UP Lucknow Old Man on Digital arrest claiming Pahalgam Attack terror Funding Bank worker saved money पहलगाम हमले में टेरर फंडिंग का आरोप लगा बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट, बैंककर्मी ने बचाई रकम, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

पहलगाम हमले में टेरर फंडिंग का आरोप लगा बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट, बैंककर्मी ने बचाई रकम

यूपी के लखनऊ में साइबर जालसाजों ने नगर निगम के रिटायर इंस्पेक्टर को गोमतीनगर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अंचल कार्यालय में शुक्रवार को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। डीआईजी एटीएस, पुणे बताकर वीडियो कॉल की और पहलगाम आतंकी हमले में टेरर फंडिंग का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी।

Sun, 8 Feb 2026 07:34 AMSrishti Kunj वरिष्ठ संवाददाता, लखनऊ
share
पहलगाम हमले में टेरर फंडिंग का आरोप लगा बुजुर्ग डिजिटल अरेस्ट, बैंककर्मी ने बचाई रकम

यूपी के लखनऊ में साइबर जालसाजों ने नगर निगम के रिटायर इंस्पेक्टर को गोमतीनगर स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के अंचल कार्यालय में शुक्रवार को ढाई घंटे डिजिटल अरेस्ट रखा। डीआईजी एटीएस, पुणे बताकर वीडियो कॉल की और पहलगाम आतंकी हमले में टेरर फंडिंग का आरोप लगाकर जेल भेजने की धमकी दी। कोने में घबराए हुए बैठे बुजुर्ग के माथे पर पसीना देखकर बैंक के विधि अधिकारी ने पूछताछ की तो उन्होंने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। समझाकर उनका फोन लिया और दूसरी ओर कॉल पर पुलिस की वर्दी में मौजूद जालसाजों को जमकर फटकार लगाई तो उन्होंने फोन काट दिया। विधि अधिकारी ने 80 लाख रुपये की ठगी का शिकार होने से बचा लिया। इसके बाद विधि अधिकारी ने ऑनलाइन साइबर क्राइम सेल के पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।

विधि अधिकारी मनीष सिंह के मुताबिक, रिटायर इंस्पेक्टर छेदीलाल उनके पुराने ग्राहक हैं और आशियाना में रहते हैं। मूल रूप से प्रतापगढ़ के छेदीलाल शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे बैंक आ रहे थे तभी एक नंबर से फोन आया। कॉल करने वाले ने खुद को एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस), पुणे का इंस्पेक्टर रंजीत कुमार बताया और छेदीलाल से कहा कि आपके आधार कार्ड से खोले गए बैंक खातों से 40 लाख रुपये की टेरर फंडिंग पहलगाम आतंकी हमले में हुई है। खातों की तफ्तीश की जाएगी। डिजिटल अरेस्ट रहने तक आप किसी से कुछ बताएंगे नहीं। इस पर छेदीलाल ने कहा कि वह बैंक पहुंच रहे हैं और थोड़ी देर बाद जानकारी देंगे। इस पर फोन कट गया। पांच मिनट बाद वीडियो कॉल कर जालसाज ने कहा कि डीआईजी एटीएस बात करेंगे। इसके बाद उसने फोन दूसरे को दिया। खुद को डीआईजी बताने वाला वर्दी में था। उसने बैंक खातों, एफडी आदि की जानकारी ली। कहा कि कुछ बैंक खाते आपको बताए जा रहे हैं, उनमें सारी रकम ट्रांसफर कर दें।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:प्यार के लिए लांघी थी सरहद, अब बेटे को जेल से छुड़ाने पाकिस्तान जाएंगे मां-बाप

इसके बाद उसने तीसरे व्यक्ति को फोन दे दिया। वह भी वर्दी में था। उसने कुछ बैंक खाते दिए और रुपये ट्रांसफर करने को कहा। जेल जाने के डर से सहमे छेदीलाल बैंक में एक किनारे परेशान बैठे थे। वह खातों में जमा रुपये और एफडी समेत करीब 80 लाख की रकम निकालने की योजना बना रहे थे, क्योंकि 10 मिनट बाद फिर जालसाजों का फोन फिर आना था। सर्दी में भी उनके माथे पर पसीना देख बैंक के दफ्तरी राजकुमार को शक हुआ। उसने पूछने की कोशिश की तो छेदीलाल ने कुछ नहीं बताया। इस पर राजकुमार ने विधि अधिकारी मनीष सिंह को जानकारी दी। वह छेदीलाल के पास पहुंचे और पूछताछ की। छेदीलाल उनके काफी परिचित थे। फिर भी पहले टालमटोल की। फिर सारी जानकारी दी। 10 मिनट बाद जालसाजों की वीडियो कॉल फिर तो उनको जमकर फटकार लगाई। इसके बाद जालसाजों ने फोन काट दिया।

बैंक अफसर बोले, कोई भी डिजिटल अरेस्ट नहीं करता

बैंक के अंचल प्रबंधक अमित गोयल तथा उप अंचल प्रबंधक संजु कुमारी ने काउंसिंग कर छेदीलाल को समझाया। बोले कि कभी पुलिस किसी को डिजिटल अरेस्ट नहीं करती है। आप परेशान न हों। ये जालसाज हैं, जो आपको ठगने की कोशिश कर रहे हैं। इसके बाद छेदीलाल की हालत सामान्य हुई। बैंक अफसरों ने इस सराहनीय कार्य के लिए विधि अधिकारी मनीष सिंह को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया।

साइबर क्राइम सेल में तहरीर दी जाएगी

विधि अधिकारी मनीष सिंह ने बताया कि उन्होंने साइबर क्राइम सेल पोर्टल पर इसकी तत्काल ऑनलाइन शिकायत की। विधि अधिकारी ने बताया कि अभी उन्होंने पुलिस में कहीं कोई शिकायत नहीं की है। सोमवार को इस संबंध में साइबर क्राइम सेल में तहरीर देंगे।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।