मैंने कोई सपोर्ट…, कविता से चर्चा में आई बेटी शालिनी सिंह के बारे मे बोले बृजभूषण शरण सिंह
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हमारी बेटी पढ़ी-लिखी हैं। संजीदा हैं। उनको कविता का बहुत अच्छा शौक है। अच्छा लिखती हैं। इसी के साथ बृजभूषण ने बेटी शालिनी सिंह के दिल्ली यूनिवर्सिटी से चुनाव लड़ने वाला रोचक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि मैंने उस चुनाव में बेटी का कोई सपोर्ट नहीं किया।

यूपी की कैसरगंज सीट से भाजपा के पूर्व सांसद और भारतीय कुश्ती संघ के पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह की बेटी शालिनी सिंह अपने पहले कविता पाठ को लेकर चर्चा में हैं। यह कविता उन्होंने नोएडा में हुए एक कार्यक्रम में मंच से पढ़ी थीं। इस दौरान उन्होंने मजाकिया अंदाज में अपने दोनों भाइयों को ‘बाहुबली’ बता दिया था। बेटी की कविता पाठ के बाद पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह का भी एक बयान चर्चा में है। इसमें वह बेटी की खुलकर तारीफ कर रहे हैं।
बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि हमारी बेटी पढ़ी-लिखी हैं। संजीदा हैं। उनको कविता का बहुत अच्छा शौक है। वह पहली बार काव्य पाठ में गई थी इसलिए थोड़ी हिचकिचाहट थी। लिखती अच्छा हैं। इसी के साथ बृजभूषण ने बेटी शालिनी सिंह के दिल्ली यूनिवर्सिटी से चुनाव लड़ने वाला रोचक किस्सा भी सुनाया। उन्होंने कहा कि उस चुनाव में मैंने बेटी का कोई सपोर्ट नहीं किया।
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि बेटी ने मुझसे पूछा पापा...कहा कि मुझे कुछ नहीं चाहिए। आपका कोई सपोर्ट नहीं चाहिए। मैंने कोई सपोर्ट किया भी नहीं। उसने कहा कि मैं इस चुनाव को खुद इसलिए लड़ना चाहती हूं कि आज तक लॉ फैकेल्टी का प्रेसीडेंट कोई महिला नहीं हुई है। शालिनी सिंह के कविता पाठ पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए बृजभूषण शरण सिंह ने एक निजी चैनल से कहा कि उसे कविता का शौक है। बहुत अच्छी कविता लिखती हैं। वह दिल्ली यूनिवर्सिटी लॉ फैकेल्टी की पहली महिला प्रेसीडेंट बनी। उसने अपने बल पर वह चुनाव लड़ा था।
बता दें कि पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह की इकलौती बेटी शालिनी सिंह एक शिक्षाविद हैं। वह तपेंदु एजुकेशनल सोसाइटी की अध्यक्ष हैं। वह इंदिरापुरम ग्रुप ऑफ इंस्टिट्यूट से भी जुड़ी हैं। शालिनी एक प्रोफेशनल शूटर भी हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय के लेडी श्रीराम कॉलेज से उन्होंने स्नातक और कानून की डिग्री हासिल की है।




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