कारोबारी पिता-पुत्र की हत्या करने वाले बदमाश की भी मौत, लोगों की पिटाई से हुआ था घायल
यूपी के बागपत में कारोबारी पिता-पुत्र की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या करने वाला बदमाश वरुण लाहोरी भी मारा गया है। गोलीबारी के बाद भाग रहे लाहोरी को लोगों ने पकड़कर पीटा था। किसी ने उसे गोली भी मारी थी।

यूपी में बागपत के बड़ौत में मंगलवार कारोबारी पिता-पुत्र की गोली मारकर हत्या करने वाले बदमाश वरुण लुहारी की भी मौत हो गई है। पिता-पुत्र की हत्या कर भागते समय वरुण लुहारी को लोगों ने पकड़ लिया था और जमकर पिटाई की थी। इसी दौरान भीड़ में ही शामिल किसी व्यक्ति ने उसे दो गोलियां भी मारी थीं। मंगलवार को दिनदहाड़े हुई वारदात से लोगों में दहशत है। आज बड़ौत बंद का भी आह्वान किया गया है। मारे गए कारोबारी सोहन लाल अग्रवाल के बेटे विकास की चार महीने पहले ही शादी हुई थी। विकास की पत्नी इस समय गर्भवती हैं। पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। प्रदेश में लगातार अपराधियों पर नकेल कसने की बातें हो रही हैं, इसके बाद भी दुस्साहसिक वारदातें नहीं रुकने से लोग सवाल उठा रहे हैं।
गोलीबारी से दहल उठा था बाजार
मंगलवार की शाम ताबड़तोड़ गोलीबारी से पूरा बाजार दहल उठा था। दिल्ली बस स्टैंड पुलिस चौकी से महज 30 मीटर की दूरी पर हिस्ट्रीशीटर ने अपने साथियों के साथ मिलकर दिनदहाड़े टेंट व्यवसायी सोहन लाल अग्रवाल और उसके बेटे विकास पर गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। एक राहगीर भी घायल हो गया था।
गोलीबारी कर भागते समय भीड़ ने हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी को पकड़ कर पीटा था और किसी ने गोली मार दी थी। उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां उसकी मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार घटना के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की 10 टीमें लगाई गई हैं।
बचाव में भी बदमाशों पर चलाई गईं गोलियां
मंगलवार शाम बाइकों पर सवार होकर पहुंचे हमलावरों ने कारोबारी सोहनलाल के घर और दुकान पर फायरिंग करनी शुरू कर दी। सोहनलाल और उनका बेटा विकास दुकान पर थे। सोहनलाल पक्ष के लोगों ने भी लाइसेंसी हथियारों से फायरिंग शुरू कर दी। इससे दिल्ली बस स्टैंड पर भगदड़ मच गई। वहां से गुजर रहे लोगों ने दुकानों और घरों में घुसकर जान बचाई। इसी बीच बाइक में पेट्रोल डलवाने पहुंचा पटटी चौधरान निवासी रोहित पैर में गोली लगने से घायल हो गया। गोली लगने के बाद वह जैसे-तैसे अपनी बाइक लेकर वहां से निकला।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दोनों ओर से एक दूसरे पर गोलियां बरसाई गईं। करीब 15 से 20 राउंड फायरिंग हुई। सूचना पर पुलिस बल पहुंचा। इसके बाद पुलिस कर्मियों ने जैसे-तैसे स्थिति पर नियंत्रण पाया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। घटनास्थल से एक पिस्टल, एक तमंचा और गोलियों की मैगजीन व खोखा कारतूस बरामद किए।
फरवरी में ही हुई थी विकास की शादी, पत्नी है गर्भवती
कारोबारी सोहनलाल के बेटे विकास की शादी चार महीने पहले फरवरी 2026 में सहारनपुर की रहने वाली युवती के साथ हुई थी। परिजनों ने बताया कि विकास की पत्नी तीन माह की गर्भवती है। मंगलवार शाम जैसे ही उसे पता चला कि विकास की गोली मारकर हत्या कर दी गई है, तभी से वह बेसुध है। परिवार में एक साथ दो मौतों से पूरे परिवार में कोहराम मचा है। सोहनलाल की मानसिक रूप से बीमार बेटी का भी रो-रोकर बुरा हाल है। आसपास के लोग पीड़ित परिवार को ढांढ़स बंधाने में लगे है।
संगठनों ने किया बाजार बंद का ऐलान
बड़ौत के व्यापारी संगठनों ने गोलीकांड़ के विरोध में बुधवार को बाजार बंद रखने का ऐलान कर दिया है। पदाधिकारियों का कहना है कि इस गोलीकांड़ ने व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए है। बताया कि घटना के विरोध में बुधवार को संपूर्ण बाजार बंद रहेगा।
बदमाश लुहारी पर 19 संगीन मुकदमे
वरुण लुहारी बड़ौत और बागपत के कुख्यात बदमाशों में से एक है। उस पर हत्या, अपहरण, लूट और रंगदारी जैसे करीब 19 संगीन मुकदमे दर्ज होने के बाद पुलिस ने उसे हिस्ट्रीशीटर घोषित किया था। फिरौती की रकम न देने पर उसने एक मासूम बच्चे की हत्या कर दी थी। जेल में बंद रहते हुए भी उसने अपना गैंग चलाया था।
लुहारी ने ऐसे अपराध की दुनिया में रखा कदम
वरुण लुहारी के हिस्ट्रीशीटर बनने और अपराध की दुनिया में उसके कदम रखने का मुख्य कारण रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई थी। उसके हिस्ट्रीशीटर बनने की प्रमुख वजह 17 जुलाई 2015 को हुई वारदात रही। तब बड़ौत के दिल्ली बस स्टैंड पर वरुण लुहारी के भाई पिंटू उर्फ कपिल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। इस हत्याकांड के बाद वरुण ने अपने भाई की मौत का बदला लेने के लिए खुद का गैंग बनाया था।
इसके बाद उसने अपने गैंग को मजबूत करने और अवैध हथियार खरीदने के लिए भड़ल गांव में आर्यन उर्फ क्रिश नामक बच्चे का फिरौती के लिए अपहरण किया था। उसने बच्चे की हत्या कर दी थी। भाई की हत्या के बाद से ही वरुण ने क्षेत्र के व्यापारियों, दुकानदारों और मुकदमे की पैरवी करने वाले लोगों को धमकाना, उन पर फायरिंग करना और रंगदारी मांगना शुरू कर दिया था।
इन संगीन वारदातों के कारण उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन इसके बावजूद उसने जेल के अंदर से ही बड़ौत के कपड़ा व्यापारियों से रंगदारी तक मांगी। जेल से भी आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने और भारी संख्या में वारदातों का रिकॉर्ड होने के कारण उसकी हिस्ट्रीशीट खोल दी गई थी।




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