जिनके गांव में योगी हर साल मनाते हैं दिवाली, उनके नाम जुड़ी ये बड़ी उपलब्धि
गोरखपुर का गांव जंगल तिनकोनिया नंबर तीन प्रदेश का पहला और देश का दूसरा ‘जल अर्पण गांव’ बन गया है। प्रदेश के सभी गांवों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत अब इस गांव में पानी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था ग्रामीण खुद संभालेंगे।

2017 के पहले तक राजस्व ग्राम का दर्जा तक न होने के चलते बुनियादी अधिकारों से वंचित रहे वनटांगियों के नाम एक बड़ी उपलब्धि जुड़ गई है। गोरखपुर का गांव जंगल तिनकोनिया नंबर तीन (सीएम योगी हर साल यहां दिवाली मनाते हैं) प्रदेश का पहला और देश का दूसरा ‘जल अर्पण गांव’ बन गया है। प्रदेश के सभी गांवों में हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए शुरू किए गए अभियान के तहत अब इस गांव में पानी आपूर्ति की पूरी व्यवस्था ग्रामीण खुद संभालेंगे। जिसका नेतृत्व ग्राम प्रधान करेंगे। अब गांव के लोग की पानी के मालिक होंगे और उन्हीं की देखरेख में योजना को संचालित किया जाएगा।
शुक्रवार को सांसद रविकिशन शुक्ल ने अधिकारियों के साथ वनटांगिया गांव के प्रधान और ग्रामीणों को जल कलश सौंपकर जल अर्पण कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर रवि किशन ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पानी की सौगात दी है। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण की अपील करते हुए कहा कि पानी हर जरूरतमंद के पास पहुंचे और पानी को बर्बाद न किया जाए। ये हर ग्रामवासी की सोच होनी चाहिए। कार्यक्रम के दौरान विधायक महेंद्रपाल सिंह, विपिन सिंह, भारत सरकार के अतिरिक्त सचिव व जल जीवन मिशन के एमडी कमल किशोर, जल निगम ग्रामीण के एमडी डॉ. राजशेखर, गोरखपुर के जिलाधिकारी दीपक मीणा, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक प्रभाष कुमार समेत बड़ी संख्या में राज्य सरकार के अधिकारी मौजूद थे।
सांसद ने टंकी पर राखी बांध जल संरक्षण का दिया संदेश
सांसद रविकिशन ने भारत सरकार और राज्य पेयजल स्वच्छता मिशन के अधिकारियों के साथ वनटांगिया गांव में दिए गए नल कनेक्शन का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पानी की गुणवत्ता जांचने के लिए नल से पानी पिया। सांसद रविकिशन अधिकारियों के साथ खुद टंकी के ऊपर चढ़े और कर टंकी पर राखी बांध जल संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम की शुरूआत से पहले वनटांगिया गांव के स्थानीय स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकालकर पूरे गांव को जल संरक्षण और स्वच्छता का संदेश दिया। इसके बाद बच्चों ने गांवों के नल कनेक्शन को राखी बांधकर जल बंधन कार्यक्रम किया। कार्यक्रम के दौरान सांसद रवि किशन ने ग्रामीणों को सम्मानित भी किया। सांसद ने ग्राम प्रधान इंदूलता, मुखिया रामगणेश, पंप ऑपरेटर गुड्डू निषाद, एफटीके सदस्य ज्योति और जल मित्र निहाल को सम्मानित किया।
10 साल तक कार्यदायी संस्था की होगी रखरखाव की जिम्मेदारी
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका दीर्घकालिक और टिकाऊ मॉडल है। पेयजल आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालने वाली कार्यदायी एजेंसी अगले 10 वर्षों तक संचालन, रखरखाव और गुणवत्ता की सतत निगरानी करेगी। इससे ग्रामीणों को बिना रुकावट, मानक के अनुरूप नल से शुद्ध जल उपलब्ध होता रहेगा।
योगी सरकार की प्राथमिकता में वनटांगिया गांव
अंग्रेजों के जमाने और आजादी के बाद भी दशकों तक शोषण और उपेक्षा के शिकार रहे वनटांगिया के गांव सीएम योगी की प्राथमिकता में हैं। प्रदेश में योगी सरकार बनने के बाद इन गांवों को न सिर्फ राजस्व ग्राम का दर्जा दिया गया है बल्कि यहां पीएम-सीएम आवास, बिजली, अस्पताल, स्कूल सहित विकास के विभिन्न आयामों पर तेजी से काम भी हुआ है। बताया जा रहा है कि जल अर्पण गांव का यह अभियान पूरे प्रदेश के लिए रोल मॉडल बनेगा। इस अभियान के तहत सरकार का लक्ष्य है कि इस मॉडल को चरणबद्ध तरीके से प्रदेश के हर जिले और हर गांव तक पहुंचाया जाए।
प्रदेश के 51,000 गांवों तक पहुंचा नल से जल
मिली जानकारी के अनुसार प्रदेश स्तर पर हर घर जल अभियान के तहत अब तक 51 हजार गांवों ( राजस्व गांव) में 100 प्रतिशत जलापूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। अब तक प्रदेश के 26,531 राजस्व गांव ‘हर घर जल’ से प्रमाणित हो चुके हैं। गोरखपुर जिले में 5,55,478 परिवारों को नल से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है।




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