यूपी में एसडीएम और तहसीलदार समेत 6 पर मुकदमा, जानिए क्या है मामला
उत्तर प्रदेश के सीतापुर में एक व्यक्ति ने स्कूली दस्तावेजों में अपने असली पिता का नाम दर्ज रखा लेकिन बाद में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, एआरटीओ और पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से आधार, पैन, राशन कार्ड आदि में अपने सौतेले पिता का नाम दर्ज करा लिया। मामले में अफसरों पर केस दर्ज कर लिया गया है।

UP News:उत्तर प्रदेश के सीतापुर में लहरपुर इलाके में एक व्यक्ति ने स्कूली दस्तावेजों में अपने असली पिता का नाम दर्ज रखा लेकिन बाद में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, एआरटीओ और पूर्ति निरीक्षक की मिलीभगत से आधार, पैन, राशन कार्ड आदि में अपने सौतेले पिता का नाम दर्ज करा लिया। अपने नाना का नाम उनके सौतेले बेटे के इस्तेमाल करने की खबर पाकर नाती और उसकी मां ने इसका विरोध किया और अफसरों से गुहार लगाई, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस पर नाती ने आरोपी और उसकी मदद करने वाले उक्त अफसरों के खिलाफ कोर्ट के आदेश से केस दर्ज कराया है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की है।
बाराबंकी के थाना बडडूपुर के पकरियापुर मजरा बड़ागांव निवासी विनय कुमार ने कोर्ट के आदेश से लहरपुर कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में कहा है कि उसकी मां रुकमिणी देवी उर्फ अनीता कुमार लहरपुर क्षेत्र के गिरगिटिपुर मजरा पूरनपुर निवासी सोहन लाल की बेटी हैं। सोहनलाल का 1972 में स्वर्गवास हो गया था। तब पीड़ित की मां रुकमिणी दो साल की थीं। सोहनलाल की मृत्यु के बाद रुकमिणी देवी की मां और पीड़ित की नानी राजेश्वरी देवी ने अपने पति सोहनलाल के सगे भाई ओम प्रकाश से दूसरी शादी कर ली थी। उसके बाद पीड़ित की नानी राजेश्वरी व ओम प्रकाश से 27 जुलाई 1976 को विपक्षी मनोज कुमार का जन्म हुआ।
इसके बाद विपक्षी मनोज कुमार ने स्कूल, कॉलेज आदि में अपने असली पिता ओम प्रकाश का नाम दर्ज रखा लेकिन बाद में बदनीयती से फर्जी दस्तावेजों के सहारे तत्कालीन ग्राम प्रधान की मदद से चकबंदी अधिकारी सीतापुर से मिलकर 1995 में आदेश पारित करा कर राजस्व अभिलेखों में मनोज कुमार पुत्र ओम प्रकाश की जगह मनोज कुमार पुत्र सोहनलाल दर्ज करा लिया। वोटर लिस्ट में भी यहीं नाम आदि दर्ज करा लिया। उसके बाद आरोपी ने अपने असली पिता की जगह सौतेले पिता सोहनलाल का नाम इस्तेमाल कर डीएल, पहचान पत्र, पैन कार्ड, आधार कार्ड व राशन कार्ड बनवा लिया।
आरोप है कि मनोज ने उक्त कूट रचित अभिलेखों के आधार लहरपुर के तत्कालीन एसडीएम द्वारा सामान्य निवास, तहसीलदार से आय प्रमाण पत्र भी बनवा लिया। मामले की जानकारी होने पर पीड़ित की मां रुकमिणी ने संबंधित अफसरों से साल 2020 में शिकायत कर प्रमाण पत्रों को निरस्त करने का आग्रह किया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़ित ने 2024 में मुख्य सचिव, डीजीपी, डीएम, एसपी से शिकायत की, लेकिन इंसाफ नहीं मिला। पीड़ित ने सीएम से भी गुहार लगाई, फिर भी कुछ नहीं हुआ। जिसके बाद पीड़ित विनय ने कोर्ट का सहारा लिया। कोर्ट के आदेश से उसने मनोज कुमार पुत्र ओम प्रकाश व मनोज कुमार पुत्र सोहनलाल, लहरपुर के तत्कालीन एसडीएम, तत्कालीन तहसीलदार, तत्कालीन, एआरटीओ, तत्कालीन पूर्ति निरीक्षण के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
लहरपुर इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम समेत छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। जमीन की हेराफेरी से जुड़ा मामला सामने आ रहा है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।




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