इस्तीफे बाद पीसीएस अंलकार के समर्थन में उतरे ब्राह्मण-हिंदूवादी संगठन, UGC के विरोध में प्रदर्शन
यूपी के बरेली में इस्तीफे बाद पीसीएस अंलकार के समर्थन में ब्राह्मण-हिंदूवादी संगठन उतर हैं।सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री के आवास के बाहर संगठन के लोग ‘काला कानून वापस लो’ के नारे लगाए गए। यूजीसी का विरोध तेज हो गया है।

शंकराचार्य और उनके शिष्यों के कथित अपमान तथा यूजीसी के नए रेगुलेशन के विरोध में बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। पीसीएस अफसर अलंकर ने इसे पूरी तरह सोच-समझकर लिया गया निर्णय बताया है और साफ किया है कि वह किसी भी दबाव या समझाइश में आकर अपना इस्तीफा वापस नहीं लेंगे। वहीं इसके बाद हलचल तेज हो गई है। सिटी मजिस्ट्रेट के समर्थन में कई ब्राह्मण नेता और सामाजिक संगठन सड़कों पर उतर आए। उनके आवास के बाहर ‘काला कानून वापस लो’ के नारे लगाए गए, जबकि कुछ हिंदूवादी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। यूजीसी का विरोध तेज हो गया है।
बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित गणतंत्र दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के बाद दोपहर करीब दो बजे उन्होंने अपने फेसबुक और एक्स (पूर्व में ट्विटर) अकाउंट पर कुछ तस्वीरें पोस्ट कीं। तस्वीरों में वह अपने आवास के बाहर एक पोस्टर पकड़े नजर आए, जिस पर ‘यूजीसी रोलबैक’, ‘काला कानून वापस लो’ और ‘शंकराचार्य और संतों का अपमान नहीं सहेगा हिंदुस्तान’ जैसे नारे लिखे थे। सोशल मीडिया पर यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गई। 2019 बैच के पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री एक अन्य तस्वीर में अपने कार्यालय में लगे अधिकारियों के बोर्ड पर अपने नाम के आगे ‘रिजाइन’ लिखते हुए दिखाई दिए।
उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और मुख्य निर्वाचन अधिकारी को भेजने की बात कही है। मीडिया से बातचीत में सिटी मजिस्ट्रेट ने कहा कि प्रयागराज माघ मेले के दौरान शंकराचार्य और उनके बटुक शिष्यों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह अत्यंत निंदनीय है। उनका आरोप है कि इस पूरे प्रकरण में स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार द्वारा जारी यूजीसी रेगुलेशन 2026 का कड़ा विरोध किया। उनका कहना है कि यह कानून रोलेट एक्ट की तरह दमनकारी है और शिक्षा व्यवस्था के लिए घातक साबित हो सकता है। इन्हीं कारणों से उन्होंने अपने पद से त्यागपत्र देने का फैसला लिया। शहर में अलंकार अग्निहोत्री अपने मुखर ब्राह्मणवादी रुख के लिए जाने जाते रहे हैं। बीते कुछ समय से वह ब्राह्मण समाज को एकजुट करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहे थे और इस दिशा में बरेली में कई कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया था।
मेयर बोले, यूजीसी कानून की खामियों को दूर कराएंगे
मेयर डॉ. उमेश गौतम भी सिटी मजिस्ट्रेट के आवास पर पहुंचे। मीडिया से बातचीत में मेयर ने कहा कि यूजीसी कानून में खामियां हैं और लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर उन खामियों को दूर कराया जाएगा।




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