प्रॉपर्टी हड़पने के लिए चांदनी ने आयुष को 'अली' बनाया! पिता ने बोले- फर्जी निकाह
शामली में दवा कारोबारी के बेटे के कथित धर्मांतरण मामले में पुलिस ने पत्नी चांदनी कुरैशी और ससुर इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोप है कि संपत्ति हड़पने के लिए युवक को प्रेम संबंधों के जरिए फंसाकर धर्म परिवर्तन कराया गया। आयुष का नाम अली रख दिया।

शामली जिले के दवा व्यापारी के बेटे के धर्मांतरण मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी चांदनी कुरैशी और ससुर इस्लाम कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि संपत्ति हड़पने के लिए युवक को प्रेम जाल में फंसाया और ब्लैकमेल कर उसका धर्म परविर्तन करा शादी रचाई। एसपी ने बताया कि दोनों को जेल भेज दिया है। तीन मौलवियों समेत आठ अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। शहर के प्रमुख दवा कारोबारी देवराज मलिक के इकलौते बेटे आयुष मलिक की चांदनी कुरैशी से शादी के लिए धर्म परिवर्तन का मामला वर्षों से दबा हुआ था। बघरा स्थित योग साधना आश्रम के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने चार दिन पहले मामले को उठाकर जबरन धर्म परिवर्तन का आरोप लगाकर इसे सुर्खियों में ला दिया। यशवीर महाराज ने पुलिस द्वारा कार्रवाई नहीं किए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी थी। पुलिस एवं खुफिया विभाग ने दवा व्यवसायी और उनके परिवार से पूछताछ की थी। देवराज मलिक ने शनिवार रात बेटे आयुष की पत्नी, उसके परिवार और तीन मौलवियों समेत 10 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
12 जून को महापंचायत का ऐलान
धर्मांतरण मामले में युवती और उसके पिता की गिरफ्तारी के बाद शहर में हर तरफ इस मामले की चर्चा है। इससे पूर्व दवा व्यवसायी देवराज मलिक ने पुलिस को बयान देते हुए अपने बेटे की घर वापसी की इच्छा जताई थी, लेकिन पुलिस को लिखित में शिकायत नहीं दी। इस पर पुलिस की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ पा रही थी। उधर, कार्रवाई न होने पर यशवीर महाराज ने 12 जून को युवती के मोहल्ले कुरैशी वाली बस्ती में महापंचायत का ऐलान कर दिया। इसके बाद घटनाक्रम तेजी से बदला। मेडिकल व्यवसायी देवराज मलिक ने युवती चांदनी कुरैशी एवं उसके पिता इस्लाम कुरैशी, बहन राहिल, सुमाइला, राबिया व भाई आस मोहम्मद व काजीवाड़ा निवासी हुमा पत्नी सादाब, सलीम उर्फ भोला व मौलवी मुनव्वर व दो अन्य अज्ञात मौलवी के खिलाफ शनिवार रात मुकदमा दर्ज करा दिया।
पिता बोले- फर्जी निकाहनामा कराया
देवराज मलिक ने आरोप लगाया कि इन सभी ने मिलकर चार साल पहले फर्जी निकाहनामा दिखाकर उनके परिवार से अनुचित मांग करते हुए उनके बेटे को इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर दिया। वहीं, एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि पुलिस जांच में स्थिति साफ होने पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी युवती चांदनी व उसके पिता इस्लाम कुरैशी को आजाद चौक कादियान मस्जिद के सामने से गिरफ्तार कर लिया है। अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
जिम में दोस्ती, फिर प्रेमजाल में फंसाया
एसपी ने बताया चांदनी एक फिजियोथेरेपिस्ट के यहां काम करती थी। आयुष से उसकी मुलाकात वहां हुई। इसके बाद आयुष जिम जाने लगा तो युवती उसी जिम में काम करने लगी। युवती ने आयुष को प्रेमजाल में फंसा लिया। इसके बाद भाई आस मोहम्मद, आयुष के मेडिकल स्टोर पर काम करने लगा। युवती का पिता ठेली लगाकर जूस बेचता है। पूरे परिवार ने संपत्ति हड़पने के लिए आयुष को फंसाकर उसका धर्म परिवर्तन कराया।
आयुष का नाम मोहम्मद अली रखा
पुलिस के मुताबिक चार साल पहले फर्जी निकाहनामा तैयार कर और दबाव बनाकर धर्म परिवर्तन करा आयुष का नाम मोहम्मद अली रखा गया। एसपी ने बताया वह मुस्लिम लिबास में रह रहा है। उसके पिता से बात नहीं होती। एसपी ने बताया कि इस मामले में कई धर्मगुरुओं की भी संलिप्ता सामने आ रही है। दिल्ली में तथाकथित निकाह होने की बात कही जा रही है। वहां के लोगों को भी जांच के दायरे में लिया गया है। मुंबई में भी युवक को ले जाया गया। तह तक जाकर सभी दोषियों को गिरफ्तार किया जाएगा। उधर, स्वामी यशवीर महाराज का कहना है कि धर्म परिवर्तन के बाद उक्त युवक का खतना मुंबई में कराया गया। एसपी ने बताया कि पाकिस्तान के इस्लामिक गुरु डा. इसरार के सोशल मीडिया पर व्याख्यान को यह फ्लो करता है।
हिंदू संगठनों का हंगामा
हिन्दू रक्षा दल के उत्तराखंड प्रदेश अध्यक्ष ललित शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने शामली रेलवे स्टेशन पर प्रदर्शन किया। प्रदेश अध्यक्ष ने अर्द्धनग्न होकर विरोध जताया। उन्होंने देवराज मलिक के पुत्र आयुष के कथित धर्मांतरण के मामले में उचित जांच करा सख्त कार्रवाई की मांग की।




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