श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन
Bulandsehar News - श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर में सोमवार को संतोष महाराज ने श्री कृष्ण की बाल लीलाओं की कथा सुनाई। इसमें पूतना वध और माखन चोरी के प्रसंग शामिल थे। उन्होंने कहा कि भागवत कथा का उद्देश्य जीवन में उतारना है और गोवर्धन लीला हमें संगठित रहने और ईश्वर पर विश्वास रखने की शिक्षा देती है।

श्रीनवदुर्गा शक्ति मंदिर कालोनी में सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन संतोष महाराज भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं का वर्णन किया। जिसमें पूतना वध और माखन चोरी के प्रसंगों को वर्णन किया गया। साथ ही उन्होंने कहा कि भागवत कथा केवल सुनने की वस्तु नहीं, बल्कि जीवन में उतारने का मार्ग है। गोवर्धन लीला हमें सिखाती है कि यदि हम संगठित हों और ईश्वर पर विश्वास रखें, तो हम सबसे बड़ी बाधा को भी पार कर सकते हैं। जब श्रीकृष्ण ने इंद्रदेव की पूजा करने से मना कर दिया और गोवर्धन की पूजा करने के लिए बोला, तो इंद्रदेव नाराज हो गए।
उन्होंने तेज बरसात की। जिस पर श्रीकृष्ण ने गोवर्धन पर्वत को अपनी अंगुली पर उठाकर ब्रज वासियों की रक्षा की। कथा के दौरान व्यास द्वारा भजन भी सुनाए गए। इसमें दानवीर सिंह, सोनपाल सिंह, आकाश, यशपाल, हरि कुमार, संजीत आदि रहे।
लेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




साइन इन