उधार के पैसे मांगने पर दलित युवक का सिर-मूंछ मुंडवाया, कालिख भी पोती, वीडियो वायरल
बरेली में उधार दी गई रकम वापस मांगने पर गुस्साए दबंगों ने दलित युवक का सिर और मूंछ मुंडवा दिया और चेहरे पर कालिख पोतकर अपमानित किया। करीब एक महीने बाद इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

यूपी के बरेली से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां उधार दी गई रकम वापस मांगने पर गुस्साए दबंगों ने दलित युवक का सिर और मूंछ मुंडवा दिया और चेहरे पर कालिख पोतकर अपमानित किया। करीब एक महीने बाद इस घटना का वीडियो सामने आने पर नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कर पूर्व प्रधान समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव गुरसौली में रहने वाले पप्पू दिवाकर की नवाबगंज क्षेत्र के गांव गेलाटांडा के पूर्व प्रधान चंद्रसेन से जान पहचान थी। इसके चलते पप्पू तीन महीने से पूर्व प्रधान के घर में रह रहा था। आरोप है कि चंद्रसेन ने ट्रैक्टर खरीदने के लिए पप्पू से साढ़े चार लाख रुपये उधार लिए थे। करीब एक महीने पहले उसने चंद्रसेन से अपने रुपये वापस मांगे तो उसने बेटे पप्पू, गोधन और चार-पांच अज्ञात लोगों के साथ मिलकर उसे जातिसूचक गालियां दीं। जबरन उस्तरे से सिर, मूंछ और भौंह मुंडवा दी। फिर चेहरे पर कालिख पोत कर अपमानित कर गांव से निकाल दिया।
गांव के तमाम लोगों के सामने यह घटना हुई और आरोपियों ने इसका वीडियो भी बनाया। इस घटना से उसका मानसिक संतुलन बिगड़ गया। घटना के एक महीने बाद पप्पू दिवाकर की ओर से पूर्व प्रधान चंद्रसेन, बेटे पप्पू, गोधन और चार-पांच अज्ञात के खिलाफ नवाबगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इस मामले में एसपी उत्तरी मुकेश चंद्र मिश्र ने बताया कि केस दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले की विवेचना नवाबगंज इंस्पेक्टर को सौंपी गई है।
पंचायत चुनाव को लेकर एक माह बाद सामने आया सिर मुड़वाने का वीडियो
दलित युवक का सिर मुंडवाकर उसे गांव से निकालने की घटना का वीडियो एक महीने बाद वायरल होने के पीछे प्रधानी के चुनाव की राजनीति बताई जा रही है। ये वीडियो एक महीने पहले घटना के समय ग्रामीणों ने बनाए थे, लेकिन इन्हें वायरल नहीं किया गया। अब जैसे ही ग्राम पंचायत चुनाव का समय करीब आया तो विरोधियों को ठिकाने लगाने के मकसद का इनका प्रयोग किया गया।
ग्रामीण के मुताबिक पप्पू दिवाकर पूर्व प्रधान चंद्रसेन के घर में रहकर तंत्र क्रिया करता था। इस खेल में पूर्व प्रधान भी उसका साझेदार था। पप्पू महिलाओं को संतान प्राप्ति का झांसा देकर तंत्र क्रिया के नाम पर उनसे रकम ऐंठता था। क्षेत्र के कई गांवों की महिलाएं उसके पास संतान प्राप्ति के लालच में तंत्र क्रियाएं कराने आती थी। इससे उसने लाखों रुपये एकत्र किए थे। इसी रकम में से 3.5 लाख रुपये उसने पूर्व प्रधान चंद्रसेन को ट्रैक्टर खरीदने के लिए दिए थे।
विरोधियों को ठिकाने लगाने को हरकत की
ग्रामीणों का कहना है कि प्रधानी का चुनाव नजदीक पर विरोधियों को ठिकाने लगाने की मंशा से एक महीने बाद फिर इस घटना को तूल दिया गया है। घटना के बाद पप्पू को जब गांव से निकाला गया तो वह पूरे दिन गांव के पास एक गन्ने के खेत में छिपा रहा था और रात होने पर चुपचाप चला गया। उसे किसी से शिकवा या शिकायत नहीं थी, बल्कि वह अपने किए पर शर्मिंदा था। मगर अब राजनीतिक लाभ के लिए इस वीडियो को वायरल किया गया है।
युवती से नजदीकी को लेकर बिगड़े संबंध
ग्रामीणों के मुताबिक पूर्व प्रधान के घर रहने के दौरान पप्पू की एक युवती से नजदीकियां हो गईं। यह मामला खुला तो लोग आक्रोशित हो गए। पूर्व प्रधान पर भी ग्रामीणों ने दबाव बनाया और फिर उसकी पिटाई के बाद सिर, भौं और मूंछ मुंडवाने के बाद चेहरे पर कालिख पोतकर गांव से निकाल दिया गया। उस समय उसे दी गई सजा से सभी ग्रामीण संतुष्ट थे। कुछ ग्रामीणों ने घटना का वीडियो भी बनाया, लेकिन सबकी सहमति होने के चलते वायरल नहीं किया गया।




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