हस्तमैथुन और गंदी फिल्में देखना छोड़ नहीं पा रहा? प्रेमानंद महाराज ने बताया क्या करें
मोबाइल फोन और सस्ते इंटरनेट के जमाने में बड़ी संख्या में युवा भटक भी रहे हैं। मोबाइल पर मौजूद एडल्ट कंटेंट और गंदी फिल्में युवाओं का भविष्य बर्बाद कर रही हैं। ऐसी ही समस्या लेकर प्रेमानंद महाराज के सामने भी एक युवक आया। इस पर महाराज ने विस्तार से इसका उपाय बताया है।

आजकल मोबाइल हर हाथ में होने के कारण लोग अपनी जानकारी आसानी से बढ़ा रहे हैं। हर तरह की सूचनाओं तक उनकी पहुंच आसान हो गई है। इस बीच कई परेशानियां भी सामने आई हैं। हर तरह के कंटेट भी मोबाइल पर उपलब्ध हैं। इन्हीं में एडल्ट कंटेंट भी शामिल हैं। कहने को इसे केवल एडल्ट ही देख सकते हैं लेकिन नाबालिग और युवा वर्ग सबसे ज्यादा इसके शिकंजे में फंसा हुआ है। इस पर मौजूद गंदी फिल्में नौजवानों का जीवन बर्बाद कर रही हैं। इसमें फंसा युवा चाह कर भी इससे निकल नहीं पा रहा है। ऐसी ही समस्या एक भक्त ने वृंदावन के प्रेमानंद महाराज के सामने भी व्यक्त की। उनसे कहा कि हस्तमैथुन और गंदी फिल्में छोड़ नहीं पा रहा। घर में पड़ा रहता हूं। मैं बहुत निराश हूं। 6-7 साल से दवा ले रहा हूं। पूछा कि क्या मेरा जीवन बर्बाद हो गया है?
इस पर महाराज ने विस्तार से इस समस्या का समाधान बताया है। प्रेमानंद महाराज ने कहा कि आपको कुछ छोड़ने की जरूरत नहीं है। आज से निश्चिंत हो जाओ। यह विचार ही हटा दो कि मुझे ‘छोड़ना’ है। जो हो रहा है उसकी चिंता मत करो। तुम गलत हो, ये विचार ही गलत है। तुम भगवान के अंश हो। तुम कभी गलत हो ही नहीं सकते।
प्रेमानंद महाराज ने श्रीरामचरितमानस के दोहे 'ईश्वर अंस जीव अबिनासी, चेतन अमल सहज सुख रासी' का उदाहरण देते हुए कहा कि तुम निर्मल हो। सुख स्वरूप हो। विकार तुम्हारे असली स्वरूप में कभी आए ही नहीं। गलती सिर्फ इतनी है कि तुमने मन और शरीर को 'मैं' मान लिया है। यही भूल सारी पीड़ा की जड़ है। अब से ये सोचना ही बंद कर दो कि तुम विकारी हो। जैसा सोचोगे, वैसा बन जाओगे। हमारी हताशा इसी नकारात्मक सोच की देन है। अगर तुम रोज राधा नाम जपते रहो बिना रुकावट, बिना चिंता तो बहुत जल्दी सब स्वतः छूट जाएगा। अगर विचार आ रहे हैं, आने दो। अगर गलती हो रही है, होने दो। तुम सिर्फ नाम जपते रहो। यही अभ्यास तुम्हें अंदर से मज़बूत करेगा।
महाराज ने कहा कि अब एक संकल्प लो। कभी हस्तमैथुन मत करना। बस हाथों पर नियंत्रण रखो। शरीर की बात मत सुनो। मन की दुष्टता को समय मत दो। एक महीना भी राधा नाम का दृढ़ अभ्यास कर लिया तो परिवर्तन दिखने लगेगा। तुम्हारे प्रयास और श्री जी की कृपा तुम्हें उठा लेंगे। अगर तुम ये पढ़ रहे हो और राधा-राधा जप रहे हो तो समझो विशेष कृपा हो चुकी है। आज से मान लो मैं हार नहीं मानूँगा। गलती हो जाए तो उसे होने दो। नाम जपो। फिर देखो, कैसे मन शुद्ध होता है। प्रसन्नता कैसे लौटती है।
महाराज ने यह भी कहा कि अगर ज़्यादा समय घर में रहते हो तो बाहर जाओ। कोई छोटा-मोटा काम करो। ऑफिस, दुकान, सेवा कुछ भी करो। बस ख़ाली बैठे मत रहो। महाराज ने कहा कि आज के युवाओं के पतन का कारण ब्रह्मचर्य हीनता है। मन पाप से भरता है, फिर खुद ही सज़ा देता है। इस मन को ठीक करने का उपाय अध्यात्म और नाम जप है। जब मन ठीक होता है तो दुख में भी आनंद रहता है तो बस राधा-राधा जपते रहो। बाकी सब अपने आप ठीक हो जाएगा। यह भी कहा कि खुद को दोषी न मानो। चिंता छोड़ो और• हस्तमैथुन से बचो। नाम जपो,• व्यस्त रहो,• बाहर जाओ, खाली मत बैठे रहो। बस एक• महीने में बदलाव दिखेगा। राधा-राधा जपते रहो, सब ठीक हो जाएगा।




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