Bulldozer ran on the land of Sati Math in Sambhal SDM removed illegal encroachment संभल में सती मठ की जमीन पर चला बुलडोजर, SDM ने अवैध अतिक्रमण हटवाया, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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संभल में सती मठ की जमीन पर चला बुलडोजर, SDM ने अवैध अतिक्रमण हटवाया

संभल प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने नई सराय इलाके में स्थित सती मठ की 82 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। साथ ही अब अतिक्रमणकारियों पर सख्त कार्रवाई करेगी।

Tue, 14 Jan 2025 09:23 PMPawan Kumar Sharma लाइव हिन्दुस्तान, संभल
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संभल में सती मठ की जमीन पर चला बुलडोजर, SDM ने अवैध अतिक्रमण हटवाया

सती मठ की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए संभल प्रशासन ने मंगलवार को बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने नई सराय इलाके में स्थित मठ की 82 वर्ग मीटर जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। साथ ही प्रशासन अतिक्रमणकारियों के खिलाफ भूमि अधिग्रहण विरोधी अधिनियम के तहत कार्रवाई की भी योजना बना रहा है। उप जिलाधिकारी (एसडीएम) वंदना मिश्रा ने बताया कि राजस्व विभाग की टीम ने मठ की जमीन का सीमांकन किया। अतिक्रमण की पुष्टि के बाद अवैध रूप से बनाई गई बाउंड्री वॉल को ध्वस्त कर दिया। अब यह जमीन प्रशासन के कब्जे में है।

एसडीएम के अनुसार, इस जमीन पर लंबे समय से भू-माफिया का अवैध कब्जा था। सूचना मिलने के बाद राजस्व विभाग और एसडीएम कार्यालय की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीन की मदद से अवैध निर्माण हटाया गया। प्रशासन ने यह भी बताया कि अतिक्रमणकारियों के खिलाफ एंटी-लैंड ग्रैबिंग एक्ट के तहत कार्रवाई की योजना बनाई जा रही है। यह कार्रवाई संभल प्रशासन की जमीन माफियाओं के खिलाफ चल रही मुहिम का हिस्सा है। इस कार्रवाई से क्षेत्र के लोगों में प्रशासन के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है।

1978 के दंगों के बाद तीन हिंदू परिवारों को अब मिला कब्जा

संभल जिला प्रशासन ने 1978 के दंगों के दौरान पलायन करने वाले तीन हिंदू परिवारों को उनकी भूमि का कब्जा वापस दिला दिया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। इस भूमि पर दूसरे समुदाय के लोगों ने कथित तौर पर अतिक्रमण कर लिया था और मूल मालिकों ने प्रशासन से शिकायत कर मामले में कार्रवाई की मांग की थी।

भूमि के दावेदारों में से एक अमरीश कुमार ने कहा, "हम 1978 के दंगों तक संभल में रहते थे। दंगों के दौरान मेरे दादा तुलसी राम की हत्या कर दी गई थी। अपनी जान के डर से हमने मोहल्ला जगत में अपनी संपत्ति छोड़ दी। जब हमने वापस लौटने की कोशिश की, तो हमें भगा दिया गया। हमने हाल में जिला प्रशासन को अपने स्वामित्व को साबित करने वाले दस्तावेजों के साथ एक शिकायत प्रस्तुत की।"

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इसी तरह आशा देवी ने कहा, "हम अब चंदौसी में रहते हैं। 1978 के दंगों के बाद, हमें पलायन के लिए मजबूर किया गया था। यहां तीन परिवार रहते थे। सड़क के पीछे स्थित हमारी 2.25 बीघा जमीन पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने कब्जा कर लिया और वहां स्कूल बना लिया। इसे वापस पाने के कई प्रयासों के बावजूद हमें भगा दिया गया। शिकायत दर्ज कराने के बाद आज पता चला कि जमीन की पैमाइश हो रही है, इसलिए हम यहां आए हैं।”

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उप जिलाधिकारी (एसडीएम) वंदना मिश्रा ने पत्रकारों से कहा, "स्कूल समिति द्वारा जमीन पर अतिक्रमण करने के बारे में शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद राजस्व विभाग ने सर्वे किया। इसमें पुष्टि हुई कि जमीन का एक हिस्सा अब भी शिकायतकर्ताओं का है।" उन्होंने बताया कि 15,000 वर्ग फुट जमीन में से 10,000 वर्ग फुट जमीन सही पाई गई और जिसका कब्जा परिवारों को वापस मिल गया है।

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