अखिलेश और उनकी बेटी की AI से फोटो बनाकर अभद्र टिप्पणी, सपाइयों ने जताई नाराजगी, केस दर्ज
सोशल मीडिया पर अखिलेश यादव और उनकी बेटी की एआई जनरेटेड फोटो के साथ कथित छेड़छाड़ कर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। फोटो वायरल होने के बाद सपा नेताओं ने नाराजगी जताते हुए साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है।

सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और उनकी बेटी अदिति यादव की एआई के माध्यम से फोटो बनाकर आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर फोटो वायरल होने की जानकारी होने पर सपा एमएलसी ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। साइबर पुलिस आरोपी इंस्टाग्राम यूजर की पहचान करने के प्रयास में जुटी है।
प्रयागराज के प्रीतमनगर के रहने वाले सपा एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव की तहरीर के मुताबिक, सपा चीफ अखिलेश यादव और उनकी बेटी अदिति यादव की एआई जनरेटेड फोटो लगाकर आपत्तिजनक टिप्पणी की गई है। आरोप है कि इंस्टाग्राम आईडी shekhar 93653 से सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा है। एमएलसी डॉ. मान सिंह यादव ने साइबर क्राइम पुलिस ने आरोपी की पहचान कर कानूनी कार्रवाई और आईडी बंद करवाने की मांग की है।
आरोप लगाया कि सुनियोजित तरीके से सपा प्रमुख और उनके परिवार की छवि धूमिल करने का काम किया गया है। उधर, एसीपी साइबर क्राइम राजकुमार मीणा ने बताया कि इंस्टाग्राम यूजर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इंस्टाग्राम प्लेटफार्म से यूजर का विवरण मांगा गया है। जल्द ही आरोपी की पहचान कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पिछले महीने भी अदिति की फोटो संग हुई थी छेड़छाड़
इससे पहले भी अदिति यादव की फोटो के संग छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पिछले महीने अखिलेश यादव की पुत्री अदिति यादव की कथित रूप से अर्धनग्न फोटो सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जाने के मामले में जिला न्यायालय का दरवाजा खटखटाया गया था। गौतमबुद्धनगर जिला न्यायालय में द्वितीय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में बार एसोसिएशन अध्यक्ष व अधिवक्ता मनोज भाटी द्वारा धारा 173(4) बीएनएसएस के अंतर्गत प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया गया। प्रार्थी ने अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की।
अधिवक्ता द्वारा प्रार्थना पत्र में लिखित दिया गया, ‘इंडियन स्टोरी’ नामक एक्स/फेसबुक अकाउंट से अदिति यादव की कथित आपत्तिजनक फोटो पोस्ट की गई, जिससे उनकी तथा पूरे परिवार की छवि धूमिल करने और सामाजिक रूप से बदनाम करने का प्रयास किया गया। आरोप था कि उक्त पोस्ट पर 100 से अधिक आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं, जिससे परिवार को मानसिक आघात पहुंचा।
प्रार्थी का कहना था कि यह कृत्य संविधान के अनुच्छेद 21 का उल्लंघन है तथा भारतीय न्याय संहिता बीएनएस की धारा 151, 356, 356(3), 354-C एवं आईटी एक्ट की धारा 66E और 67 के तहत दंडनीय अपराध बनता है वहीं, प्रार्थना पत्र में यह भी उल्लेख था कि 30 दिसंबर 2025 को थाना सूरजपुर में लिखित तहरीर दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद 1 जनवरी 2026 को पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल) को रजिस्टर्ड डाक से शिकायत भेजी गई, परंतु उस पर भी अब तक कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई।




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