संभल में अवैध मदरसे पर चला बुलडोजर, इस जिले में सरकारी जमीन पर मस्जिद का निर्माण रोका
यूपी में अतिक्रमण के खिलाफ प्रशासन का सख्त रुख जारी है। संभल में जहां कब्रिस्तान के बाद मदरसे पर बुलडोजर गरजा, वहीं मैनपुरी में प्रशासन ने सरकारी जमीन पर बन रही मस्जिद को रोक दिया है।

उत्तर प्रदेश की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत सरकारी जमीनों को अतिक्रमण मुक्त कराने का अभियान तेज हो गया है। संभल में कब्रिस्तान पर बुलडोजर चलाने और उसे खाली कराने के बाद प्रशासन ने अब एक अवैध मदरसे को जमींदोज कर दिया है। वहीं मैनपुरी में ग्रामीणों की शिकायत के बाद प्रशासन ने सार्वजनिक भूमि पर बन रही मस्जिद के काम को तत्काल प्रभाव से रुकवा दिया है। संभल में बुलडोजर की कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है, वहीं मैनपुरी में जमीन के कागजात खंगाले जा रहे हैं।
संभल जिले की तहसील चंदौसी के नरौली क्षेत्र में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब भारी पुलिस बल के साथ राजस्व विभाग की टीम बुलडोजर लेकर पहुँची। मामला नगर पंचायत नरौली के मोहल्ला बंजारी कुंआ का है, जहाँ 'दारुल उलूम' नाम का मदरसा सरकारी भूमि पर बना हुआ था।
राजस्व अभिलेखों के अनुसार, गांटा संख्या 1635 और 1636 की लगभग 225 वर्ग मीटर भूमि सरकारी रिकॉर्ड में 'सार्वजनिक रास्ते' और 'खाद के गड्ढे' के रूप में दर्ज है। इस भूमि पर मदरसे का अवैध निर्माण कर कब्जा किया गया था। तहसीलदार कोर्ट में वर्ष 2024 से चल रहे मुकदमे के दौरान प्रबंधन को स्वामित्व के दस्तावेज पेश करने का मौका दिया गया, लेकिन कोई साक्ष्य न मिलने पर कोर्ट ने 31 दिसंबर 2025 को बेदखली का आदेश जारी किया था। गुरुवार को प्रशासन ने इस अवैध ढांचे को पूरी तरह ढहा दिया।
मैनपुरी: सरकारी जमीन पर मस्जिद निर्माण की कोशिश नाकाम
दूसरी ओर, मैनपुरी के सदर तहसील क्षेत्र स्थित ग्राम कांकन में भी इसी तरह का मामला सामने आया। यहाँ ग्रामीणों का आरोप था कि सरकारी जमीन पर बिना किसी अनुमति के रातों-रात मस्जिद का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया। मामले ने तब तूल पकड़ा जब भाजपा के पूर्व सदर विधायक अशोक सिंह चौहान और पूर्व जिलाध्यक्ष प्रदीप सिंह चौहान के नेतृत्व में ग्रामीणों के एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया।
ग्रामीणों ने एसडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर अवैध कब्जा कर धार्मिक स्थल बनाया जा रहा है, जिससे भविष्य में विवाद की स्थिति बन सकती है। जिलाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। एसडीएम की प्रारंभिक जांच में निर्माण को अवैध पाया गया, जिसके बाद मौके पर पहुँचकर पुलिस और प्रशासन ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और वहां तैनात लोगों को कड़ी हिदायत दी।




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