गंगा एक्सप्रेसवे पर 1.5 KM दूर से CCTV कैमरे पकड़ेंगे ट्रैफिक नियम के उल्लंघन, स्टंट व स्पीड पर खास नजर
गंगा एक्सप्रेसवे पर 1.5 KM दूर से सीसीटीवी कैमरे ट्रैफिक नियम के उल्लंघन पकड़ेंगे। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद किया है कि अब कोई भी नियम तोड़ने वाला बच नहीं पाएगा।

UP News: मेरठ-प्रयागराज गंगा एक्सप्रेसवे पर करीब डेढ़ किमी दूर से ही तीसरी आंख वाहनों पर पैनी नजर रखेगी। यूपीडा के अधिकारियों के अनुसार 594 किलोमीटर के गंगा एक्सप्रेसवे में उच्च क्षमता के सीसीटीवी कैमरे की व्यवस्था की गई है। एक्सप्रेसवे पर सुरक्षा व्यवस्था को इतना चाक-चौबंद किया है कि अब कोई भी नियम तोड़ने वाला बच नहीं पाएगा। यही नहीं गंगा एक्सप्रेसवे पर स्टंटबाजों की भी खैर नहीं। यदि किसी ने भी स्टंटबाजी की तो कानूनी कार्रवाई तय है। गाड़ियों की स्पीड पर भी नजर रहेगी। यूपीडा ने यहां उच्च तकनीक वाले सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछा दिया है। एक्सप्रेसवे पर लगाए गए ये कैमरे सामान्य नहीं हैं।
इनकी क्षमता इतनी अधिक है कि ये 1.5 किलोमीटर की दूरी से ही तेज रफ्तार में आ रही गाड़ियों को ट्रैक कर सकते हैं। अगर कोई चालक स्टंट करता है या खतरनाक तरीके से गाड़ी चलाता है, तो वह तुरंत कंट्रोल रूम की नजर में आ जाएगा। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य एक्सप्रेसवे पर होने वाली दुर्घटनाओं को रोकना है। स्टंटबाजों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है।
साफ दिखेगी नंबर प्लेट
अक्सर देखा जाता है कि धुंध या हाई स्पीड के कारण गाड़ियों के नंबर प्लेट स्पष्ट नहीं हो पाते, लेकिन गंगा एक्सप्रेसवे पर लगे इन कैमरों के साथ यह समस्या नहीं होगी। हाई-डेफिनिशन विजुअल्स कैमरे बिल्कुल साफ तस्वीरें कैप्चर करेंगे। नंबर प्लेट रिकग्निशन से गाड़ियों की नंबर प्लेट की स्पष्ट पहचान होगी, जिससे चालान काटने की प्रक्रिया बेहद आसान और सटीक हो जाएगी। साथ ही त्वरित कार्रवाई हो सकेगी।
29 अप्रैल को पीएम मोदी करेंगे लोकार्पण
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 29 अप्रैल को हरदोई में गंगा एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। यह मार्ग पश्चिमी उत्तर प्रदेश को सीधे पूर्वी यूपी से जोड़ते हुए प्रदेश के आर्थिक और सामाजिक तानेबाने को मजबूत करेगा और यात्रा को तेज, सुरक्षित व सुगम बनाएगा। लोगों के सफर को रफ्तार मिलेगी।गंगा एक्सप्रेसवे से 12 जिलों मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज को सीधा लाभ मिलेगा। इन जिलों के 519 गांव इस परियोजना से जुड़े हैं, जिससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां तेज होंगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। गंगा एक्सप्रेसवे इसका सशक्त उदाहरण है। वर्ष 2020 में मंत्रिपरिषद से स्वीकृति मिलने के बाद इस परियोजना को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाया गया और रिकार्ड समय में इसे पूरा करने की दिशा में काम हुआ।




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