छोटे बेटे पर सवार था खून, कुल्हाड़ी से मां-बाप, बहन-दादी की हत्या; भाई को किया मरणासन्न
बहराइच के रुपईडीहा में संपत्ति विवाद में छोटे बेटे निरंकार ने कुल्हाड़ी से अपने पिता, मां, बहन और दादी की हत्या कर दी। बड़े भाई को भी गंभीर रूप से घायल करने के बाद आरोपी ने खुदकुशी का प्रयास किया। पुलिस ने आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया है और मामले की जांच जारी है।

Bahraich News: उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में संपत्ति के लालच और आपसी रंजिश ने एक हंसते-खेलते परिवार को बर्बाद कर दिया। रुपईडीहा थाना क्षेत्र के बसंतपुर रूदल (मजरे रामनगर) गांव में एक कलयुगी बेटे ने अपनी ही जड़ों पर कुल्हाड़ी चला दी। महज चंद बीघे जमीन और पैसों के विवाद में आरोपी ने अपने माता-पिता, बहन और दादी को मौत के घाट उतार दिया। इस खूनी खेल में बड़ा भाई भी गंभीर रूप से घायल है, जबकि घर का 10 साल का बच्चा छिपकर इस मंजर को देखता रहा और उसकी जान बच गई।
18 बीघा जमीन और 15 साल पुरानी टीस
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी निरंकार वर्मा (40) का अपने बड़े भाई गुरुदेव (43) और पिता बदलू राम (60) से लंबे समय से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। विवाद की जड़ 15 साल पहले बेची गई 12 बिस्वा जमीन थी। पिता ने उस जमीन को बेचकर गांव में ही दूसरी जमीन खरीदी थी, लेकिन निरंकार को उसका हिस्सा नहीं मिला था। रविवार रात इसी बात को लेकर घर में फिर से महाभारत शुरू हुई। पिता ने जब पैसे देने से साफ इनकार कर दिया, तो निरंकार के सिर पर खून सवार हो गया।
एक-एक कर सबको उतारा मौत के घाट
निरंकार ने पास रखी कुल्हाड़ी उठाई और सबसे पहले अपने पिता बदलू राम के सिर पर ताबड़तोड़ वार किए। पिता को बचाने दौड़ी मां संजू देवी (56), बहन पार्वती (42) और दादी शीतला देवी (80) पर भी उसने रहम नहीं किया। चीख-पुकार सुनकर जब बड़ा भाई गुरुदेव बीच-बचाव करने पहुंचा, तो निरंकार ने उस पर भी जानलेवा हमला कर दिया। घर के आंगन में चारों तरफ लाशें और खून बिखरा पड़ा था। इस खौफनाक वारदात के बाद पकड़े जाने के डर से निरंकार ने ईंट से अपने ही सिर पर प्रहार कर खुदकुशी की कोशिश की।
10 साल के मासूम ने आंखों से देखा कत्लेआम
इस पूरे नरसंहार का सबसे विचलित करने वाला पहलू यह रहा कि परिवार का 10 साल का बच्चा कमरे के एक कोने में छिपकर अपने चाचा को अपनों का ही कत्ल करते देख रहा था। दहशत के मारे उसकी आवाज नहीं निकली, जिसके चलते वह कातिल की नजरों से बच गया। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मासूम को अपनी सुरक्षा में लिया।
पुलिस की कार्रवाई और मेडिकल अपडेट
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने सभी को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने बदलू राम, संजू देवी, पार्वती और शीतला देवी को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बड़े भाई गुरुदेव का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है, वहीं मुख्य आरोपी निरंकार को नाजुक हालत में लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। पुलिस ने मौके से खून से लथपथ कुल्हाड़ी और वह ईंट बरामद कर ली है जिससे आरोपी ने खुद को घायल किया था।




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