इस योजना का लाभ किसानों को दिया जाए, यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल का अधिकारियों को निर्देश
यूपी के मुख्य सचिव एसपी गोयल का अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना का लाभ किसानों को दिया जाए। किसानों को योजना का लाभ मिलने से सिंचाई सुविधाओं का बेहतर उपयोग होगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।

यूपी में मुख्य सचिव एसपी गोयल ने कहा है कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा संचालित आधुनिकीकरण कमांड क्षेत्र विकास एवं जल प्रबंधन (एमसीएडीडब्ल्यूएम) योजना का लाभ किसानों को दिया जाए। किसानों को योजना का लाभ मिलने से सिंचाई सुविधाओं का बेहतर उपयोग होगा और कृषि उत्पादन में वृद्धि होगी।
मुख्य सचिव ने मंगलवार को एमसीएडीडब्ल्यूएम की अध्यक्षता में चयनित क्लस्टरों की द्वितीय समीक्षा बैठक हुई। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि परियोजनाओं को निर्धारित समय में पूरा किया जाए और किसी भी प्रकार की देरी की स्थिति में तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं।
एमसीएडीडब्ल्यूएम योजना प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की एक उप-योजना है, कमांड क्षेत्रों में आधुनिक सिंचाई प्रणालियों (जैसे भूमिगत दबावयुक्त पाइप्ड सिंचाई) के माध्यम से जल संसाधनों के कुशल उपयोग, जल संरक्षण तथा किसानों की आय वृद्धि पर केंद्रित है। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। बैठक में योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी चर्चा की गई।
पिछड़े विकास खंडों में जरूरी सुविधाएं दी जाएं
वहीं मुख्य सचिव एसपी गोयल ने निर्देश दिया है कि पिछड़े विकास खंडों में स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पोषण, बुनियादी सुविधा और सामाजिक विकास के काम तेजी से कराए जाएं। राज्य के पिछड़े ब्लॉकों में समग्र विकास कराने के साथ योजनाओं का लाभ अधिकतम लाभार्थियों तक समय से पहुंचाएं।
आकांक्षात्मक विकास खंड कार्यक्रम प्रगति की समीक्षा
मुख्य सचिव ने मंगलवार को आकांक्षी विकास खंडों में होने वाले कामों की समीक्षा में कार्यक्रम से जुड़े इंडिकेटर्स में पिछड़े विकास खंडों की स्थिति, डाटा की गुणवत्ता तथा सुधारात्मक कदमों पर विस्तृत चर्चा की गई। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए कि पोर्टल पर संबंधित इंडिकेटर्स में त्रुटिरहित डाटा का अंकन कराया जाए। उन इंडिकेटर्स में जहां आकांक्षात्मक विकास खंडों की प्रगति अभी भी राज्य औसत से कम है, सुधार के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार की जाए। साथ ही जिन इंडिकेटर्स में अभी भी विकास खंडों की प्रगति राज्य औसत से कम है, उनके लिए जनपद एवं विकास खंड स्तर से समन्वय स्थापित कर लक्षित प्रयास किए जाएं।




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