आज से जनगणना वाले आपके घर गिनेंगे, पूछेंगे 33 सवाल, मात्र 46 लाख लोगों ने की स्वगणना
यूपी में आज से मकानों को गिनने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। जबकि इंसानों की गिनती दूसरे चरण यानी अगले साल फरवरी में होगी। जनगणना के लिए नियुक्त प्रगणक घर-घर जाएंगे और लोगों से 33 सवाल पूछेंगे। इन सवालों के जवाब को प्रगणक मोबाइल एप्लीकेशन पर फीड करेंगे।

Census 2027: यूपी में आज से मकानों को गिनने का सिलसिला शुरू होगा, जबकि इंसानों की गिनती दूसरे चरण यानी अगले साल फरवरी में होगी। शुक्रवार से जनगणना के लिए नियुक्त प्रगणक घर-घर जाएंगे और लोगों से 33 सवाल पूछेंगे। इन सवालों के जवाब को प्रगणक मोबाइल एप्लीकेशन पर फीड करेंगे। स्वगणना का गुरुवार को अंतिम दिन था। 7 से 21 मई तक चली मुहिम के दौरान 46 लाख 93 हजार 783 लोगों ने स्वगणना की। जिसमें राज्यपाल आनंदीबेन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल हैं।
स्वगणना करने के मामले में शाहजहांपुर सबसे आगे जबकी कौशांबी सबसे पीछे रहा। वहीं, राजधानी लखनऊ में 98331 लोगों ने स्वगणना में हिस्सा लिया। अब जनगणना का पहला चरण हाउस सर्वे से शुरू होगा। 20 जून तक कर्मचारी घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। परिवार, मकान, संपत्ति से जुड़े 33 सवालों के जवाब दर्ज करेंगे। आजादी के बाद पहली बार जनगणना डिजिटल मोड में कराई जा रही है। वहीं, तय समय पर जनगणना के लिए सरकार ने लंबा-चौड़ा अमला लगाया है। पूरी प्रक्रिया के लिए 5 लाख 25 हजार अफसर और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
जांच के बाद मिलेगा वेतन
जनगणना का कार्य समाप्त होने के बाद अपने चार्ज ऑफिसर से ड्यूटी किए जाने का प्रमाण पत्र लेना होगा। जारी प्रमाण पत्र कोषागार में जमा करने होगा। प्रमाण पत्र की जांच के बाद कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। कोषागार में ड्यूटी लगाए गए कर्मचारियों की सूची के साथ आदेश जारी कर दिया गया है। वहीं, जनगणना की ड्यूटी से गायब रहना कर्मचारियों को भारी पड़ सकता है। उनका वेतन रोक दिया जाएगा। वेतन तभी मिलेगा, जब कोषागार में ड्यूटी का प्रमाण पत्र जमा करेंगे। जनगणना के नोडल अधिकारी व अपर जिलाधिकारी वित्त व राजस्व राकेश सिंह ने गुरुवार को सख्त आदेश जारी किया है। उन्होंने कहा है कि जनगणना का कार्य राष्ट्रीय है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी।
17 अप्रैल से 21 मई तक चला स्वगणना
जनगणना-2027 के प्रथम चरण के तहत स्वगणना प्रक्रिया की शुरुआत बीते 17 अप्रैल से हुई थी। पहली बार डिजिटल पहल के तहत लोगों को प्रगणक के घर आने से पहले ही घर बैठे ऑनलाइन फॉर्म भरकर अपने परिवार का विवरण दर्ज करने की सुविधा दी गयी थी। इस प्रक्रिया के तहत कोई भी नागरिक घर बैठे आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से स्वयं अपना और परिवार का विवरण दर्ज कर सकता था। फॉर्म भरने के बाद परिवार के मुखिया को 11 अंकों की एक आईडी मिली है जो जनगणना कर्मी घर आने पर दिखाना होगा। यह प्रक्रिया गुरुवार को रात 12 बजे समाप्त हो गयी। शाम 6 बजे तक लखनऊ में स्वणना की संख्या एक लाख पार नहीं हो सकी, जबकि कई जिलों में तीन लाख के करीब तक स्वगणना की संख्या पहुंच गयी थी।




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