यूपी SIR में 2.89 करोड़ वोटरों की छंटनी के बाद ऐक्शन में योगी, मंत्रियों को फील्ड में दौड़ाया
एसआईआर की ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में जाएं और पड़ताल करें कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कौन पात्र लोग शामिल होने से रह गए हैं, कितने अपात्र लोगों को इसमें जगह दी गई है। उन्हें वीबी जी राम जी योजना के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है।

उत्तर प्रदेश की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) में 2.89 करोड़ (18.71%) मतदाताओं के नाम काट दिए गए हैं। राज्य में 15.44 करोड़ वोटर थे, जो अब 12.55 करोड़ रह गए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी की। इसके साथ ही इस बात की चर्चा भी शुरू हो गई है कि वोटरों की इस छंटनी का नुकसान सबसे ज्यादा किसे होगा? इस बीच सीएम योगी आदित्यनाथ ऐक्शन मोड में आ गए हैं। विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और विकसित भारत जी राम जी योजना के मसले पर उन्होंने पूरे पूरे मंत्रिमंडल को जमीन पर उतरने के निर्देश दिए हैं।
एसआईआर की ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद अब सभी मंत्रियों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे अपने क्षेत्रों में जाएं और पड़ताल करें कि ड्राफ्ट मतदाता सूची में कौन पात्र लोग शामिल होने से रह गए हैं और कितने अपात्र लोगों को इसमें जगह दी गई है। इसके अलावा उन्हें वीबी जी राम जी योजना के लिए भी प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। इस साल प्रस्तावित पंचायत चुनाव प्रस्तावित हैं। ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार की अहम योजना रही मनरेगा की जगह अब केंद्र सरकार ने विकसित भारत रोजगार गारंटी और आजीविका मिशन ग्रामीण (वीबी जीरामजी) शुरू किया है। योजना को लेकर विपक्ष लामबंद है। भाजपा ने तो जवाब की योजना तैयार कर ही रखी है। अब जवाबी हमले में योगी सरकार भी उतरेगी। सभी मंत्रियों को उनके प्रभार के जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस और अन्य कार्यक्रमों के माध्यम से योजना के प्रचार-प्रसार की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें निर्देश दिए गए हैं कि वे योजना के लाभ और मनरेगा की कमियां जनता से साझा करें।
सबसे ज्यादा लखनऊ में कटे हैं नाम
सूची में सबसे ज्यादा 12 लाख मतदाताओं के नाम लखनऊ में कटे हैं। महोबा में सबसे कम 85,354 वोटरों के नाम ही कटेंगे। सीईओ रिणवा ने बताया कि अभी सिर्फ नई मतदाता सूची ही एसआईआर के बाद तैयार करने के निर्देश हैं। उन्होंने बताया कि सूची में जिन लोगों के नाम कटे हैं वे 13 दस्तावेजों में से कोई एक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को देंगे। सीईओ ने बताया कि 27 अक्तूबर को फ्रीज की गई मसौदा मतदाता सूची में मतदाता की जो तस्वीर थी, वही रहेगी। ऐसे तमाम मतदाता हैं जिन्होंने गणना प्रपत्र पर नवीनतम तस्वीर नहीं लगाई है, मगर उनकी मैपिंग हो गई है। जिन्होंने लोगों ने तस्वीर उपलब्ध करा दी है उनकी मतदाता सूची में वही नवीनतम तस्वीर अपडेट हो जाएगी।
एक करोड़ वोटरों से मांगे गए दस्तावेज
राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) नवदीप रिणवा ने मंगलवार को मसौदा मतदाता सूची जारी की। इसके अनुसार, वोटर लिस्ट में शामिल 12.55 करोड़ मतदाताओं में से 91.75 प्रतिशत की मैपिंग कर ली गई है। जिन लोगों के नाम मैपिंग में नहीं मिले हैं, उन 1.04 करोड़ मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे जाएंगे। मतदाता सूची पर दावे और आपत्तियां छह फरवरी तक की जा सकेंगी। अंतिम मतदाता सूची छह मार्च को जारी होगी।




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