यूपी में अब इस काम के लिए आसानी से नहीं मिलेगा लाइसेंस, सामने आ रही ये वजह
मथुरा और अलीगढ़ सहित कई स्थानों पर दूध और पनीर में मिली गड़बड़ी के बाद यह फैसला किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अब सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को डेयरियों पर खास निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।

यूपी में डेयरियों के लाइसेंस अब आसानी से नहीं मिलेंगे। मथुरा और अलीगढ़ सहित कई स्थानों पर दूध और पनीर में मिली गड़बड़ी के बाद यह फैसला किया गया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग ने अब सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को डेयरियों पर खास निगाह रखने के निर्देश दिए हैं। वहीं दीपावली से पहले आयुक्त खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन डा. रोशन जैकब के नेतृत्व में हुई कार्रवाई में जिन आठ डेयरियों के लाइसेंस निलंबित किए गए थे, उनके निरस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
खाद्य पदार्थों में मिलावट को लेकर विभाग सख्त है। मिलावटखोरों के खिलाफ विभाग प्रदेशभर में मुखबिर तंत्र विकसित कर रहा है। बीती कई बड़ी कार्यवाही इसी सर्विलांस पर आधारित थीं। मथुरा में मांट व गोवर्धन के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों के निलंबन के बाद विभागीय अधिकारियों में भी हड़कंप है। मथुरा व अलीगढ़ में आठ डेयरियों व दो दुकानों के लाइसेंस निलंबित करने के साथ ही पांच प्रतिष्ठानों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई थी।
मिलावटखोरों को दूसरे नाम से भी लाइसेंस नहीं
अब यह डेयरी संचालक दोबारा इनका संचालन नहीं कर पाएंगे। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि परिवार के सदस्य या किसी और नाम से भी लाइसेंस जारी न किया जाए। दरअसल, छापेमारी के दौरान सभी जगह पनीर में रसायन का प्रयोग होते मिला था। दूध की जगह बाकी स्थानों पर भी पाउडर से ही पनीर बनाया जा रहा था। अब विभाग ने प्रदेश भर में डेयरियों पर बेचे जाने वाले उत्पादों की नियमित जांच के निर्देश दिए हैं। आयुक्त ने कहा है कि डेयरी के लाइसेंस भी पूरी जांच-पड़ताल और मानकों पर खरा उतरने के बाद ही जारी किए जाएं। लाइसेंस लेने वाले का बैकग्राउंड भी देखा जाए।




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