दिखा चांद मोहर्रम का तो छलक पड़े आंसू
Ayodhya News - अयोध्या में मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में गम का माहौल बना। महिलाओं ने चूड़ियां तोड़कर अपने सुहाग की निशानी त्यागी और शहर के विभिन्न स्थानों पर अजाखाने सजाए गए। काले वस्त्र धारण कर के मातम मनाया गया। हर तरफ कर्बला के शहीदों की याद में सोगवारियों की आवाज गूंजी।

अयोध्या, संवाददता। मोहर्रम का चांद फलक पर नजर आ गया। चांद नमूदार होते ही गमे हुसैन में सोगवारों की आंखों से अश्क बह उठे। मंगलवार की शाम चांद दिखते ही इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम सहित कर्बला के 72 शहीदों का गम मनाने के लिए अजाखाने सजा दिये गए। अजाखानों पहुंचकर महिलाओं ने अपने सुहाग की निशानी चूड़ियां तोड़कर बढ़ा दीं। आभूषणों को उतारकर घर में रख दिया। शहर के इमामबाड़ा, राठहवेली, ख्वासपुरा, नवगढ़ा, खुर्दमहल, हसनू कटरा, इमामबाड़ा बंदू बेग, पुरानी सब्जी मंडी, दाल मंडी, हैदरगंज, वजीरगंज, घोसियाना और रिकाबगंज सहित अयोध्या धाम में भी शिया समुदाय के घर-घर सजे अजाखानों में या हुसैन की सदाएं गूंज उठीं।
महिलाओं और पुरूषों ने मोहर्रम की पूर्व संध्या पर फर्श-ए-अजा बिछा दी और इमाम हुसैन की शहादत को याद कर आंसुओं का नजराना अपने 12वीं इमाम मेहदी को उनके जद की शहादत पर खिराजे अकीदत पेश किया। शिया मुसलमानों ने रंगीन वस्त्र त्याग कर काले लिबास धारण कर लिये। हर तरफ गम के प्रतीक कालेज झंडे लगा दिये गए। अजाखानों को अलम, शबीहे ताबूत, ताजियों से सजाया गया। मातम कर कर्बला के शहीदों की याद किया। पहली मोहर्रम बुधवार से सुबह सात बजे से अजाखानों में मजलिसों का सिलसिला शुरू होगा जो देर रात तक चलेगा। शहर में एक हजार से अधिक घरों में अजाखाने सजाकर शहीदों का गम मनाया जा रहा है। मंगलवार की देर शाम चौक मस्जिद से मातमी धुन पर ढोल और नगाड़े बजाते हुए मोहर्रम के आगाज की रूदाद सुनाते हुए ताजिया जुलूस निकाला गया।
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