BJP has become foreign-backed party after resigning bareilly PCS Alankar also vented his anger Brahmin MP and MLA भाजपा बनी विदेशी जनता पार्टी, इस्तीफे के बाद PCS अलंकार ने ब्राह्मण MP, MLAपर भी निकाला गुस्सा, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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भाजपा बनी विदेशी जनता पार्टी, इस्तीफे के बाद PCS अलंकार ने ब्राह्मण MP, MLAपर भी निकाला गुस्सा

बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने इस्तीफा दे दिया। गणतंत्र दिवस पर दिए गए इस्तीफे से हड़कंप मच गया। उन्होंने अविमुक्तेश्वरानंद विवाद के मामले में यूपी सरकार और जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए।

Mon, 26 Jan 2026 10:05 PMDinesh Rathour लाइव हिन्दुस्तान, बरेली
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भाजपा बनी विदेशी जनता पार्टी, इस्तीफे के बाद PCS अलंकार ने ब्राह्मण MP, MLAपर भी निकाला गुस्सा

मौनी अमावस्या पर हुए शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद का मामला अब बढ़ता जा रहा है। इसी बीच बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने ब्राह्मणों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए इस्तीफा दे दिया। गणतंत्र दिवस पर पीसीएस अफसर के इस्तीफे की खबर से राजनीति ही नहीं प्रशासनिक अमले में भी खलबली मच गई। अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से गुस्साए पीसीएस अफसर ने ब्राह्मण सांसद-विधायकों से भी इस्तीफे की मांग कर दी। साथ ही यूपी सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए भाजपा को विदेशी जनता पार्टी तक कह दिया।

मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान पीसीएस अफसर ने यूपी सरकार में ब्राह्मण विरोधी अभियान चलाने का आरोप लगाया। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद विवाद पर बोलते हुए पीसीएस अफसर ने कहा, दो सप्ताह पहले मौनी अमावस्या के स्नान के दौरान शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के बटुकों शिष्यों के साथ जिस तरह से चोटी पकड़कर जो ब्राह्मण समाज की शिखा और सांस्कृतिक प्रतीक है, उसका मान मगदन किया गया। गंदे तरीके से चोटी पकड़कर बटुक शिष्यों को घसीट कर पीटा गया।

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ब्राह्मण समाज का नेता बताने वाले सांसद-विधायक भी मौन

अविमुक्तेश्वरानंद विवाद से गुस्साए पीसीएस अफसरों ने जनप्रतनिधियों को आड़े हाथ लिया। उन्होंने कहा, मौनी अमावस्या के दिन जो हुआ वह ठीक नहीं था। इसका एक वीडियो भी वायरल हुआ है, जिसमें बूढ़े-बूढे संन्यासियों को जूते और चप्पलों से मारा गया। अगर यह प्रशासन के लोग ही इस तरह से मैसेज देंगे तो समाज के जो दूसरे वर्ग हैं वह ब्राह्मणों पर कितना अत्याचार करेंगे? उन्होंने कहा, जो जनप्रतिनिधि खुद को ब्राह्मण समाज का नेता समझते हैं वह भी इस पर कुछ नहीं बोल रहे हैं। वह इस तरह से चुप्पी साधकर बैठे हैं, जैसे प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी हों। जनप्रतिनिधियों पर गुस्सा निकाल रहे पीसीएस अफसर बोले, आपमें अगर थोड़ी सी रीढ़ और शर्म बची है तो ब्राह्मण सांसद-विधायक इस्तीफा दे दें। उन्होंने कहा, सामान्य वर्ग देश में इस समय अब भाजपा के साथ नहीं है। केंद्र और यूपी सरकार सामान्य वर्ग से अलग हो चुका है। सरकार इस समय अल्पमत में है।

ईमेल से राज्यपाल और डीएम को भेजा इस्तीफा

शंकराचार्य विवाद पर पीसीएस अफसर ने कहा, कोई उन्हें कालनेमी की संज्ञा दे रहा है तो प्रशासन उनको नोटिस दे रहा है कि वह शंकराचार्य हैं कि नहीं? आप एक साल पहले उन्हीं शंकराचार्य के पैर छूते हैं राजभवन से लेकर हर बड़े कार्यक्रमों के लिए आमंत्रित भी किया जाता है, लेकिन मौनी अमावस्या पर स्नान के दौरान उनके साथ अभद्रता करते हैं। बटुक शिष्यों के साथ जिस तरह से मारपीट की गई वह ठीक नहीं है। मैंने जिलाधिकारी महोदय को ईमेल द्वारा इस्तीफा भेजा है। उत्तर प्रदेश के सीईओ और राज्यपाल को भी ईमेल से इस्तीफा भेजा है। आगे की रणनीति के सवाल पर पीसीएस अफसर ने कहा, इस समय सामान्य वर्ग पूरी तरह से अलग हो चुका है। इस समय न तो जनतंत्र है और न ही गणतंत्र है। इस समय केवल भ्रम की स्थिति बनी हुई है। भाजपा का जो नाम है वह अब विदेशी जनता पार्टी बन चुकी है। अब समाज की प्रतिक्रिया का इंतजार है। ब्राह्मणों सांसद-विधायकों के प्रतिक्रिया का भी इंतजार है।

सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी नहीं रखा मान, कर दिया मतदान

पीसीएस अफसर का गुस्सा यहीं पर शांत नहीं हुआ। उन्होंने कहा, संसद में लाए गए एससीएसटी बिल के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने पार्टिकुलर धारा को निरस्त करके आदेश दिया था कि पहले जांच की जाएगी उसके बाद ही एफआईआर दर्ज की जाएगी फिर गिरफ्तारी होगी। इस पर भी कोई ब्राह्मण सांसद-विधायक नहीं बोला। जनप्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का भी मान नहीं रखा। कितनी शर्मनाक बात है कि आपने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाकर मतदान कर दिया। जनप्रतिनिधि जनता से चुना गया है, वह जनता का रहनुमा है। ये लोग बिल्कुल मुंह बंद करके मूकदर्धक बने बैठे हैं। ये पूरे समाज में बहू-बेटियों का रेप करवाएंगे उसके बाद भी कुछ नहीं बोलेंगे। जो सीओ है आलाकमान से मुंह खोलने का आदेश नहीं आएगा तब तक कुछ नहीं बोलेंगे। ऐसे-ऐसे सांसद-विधायक हैं जो ब्राह्मणों के नाम पर सभा बनाकर मिनीस्ट्री ले ली और फिर केंद्र में चले गए। फिर उस सभा को समाप्त कर दिया। इस समय अगर आप उनसे बात करने जाएंगे तो कहते हैं कि हमारी टिकट कट जाएगी। तुम्हे ब्राह्मण समाज के नाम पर ही विधायकी और टिकट मिली है।

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