वाराणसी में बड़ा हादसा टला, टक्कर के बाद गंगा में समाई नाव, पर्यटकों को बचाया गया
वाराणसी के तुलसीघाट पर एक भीषण नाव हादसे ने हड़कंप मचा दिया, जहां बीच गंगा में पर्यटकों की नाव एक बड़ी मोटरबोट से टकराकर डूब गई। स्थानीय नाविकों और पुलिस की तत्परता से कई जिंदगियां तो बच गईं, लेकिन सुरक्षा नियमों की बड़ी चूक सामने आई है।

धर्मनगरी वाराणसी के घाटों पर सोमवार को उस समय चीख-पुकार मच गई, जब एक भीषण नाव हादसा होते-होते बचा। गंगा की लहरों के बीच एक छोटी नाव और तेज रफ्तार मोटरबोट के बीच हुई जोरदार भिड़ंत ने वहां मौजूद लोगों की सांसें थाम दीं। टक्कर इतनी भयानक थी कि नाव देखते ही देखते गंगा में समा गई और उस पर सवार पर्यटक गहरे पानी में डूबने लगे। यह घटना वाराणसी के प्रसिद्ध तुलसीघाट पर दोपहर करीब 2 बजे घटी। गनीमत यह रही कि समय रहते स्थानीय नाविकों और बचाव दल ने मुस्तैदी दिखाई, वरना एक बड़ा हादसा वाराणसी की धार्मिक यात्रा को मातम में बदल सकता था।
बीच लहरों में मौत से सामना
जानकारी के अनुसार, हैदराबाद और पुणे से आए पांच पर्यटकों का एक समूह गंगा पार रामनगर जाने के लिए तुलसीघाट से एक छोटी नाव पर सवार हुआ था। हैदराबाद निवासी दिलीप, दर्शना, देवयानी और पुणे के रोहित व दीपाली श्रद्धा और उत्साह के साथ नाव में बैठे ही थे कि घाट से कुछ ही दूर निकलते ही एक तेज रफ्तार बड़ी मोटरबोट ने उनकी नाव को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि टक्कर लगते ही नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव में सवार पर्यटक पानी में गिरकर जान बचाने के लिए संघर्ष करने लगे। उनकी चीखें सुनकर घाट पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
एनडीआरएफ और नाविकों ने दिखाया साहस
हादसे की खबर मिलते ही घाट पर मौजूद साहसी स्थानीय नाविकों ने तुरंत गंगा में छलांग लगा दी। इसी बीच एनडीआरएफ और जल पुलिस को भी सूचना दी गई। राहत और बचाव कार्य इतनी तेजी से शुरू हुआ कि डूब रहे पांचों पर्यटकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि, जिस नाव पर वे सवार थे, वह टक्कर के बाद पूरी तरह से गंगा में समा गई। पुलिस के पहुंचने से पहले ही हादसे का जिम्मेदार नाविक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश अब पुलिस कर रही है। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें पर्यटकों को बचाने की जद्दोजहद देखी जा सकती है।
नियमों की अनदेखी पर उठे सवाल
इस हादसे ने एक बार फिर वाराणसी में नाव संचालन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच में सामने आया कि नाव पर सवार एक भी पर्यटक ने लाइफ जैकेट नहीं पहनी थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाव पर लाइफ जैकेट की कोई व्यवस्था ही नहीं थी। प्रशासन की ओर से बार-बार चेतावनी और सख्ती के बावजूद कई नाविक नियमों की धज्जियां उड़ाकर पर्यटकों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। बिना सुरक्षा उपकरणों के गंगा की लहरों पर पर्यटकों को ले जाना एक बड़ी लापरवाही है, जिस पर अब प्रशासन कड़े एक्शन की तैयारी कर रहा है।




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