक ने पहले गांव में काफी समय तक दूध खरीदने-बेचने का काम भी किया था।
दुकान के लिए कपड़ों की खरीदारी करने गया था शिवा
शिवा जायसवाल देवरिया के भलुअनी कस्बे का रहने वाला है। नगर पंचायत भलुअनी के मुख्य चौक पर उसकी रेडीमेड की दुकान है। कपड़ों की खरीदारी करने वह दिल्ली गया था, जहां हादसे का शिकार हो गया। दिल्ली कार ब्लास्ट के घायलों की सूची में शामिल शिवा जायसवाल दिल्ली से कपड़े लाकर यहां बेचता है। वह नौ नवंबर को दिल्ली गया था। सोमवार की सुबह दिल्ली पहुंचने पर उसने गांधीनगर में रेडीमेड कपड़ों की खरीदारी की थी। इसके बाद दिल्ली के अंकुर विहार कॉलोनी भजनपुरा में रहने वाली अपनी बहन पूर्णिमा जायसवाल पत्नी नितिन जायसवाल के घर चला गया। वहां भोजन करके आराम किया। शाम करीब 6:00 बजे अपने मौसी के लड़के से मिलने के लिए दिल्ली के गोविंदपुरी कॉलोनी जाने की बात कह कर बहन के घर से निकला। गोविंदपुरी जाते समय लाल किले के पास हुए कार विस्फोट में घायल हो गया। इस घटना की जानकारी मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
तीन साल पहले हो चुकी है पिता की मौत
शिवा जायसवाल के पिता सुभाष जायसवाल की तीन साल पहले मौत हो चुकी है। जबकि उनकी माता माया जायसवाल भाजपा महिला मोर्चा की जिला महामंत्री रह चुकी हैं। घटना के बाद से घर पर शुभचिंतकों और रिश्तेदारों का जमावड़ा लग गया है। लोग उसकी सेहत का अपडेट जानने के लिए परेशान हैं। बहन पूर्णिमा जायसवाल ने परिजनों को फोन पर बताया कि शिवा की स्थिति ठीक है। उसका एलएनजेपी अस्पताल में इलाज चल रहा है। सोमवार की रात अस्पताल पहुंचे गृह मंत्री अमित शाह ने भी उसका हाल-चाल लिया था।




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