CM Yogi ordered the recruitment of teachers with weightage in Divyang schools दिव्यांग स्कूलों में शिक्षकों की जल्द होगी भर्ती, वेटेज भी मिलेगा; सीएम योगी का आदेश, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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दिव्यांग स्कूलों में शिक्षकों की जल्द होगी भर्ती, वेटेज भी मिलेगा; सीएम योगी का आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे शैक्षिक संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। साथ ही नियमित भर्तियां हों तो ऐसे शिक्षकों को भर्ती में वेटेज भी दिया जाए।

Wed, 21 May 2025 10:53 PMPawan Kumar Sharma विशेष संवाददाता, लखनऊ
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दिव्यांग स्कूलों में शिक्षकों की जल्द होगी भर्ती, वेटेज भी मिलेगा; सीएम योगी का आदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए चलाए जा रहे शैक्षिक संस्थानों में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि ऐसे विद्यालयों में शिक्षकों के रिक्त पदों पर भर्ती की जाए। उन्होंने कहा है कि नियमित शिक्षकों की तैनाती तक वैकल्पिक इंतजाम किए जाएं और जब नियमित भर्तियां हों तो ऐसे शिक्षकों को भर्ती में वेटेज भी दिया जाए। दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने ऐसे शिक्षण संस्थानों में बाहरी लोगों के बिना जांच प्रवेश पर सख्ती बरतने के भी आदेश दिए हैं ताकि अराजक तत्वों से बचा जा सके।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी बचपन डे केयर सेंटरों, मानसिक मंदित आश्रय केंद्रों, समेकित विद्यालयों तथा ‘ममता’, ‘स्पर्श’ और ‘संकेत’ विद्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया जाए। अध्ययनरत बच्चों से संवाद स्थापित कर उनकी जरूरतों, उम्मीदों और अभिभावकों की अपेक्षाओं को समझते हुए व्यवस्थाएं बेहतर की जाएं।

शैक्षिक संस्थानों का प्रशासनिक तंत्र संवेदनशील और सतर्क रहे। कुछ अराजक तत्व सुनियोजित ढंग से दिव्यांगजनों के विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में भ्रम फैलाकर उन्हें अवांछित और समाजविरोधी गतिविधियों में शामिल करने का प्रयास कर रहे हैं। विद्यार्थियों की सुरक्षा और मानसिक-सामाजिक संरक्षण सुनिश्चित करें। सहायता के नाम पर प्रवेश करने वाली संस्थाओं की पृष्ठभूमि की गहन जांच-पड़ताल के बाद ही अनुमति दी जाए। मुख्यमंत्री ने लखनऊ स्थित डॉ. शकुंतला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय और चित्रकूट स्थित जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय में कौशल विकास पाठ्यक्रमों को प्राथमिकता दी जाए। इन संस्थानों का प्रचार-प्रसार ऐसा हो कि देशभर के इच्छुक दिव्यांगजन इन संस्थानों से जुड़ सकें।

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सभी मंडलों में स्थापित हों दिव्यांग पुनर्वास केंद्र

मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी मंडल मुख्यालयों पर ‘दिव्यांग पुनर्वास केंद्रों’ की स्थापना के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे पुनर्वास, शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित सेवाएं स्थानीय स्तर पर ही सुलभ हो सकेंगी। मुख्यमंत्री को बताया गया कि अब तक प्रदेश में 15 लाख दिव्यांगजन यूडीआईडी पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं। अधिकांश को यूनिक आईडी कार्ड जारी किया जा चुका है। 25 जिलों में 'चाइल्ड डे केयर सेंटरों' में दृष्टि, श्रवण व मानसिक रूप से दिव्यांग 1390 बच्चों को आवश्यक प्रशिक्षण व शिक्षा दी जा रही है। 16 विशेष विद्यालय, 7 समेकित विद्यालय व 5 मानसिक पुनर्वास केंद्र संचालित हैं जिनमें 1680 बच्चों को आवासीय शिक्षा दी जा रही है।

सांसद-विधायक निधि से भी दिलवाएं मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल

योगी आदित्यनाथ ने दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध करवाने में सांसदों और विधायकों की भी मदद लेने के निर्देश दिए हैं। उन्हें बताया गया कि पिछले वित्तीय वर्ष में 35,136 दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, ब्रेल किट्स जैसे सहायक उपकरण दिए गए, जिन पर 28.93 करोड़ रुपये खर्च हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते आठ साल में विभाग का बजट 10 गुना से ज्यादा बढ़ाकर सरकार ने अपनी संवेदनशलीता प्रदर्शित की है। 11.04 लाख दिव्यांगजनों को ₹1300 करोड़ रुपये की पेंशन वितरित की गई है। लगभग 12 हजार कुष्ठरोग पीड़ितों को प्रति माह 3000 रुपये की सहायता दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने पेंशन पाने वालों का सत्यापन करवाने के भी आदेश दिए हैं।

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कोक्लियर इंप्लांट से लाभान्वित परिवारों से संवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि 'कोक्लियर इम्प्लांट योजना' तभी प्रभावी हो सकती है, जब नवजात स्तर से ही उपचार शुरू हो। उन्होंने निर्देश दिए कि हाल ही में योजना से लाभांवित 214 बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति का फॉलोअप करें और परिवारों से संवाद स्थापित करें। मुख्यमंत्री को जानकारी दी गई कि दिव्यांगजनों को राज्य परिवहन निगम की बसों में निशुल्क यात्रा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। पिछले वित्तीय वर्ष में 31 लाख से ज्यादा दिव्यांगजनों ने योजना का लाभ लिया।

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