बरेली बवाल : तौकीर रजा के करीबी आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम समेत 29 उपद्रवी गए जेल
यूपी के बरेली में बवाल के मामले में पुलिस ने मौलाना तौकीर रजा के बेहद करीबी आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खान समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बताया जा रहा है कि बवाल में उसने अहम भूमिका निभाई थी।

कानपुर प्रकरण को लेकर जुमा की नमाज के बाद 26 सितंबर को हुए बरेली बवाल के मामले में पुलिस ने आईएमसी के पूर्व जिलाध्यक्ष नदीम खान समेत 29 उपद्रवियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। नदीम खान, मौलाना तौकीर रजा का बेहद करीबी है और बवाल में उसने अहम भूमिका निभाई थी।
एसएसपी अनुराग आर्य ने प्रेसवार्ता के दौरान बताया कि सोमवार को कुल 29 आरोपियों को जेल भेजा गया है। इनमें से 14 आरोपियों को कोतवाली से जेल भेजा गया है। इनमें बिहारीपुर करोलान निवासी नदीम खान, सिकलापुर का मुस्तकीम, शिकारपुर चौधरी का जफरुद्दीन, कुतुबखाना का मोहम्मद इमरोज, कोतवाली की जन्नत मस्जिद का इमाम मुसारोफ शेख व शमशेर रजा, फतेहगंज पश्चिमी के मोहम्मद उवैस व राहिल, नगरिया परीक्षित का मोहम्मद साजिद, समीर व मोहम्मद जीशान, कुंवरपुर जसौली का फैसल, सुर्खा बानखाना का तोहिद खान और बाकरगंज का फरमान शामिल हैं।
इनमें जफरुद्दीन के कब्जे से तमंचा, कारतूस और खोका बरामद किया गया है। इसके अलावा बारादरी पुलिस ने कसाई टोला के उमेद, जगतपुर चक्की वाली गली के मुस्तकीम, काजीटोला के अरबाज, चक महमूद के कलीम, मोबीन, हजियापुर के नाजिम रजा, मोहसिन, शाकिब, जोगीनवादा के रफीक, तौहीन, फैसल, मोबीन, अरशद, मीरा की पैठ के जैनुल और घेर जाफर खां के सुब्हान को जेल भेजा है।
वायरलेस से पुलिस की टोह लेकर नदीम दे रहा था निर्देश
पुलिस ने नदीम की निशानदेही पर खलील तिराहे पर बवाल के दौरान पुलिस से लूटा गया वायरलेस हैंडसेट बरामद किया है। पुलिस का कहना है कि ऐसी भी कोई घटना होने पर पुलिस अधिकारी वायरलेस सेट पर तमाम संदेश देकर फोर्स को जरूरत के मुताबिक स्थान पर भेजते हैं। लूटा गया वायरलेस हाथ आने के बाद नदीम पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखने लगा और उपद्रवियों को पुलिस का मूवमेंट बताकर उनकी मदद करने लगा। मुकदमे में वायरलेस सेट बरामद करने की धारा भी बढ़ा दी गई है।
नदीम ने जुटाई भीड़, लियाकत के किए फर्जी हस्ताक्षर
बवाल से पहले 25 सितंबर की रात पुलिस-प्रशासन के प्रयास से आईएमसी की ओर से प्रदर्शन रद्द करने की अपील जारी की गई। इस अपील पर डॉ. नफीस और नदीम के अलावा आईएमसी के प्रदेश प्रवक्ता लियाकत खान के हस्ताक्षर थे। मगर इसके बाद ही रात 1.29 बजे ही नदीम ने इस अपील पर अपने फर्जी हस्ताक्षर बताकर झूठा करार देते हुए भीड़ जुटाने को व्हाट्सएप ग्रुपों में मैसेज भेजना शुरू कर दिया। इसका परिणाम अगले दिन बवाल के रूप में सामने आया। जांच में यह भी पता चला है कि पुलिस-प्रशासन को गुमराह करने के लिए नदीम व नफीस ने लियाकत के फर्जी हस्ताक्षर किए थे।
अनीस सकलैनी का भी स्क्रीनशॉट आया सामने
पुलिस जांच के दौरान जेल जा चुके आईएमसी के महानगर अध्यक्ष अनीस सकलैनी का एक स्क्रीनशॉट सामने आया है, जिसमें उसने अपील को फर्जी बताकर जुमा की नमाज के बाद भीड़ जुटाने की अपील की है। इसके साथ ही उसने अपने लेटरपैड पर भी भीड़ के इंतजाम के साथ पहुंचने की अपील की थी।




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