अप्रैल में ही ‘जून’ जैसी तपिश, पारा 42 डिग्री पार
Auraiya News - औरैया में अप्रैल के तीसरे सप्ताह में गर्मी ने तेज़ी से असर दिखाना शुरू कर दिया है। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस था। मौसम विभाग का अनुमान है कि 25 अप्रैल तक तापमान 45 डिग्री को पार कर सकता है। धूप और लू की वजह से लोग परेशान हैं और अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही है।

औरैया, संवाददाता। जनपद में गर्मी ने अप्रैल के तीसरे सप्ताह में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 24 डिग्री दर्ज किया गया। तेज धूप और लू जैसे हालात ने लोगों को बेहाल कर दिया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 25 अप्रैल तक पारा 45 डिग्री के पार जा सकता है, जिससे हालात और विकट होने की आशंका है। सुबह से ही तेज धूप ने लोगों का घर से निकलना मुश्किल कर दिया। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा पसर गया और बाजारों में भी भीड़ कम नजर आई। खासकर दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक गर्म हवाओं ने लोगों को झुलसा दिया।
अस्पतालों में भी चक्कर, सिरदर्द और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ने लगे हैं।शहर के लेडीज मार्केट, फूलमती मंदिर, तहसील तिराहा, दिबियापुर रोड, संजय गेट आदि प्रमुख बाजारों में व्यापार पर भी असर साफ दिखाई दे रहा है। सर्राफा बाजार के दुकानदार अमित वर्मा ने बताया कि दोपहर के समय ग्राहक लगभग न के बराबर आ रहे हैं। गर्मी इतनी ज्यादा है कि लोग जरूरी काम के बिना घर से बाहर नहीं निकल रहे। वहीं कपड़ा व्यापारी इरफान खान का कहना है कि शाम के समय ही कुछ राहत मिलती है, तभी थोड़ी बहुत बिक्री हो पा रही है।सब्जी मंडी में भी हालात कुछ ऐसे ही हैं। सब्जी विक्रेता रामस्वरूप ने बताया कि दोपहर में गर्मी के कारण सब्जियां जल्दी खराब हो रही हैं, जिससे नुकसान उठाना पड़ रहा है। उधर, ठंडे पेय पदार्थ और जूस की दुकानों पर जरूर भीड़ बढ़ गई है। जूस कारोबारी सोनू गुप्ता ने बताया कि गर्मी बढ़ते ही लस्सी, जूस और ठंडे पेय की बिक्री दोगुनी हो गई है।डॉक्टर शत्रुघ्न का कहना है कि इस समय सबसे ज्यादा खतरा लू और डिहाइड्रेशन का होता है। चिकित्सकों ने लोगों को सलाह दी है कि बिना जरूरत दोपहर में बाहर न निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें। खासकर बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है।मौसम वैज्ञानिक डा. रामपलट का कहना है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर कम होने और तेज धूप के कारण तापमान में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। यदि यही स्थिति बनी रही तो आने वाले दिनों में गर्मी अपने सारे रिकॉर्ड तोड़ सकती है।ग्रामीण क्षेत्रों में भी गर्मी का असर कम नहीं है। खेतों में काम करने वाले किसान सुबह और शाम के समय ही काम कर पा रहे हैं। दिन में तेज धूप के कारण खेतों में काम करना मुश्किल हो गया है। अप्रैल में ही पड़ रही भीषण गर्मी ने लोगों को जून जैसी तपिश का अहसास करा दिया है। आने वाले दिनों में पारा और चढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, ऐसे में सतर्कता ही बचाव का सबसे बड़ा उपाय है।
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