मेयर के बेटे से नगर निगम को मुक्त कराना है; कानपुर में भाजपा पार्षदों ने महापौर के खिलाफ खोला मोर्चा
कानपुर में भाजपा पार्षद को नगर निगम सदन की चार बैठकों से निकाले जाने का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पवन गुप्त, अंकित मौर्या के साथ चार और भाजपा पार्षद आ गए हैं। सभी ने अपनी ही महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

यूपी के कानपुर में भाजपा पार्षद पवन गुप्त और अंकित मौर्या को नगर निगम सदन की चार बैठकों से निकाले जाने का विवाद खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। पवन गुप्त, अंकित मौर्या के साथ चार और भाजपा पार्षद आ गए हैं। इन पार्षदों ने तय किया है कि वह लोग अब भाजपा में व्याप्त भ्रष्टाचार और हिटलरशाही के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। कहा कि महापौर के बेटे से नगर निगम निगम को मुक्त कराएंगे, तभी भाजपा और नगर निगम बचेगा।
26 दिसंबर को नगर निगम सदन में भाजपा पार्षद पवन गुप्त ने सीवर लाइन डालने की मांग को लेकर अपनी आवाज उठाई थी और पोस्टर लहराए थे। इस मामले को महापौर प्रमिला पांडेय ने अनुशासनहीनता माना। भाजपा क्षेत्र संगठन को पत्र तो लिखा ही, साथ ही पवन गुप्त और अंकित मौर्या को भविष्य में होने वाले चार सदन बैठकों से निष्कासित करने का फैसला करते हुए लिखित आदेश भी जारी कर दिया था। पार्षद पवन गुप्त ने इसकी शिकायत संगठन से की। अब महापौर के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मंगलवार को भाजपा पार्षद पवन गुप्त, अंकित मौर्या 80 फुट रोड पहुंचे। पवन गुप्त ने कहा कि महापौर और उनके बेटे के खिलाफ अभी तो छह पार्षद लामबंद हुए हैं, जल्द ही संख्या 60 होगी। यह मुहिम तब तक चलेगी, जब तक नगर निगम बंटी पांडे मुक्त नहीं होगा। जैसे कांग्रेस मुक्त भारत हुआ है वैसे कानपुर नगर निगम बंटी पांडे मुक्त होगा। इस मुहिम में भाजपा पार्षद विकास जायसवाल, लक्ष्मी कोरी, आलोक पांडे, हरिस्वरूप तिवारी निक्कू भी उनके साथ हैं।
पार्षदों के निहित अधिकार मिलने चाहिए
इसे लेकर भाजपा उत्तर, जिलाध्यक्ष अनिल दीक्षित ने कहा कि भाजपा पार्षद को नगर निगम में निहित अधिकार मिलने चाहिए। यह मामला पूरी तरह से नगर निगम औऱ पार्षदों के बीच का है। संगठन से भाजपा पार्षदों का कोई विवाद नहीं है। संगठन की बात होगी तो पूछा जाएगा। महापौर और पार्षदों के बीच के विवाद वे लोग खुद जानें। -अनिल दीक्षित-जिलाध्यक्ष-भाजपा उत्तर




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