40 देशों की यात्रा, 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन, धर्मांतरण के मास्टरमाइंड झांगुर पर अब ED शिकंजा
यूपी के अवैध धर्मांतरण के मुख्य आरोपी और मास्टरमाइंड पर बुलडोजर ऐक्शन के बाद अब ईडी का शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। गुर और उसकी संस्थाओं में 100 करोड़ से ज्यादा लेन-देन की बात सामने आई है। इसके साथ ही यह बात भी खुली है कि बाबा और गिरोह के सदस्य अब तक 40 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुके है।

यूपी में अवैध धर्मांतरण के मास्टरमाइंड जलालुद्दीन उर्फ झांगुर बाबा पर बुलडोजर ऐक्शन के बाद अब ईडी ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। झांगुर और उसकी संस्थाओं में 100 करोड़ से ज्यादा लेन-देन की बात सामने आने पर ईडी ने एफआईआर दर्ज कर ली है। ईडी इस मामले में मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जांच करेगी। उसने एटीएस, एसटीएफ और स्थानीय पुलिस से अब तक की गई कार्रवाई का ब्योरा मांगा है। वहीं बाबा और गिरोह के सदस्य अब तक 40 बार इस्लामिक देशों की यात्रा कर चुके है। इस यात्रा का खर्चा गिरोह को फंडिंग के जरिए मिलता था। इनके बैंक खातों से भी इसकी पुष्टि हुई है। खातों में लेन-देन की कई धनराशि के बारे में झांगुर बाबा ने संतोषजनक जवाब नहीं दिया है।
फर्जी दस्तावेजों से 40 से अधिक संस्थाएं
एटीएस की जांच में खुलासा हुआ था कि झांगुर ने फर्जी दस्तावेजों से 40 से अधिक संस्थाएं बना रखी थी। विदेशों से अक्सर इन संस्थाओं के खाते में रकम भेजी जाती थी। इन खातों की पड़ताल में एटीएस को चौंकाने वाली जानकारी मिली थी। पता चला था कि इन खातों में 100 करोड़ से अधिक की रकम का लेन-देन हो चुका है। इसके अलावा यह भी पता चला था कि झांगुर ने करोड़ों रुपये से कोठी बनवाई थी। कई लग्जरी गाड़ियां खरीदी थी। गिरोह के कई सदस्यों की सम्पत्ति का भी ब्योरा जुटाया गया था।
ईडी के एक अधिकारी के मुताबिक एटीएस ने इस सम्बन्ध में उन्हें पत्र भेजा था। करोड़ों के लेन-देन को लेकर ही ईडी ने झांगुर के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ईडी आगे की कार्रवाई के लिए झांगुर को रिमाण्ड पर लेने के लिए कोर्ट में अर्जी भी देगी।
40 खातों से 100 करोड़ के लेन-देन का खुलासा
झांगुर और उसके गिरोह ने एक साल में विदेशी फंडिंग से करोड़ों की सम्पत्ति बनाई। बड़े शोरूम, बंगला, लग्जरी गाड़ियां खरीदीं। शिकायत पर गिरोह का नेटवर्क खंगाला गया तो खुलासा हुआ कि झांगुर और उसके साथियों ने खुद, अपनी संस्थाओं के नाम बैंकों में 40 खाते खुलवाए और इसमें अब तक 100 करोड़ से अधिक का लेन-देन हो चुका है। यह रकम विदेशों से भेजी गई है
खुद को पीर बाबा-सूफी बताता था झांगुर बाबा
जलालुद्दीन उर्फ झांगुर बाबा खुद को पीर बाबा और सूफी बासफा हजरत बाबा बताता था। शिजर-ए-तैय्यबा किताब छपवाकर इस्लाम का प्रचार करता था। गिरोह में महबूब, पिंकी हरिजन, हाजिरा शंकर, एमेन रिजवी (कथित पत्रकार), सगीर है। मुस्लिम बने सिंधी दम्पत्ति भी थे। इस गिरोह पर आजमगढ़ के देवगांव थाने में भी वर्ष 2023 में एफआईआर दर्ज हुई थी।
जाति के आधार पर लड़कियों की मिलती थी रकम
एटीएस के मुताबिक हिन्दु धर्म की ब्राहम्ण, सरदार व क्षत्रिय की लड़की के इस्लाम धर्म स्वीकार करने पर 15-16 लाख रुपए, पिछड़ी जाति की लड़की को 10-12 लाख और अन्य जाति की लड़कियों को आठ से 10 लाख रुपए दिए जाते थे। यह भी सामने आया कि अगर कोई लड़की ज्यादा विरोध करती थी तो उसे धमकाकर धर्मांतरण करवा दिया जाता था और तब ये धनराशि नहीं दी जाती थी। इतना ही नहीं विरोध करने पर गिरोह के सदस्य पीड़ितों को फर्जी मुकदमों में फंसाने की धमकी भी देते थे।
धर्मांतरण की आरोपी झांगुर की कोठी पर दूसरे दिन भी चला बुलडोजर
बलरामपुर के उतरौला कोतवाली अंतर्गत मधपुर गांव स्थित धर्मांतरण के मुख्य आरोपी जलालुद्दीन उर्फ छांगुर की कोठी पर दूसरे दिन बुधवार को भी बुलडोजर चलाया गया। सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए पक्के भवन का आधा हिस्सा मंगलवार को ही ढहा दिया गया था। बुधवार को वर्ष के कारण दोपहर 12 बजे कोठी पर बुलडोजर चलाने की कार्रवाई शुरू की गई। आलीशान कोठी के निर्माण पर लगभग 12 करोड रुपए खर्च हुए हैं। कोठी पर बुलडोजर चलता देखने के लिए दर्जनों की संख्या में ग्रामीण एकत्रित है। मौके पर उतरौला के एसडीएम राजेंद्र बहादुर, अपर पुलिस अधीक्षक विशाल कुमार पांडेय, तहसीलदार सत्यपाल प्रजापति, शिक्षा अधिकारी राघवेंद्र प्रताप, कोतवाल अवधेश राज सिंह के साथ एक प्लाटून पीएसी व भारी पुलिस बल मौजूद है।




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