गोवर्धन पूजा की कथा सुन श्रद्धालु हुए भावविभोर
Etawah-auraiya News - भरथना के जाहरवीर मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य जुगेंद्र शास्त्री ने गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया। भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रजवासियों को गोवर्धन पर्वत की पूजा करने के लिए प्रेरित किया और इंद्रदेव के क्रोध से उनकी रक्षा की। कार्यक्रम में कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

भरथना। क्षेत्र के जाहरवीर मंदिर परिसर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा में आचार्य जुगेंद्र शास्त्री एवं नीलम शास्त्री ने गोवर्धन पूजा की कथा का वर्णन किया। आचार्य ने बताया कि ब्रजवासी प्रत्येक वर्ष देवराज इंद्र की पूजा करते थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण ने उन्हें समझाया कि इंद्र नहीं बल्कि गोवर्धन पर्वत, गौ माता और प्रकृति ही जीवन का आधार हैं। भगवान श्रीकृष्ण के कहने पर ब्रजवासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा आरंभ कर दी। इससे क्रोधित होकर इंद्रदेव ने ब्रज में मूसलाधार वर्षा कर विनाश मचाने का प्रयास किया। तब भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर समस्त ब्रजवासियों और गौवंश की रक्षा की।
सात दिनों तक सभी लोग गोवर्धन पर्वत के नीचे सुरक्षित रहे। अंत में इंद्रदेव को अपनी भूल का एहसास हुआ और उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण से क्षमा मांगी। कथा के दौरान परीक्षित रक्षपाल नाथ व उनकी पत्नी लता देवी मौजूद रहीं। कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में ग्राम प्रधान इंद्रपाल सिंह, शिव कुमार राठौर, भीम सिंह यादव, नाथूराम, रामकृष्ण पाल, उदयवीर, संतोष रहे।
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