अयोध्या में बड़ा हादसा टला: मुख्य मार्ग 100 मीटर तक धंसा, कई वाहन सवार बाल-बाल बचे
अयोध्या के सिविल लाइन में स्थित मुख्य मार्ग 100 मीटर तक धंस गया है। इससे कई वाहन चालक हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बचे हैं। पीडब्ल्यूडी और जल निगम की टीमें मौके पर मरम्मत कार्य में जुटी हैं।

रामनगरी अयोध्या के व्यस्ततम इलाके सिविल लाइन में बुधवार को उस समय बड़ा हादसा होते-होते रह गया, जब पुराने भाजपा कार्यालय के पास मुख्य मार्ग अचानक 100 मीटर से अधिक की लंबाई में धंस गया। व्यस्त मार्ग होने के कारण सड़क धंसते ही वहां से गुजर रहे कई वाहन चालक बाल-बाल बचे। सड़क के बीचों-बीच हुए इस कटाव ने राहगीरों के लिए गंभीर खतरा पैदा कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में आवागमन बाधित हो गया है।
प्रमुख कार्यालयों और रेलवे स्टेशन का है मुख्य रास्ता
जिस स्थान पर सड़क धंसी है, वह इलाका सामरिक और नागरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण है। इस मार्ग का उपयोग अयोध्या कैंट रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री, पोस्टमार्टम हाउस जाने वाले लोग और भाजपा कार्यालय सहित तमाम सरकारी कार्यालयों के कर्मचारी करते हैं। बुधवार सुबह हुई हल्की बारिश के बाद सड़क इस कदर बैठ गई कि बड़े गड्ढे नजर आने लगे। सड़क धंसने के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय प्रशासन में हड़कंप मच गया और राहगीर भी सहम गए।
निर्माण कार्य में लापरवाही आई सामने
सड़क धंसने के कारणों की पड़ताल में विभाग की बड़ी लापरवाही उजागर हुई है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि हाल ही में यहां सीवर लाइन डालने का काम किया गया था, लेकिन मानकों की अनदेखी की गई। अधिशाषी अभियंता (पीडब्ल्यूडी) एसपी भारतीय ने बताया कि सिविल लाइन क्षेत्र में जल निगम द्वारा सीवर लाइन डाली गई थी। कार्य के दौरान पाइप के ऊपर बालू भरी जानी चाहिए थी, लेकिन उसकी जगह मिट्टी डाल दी गई। पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण मिट्टी बह गई और पूरी सड़क खोखली होकर बैठ गई।
देर शाम शुरू हुआ मरम्मत कार्य
घटना की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी और जल निगम के आला अधिकारी देर शाम मौके पर पहुँचे। आनन-फानन में मार्ग को बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया गया और 'रेस्टोरेशन' (मरम्मत) का काम युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। जल निगम की टीम लीकेज ठीक करने और मिट्टी भरने के काम में जुटी है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सड़क को दुरुस्त कर आवागमन बहाल कर दिया जाएगा।
सवालों के घेरे में 'विकास' की गुणवत्ता
अयोध्या को विश्वस्तरीय शहर बनाने के दावों के बीच मुख्य मार्ग का 100 मीटर तक धंसना निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रहा है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर यह घटना भारी बारिश या रात के समय होती, तो जान-माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। वर्तमान में पुलिस ने इस रूट पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया है और वैकल्पिक मार्गों से यातायात डायवर्ट किया गया है।




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