बीजेपी नेता सुरेश अवस्थी होंगे आउट.. सपा MLA नसीम सोलंकी इन; टॉयलेट के बोर्ड को लेकर विवाद
इरफान सोलंकी ने डीलक्स शौचालय के लोकार्पण शिलापट पर विधायक नसीम सोलंकी का नाम न होने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके साथ ही विधायक की जगह सीसामऊ से दो बार चुनाव हार चुके सुरेश अवस्थी का नाम शिलापट पर होने पर भी आपत्ति की थी। उनका कहना था कि ऐसा जानबूझकर किया गया।

UP News : उत्तर प्रदेश के कानपुर के रामबाग चौराहे पर बनाए गए डीलक्स सुलभ शौचालय पर लगे शिलापट से भाजपा नेता सुरेश अवस्थी का नाम हटेगा और सीसामऊ की विधायक नसीम सोलंकी का नाम अंकित होगा। प्रमुख सचिव गुरुप्रसाद के आदेश का अनुपालन कराए जाने का आदेश नगर आयुक्त ने दिया है। शिलापट से नगर आयुक्त और अधिशासी अभियंता का नाम भी हटाया जाएगा।
सीसामऊ विधान सभा क्षेत्र के पूर्व विधायक इरफान सोलंकी की आपत्ति के बाद नगर निगम ने इस मुद्दे पर सफाई दी है। इसमें पांच जून को प्रमुख सचिव नगर विकास गुरुप्रसाद के आदेश का हवाला दिया गया है। इसमें कहा गया है कि निर्देशों के बाद भी नगर निकाय शिलापट के निर्धारित प्रारूप का पालन नहीं कर रहे हैं। लिहाजा इस प्रारूप को अनिवार्य कर दिया गया है। अब निर्धारित प्रारूप के मुताबिक ही शिलापट पर जनप्रतिनिधियों के नाम रहेंगे। वहीं नगर निगम ने अपनी सफाई में यह भी कहा है कि रामबाग चौराहे पर बनाए गए सुलभ शौचालय के निर्माण में नगर निगम द्वारा कोई भुगतान नहीं किया गया है। संबंधित एजेंसी को आदेश दिया गया है कि शासन द्वारा निर्गत प्रारूप पर शिलापट तैयार कराकर लगाए।
सरकारी जमीन पर बना टॉयलेट
नगर निगम जोन चार की अधिशासी अभियंता मीनाक्षी अग्रवाल ने अवगत कराया है कि शौचालय का निर्माण पीपीपी मॉडल पर डीके इंटरप्राइजेज द्वारा कराया गया है। संस्था द्वारा रामबाग में सुलभ शौचालय के निर्माण के लिए अनापत्ति मांगी गई थी। नगर निगम ने एनओसी दे दी थी। संस्था ने ही मौके पर शिलापट लगाया था जिसे अब शासन के अनुरूप लगाने का आदेश दे दिया गया है। संस्था द्वारा कहा गया था कि नगर निगम की निधि से इसे नहीं बनाया गया। वहीं नगर निगम ने कहा कि टॉयलेट के लिए सरकारी जमीन का इस्तेमाल हुआ है। शिलापट तो निर्धारित प्रारूप पर ही लगेगा। बताते चलें कि इरफान सोलंकी ने डीलक्स शौचालय के लोकार्पण शिलापट पर विधायक नसीम सोलंकी का नाम न होने पर आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके साथ ही विधायक की जगह सीसामऊ से दो बार चुनाव हार चुके सुरेश अवस्थी का नाम शिलापट पर होने पर भी ऐतराज किया था। उनका कहना था कि ऐसा जानबूझकर किया गया।
शिलापट के लिए शासन का ये आदेश
शासन का आदेश है कि नगर विकास विभाग की परियोजनाओं, वित्त आयोग और नगर निगम निधि द्वारा जो भी विकास कार्य होंगे उनमें शिलापट निर्धारित प्रारूप पर ही लगाने होंगे। शिलान्यास और उद्घाटन में शिलापट अपनी मर्जी से नहीं लगाए जा सकेंगे। ऐसा किया गया तो संबंधित विकास कार्य की रकम का भुगतान नहीं होगा। शिलापट पर जनप्रतिनिधियों (लोकसभा सदस्य, सदस्य राज्य सभा, महापौर, विधायक एवं संबंधित वार्ड के पार्षद) का नाम अंकित करने को कहा गया। नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने आदेश पिछले सप्ताह ही जारी किया था।
शिलापट में नियमों का पालन नहीं किया गया
नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय ने कहा कि शिलापट गलत लगाया गया है। इसमें नियमों का पालन नहीं किया गया। इसे हटाकर शासन के आदेश के मुताबिक शिलापट लगाने का आदेश दिया गया है। जो नाम प्रारूप में नहीं होंगे उनके नाम शिलापट पर नहीं होंगे। आदेश के मुताबिक विधायक का नाम होगा।




साइन इन