एंटी करप्शन टीम के हत्थे चढ़ गया दरोगा, 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, थाने से पकड़कर ले गई टीम
मेरठ में एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को एक दरोगा को थाने के अंदर ही दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी दरोगा एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में आरोपी महिला को राहत देने के लिए रुपये की मांग कर रहा था।

Meerut News: यूपी के मेरठ में एंटी करप्शन टीम ने शनिवार को एक दरोगा को थाने के अंदर ही दस हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। आरोपी दरोगा एनडीपीएस एक्ट के मुकदमे में आरोपी महिला को राहत देने के लिए रुपये की मांग कर रहा था।
जानकारी के मुताबिक मेडिकल थाना क्षेत्र के निवासी मनीष कुमार और उसकी पत्नी सीमा के खिलाफ पल्लवपुरम थाने में एनडीपीएस एक्ट में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मामले में पुलिस ने मनीष को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जबकि पत्नी सीमा भी मुकदमे फरार चल रही थी। उसी मुकदमे की जांच में राहत देने के लिए दरोगा छत्रपाल सिंह मनीष से दस हजार रुपये की मांग कर रहा था।
23 अप्रैल को एंटी करप्शन टीम से की गई थी शिकायत
दरोगा से परेशान होकर मनीष ने 23 अप्रैल को इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से कर दी। शनिवार को दरोगा ने मनीष को फोन कर थाने बुलाया और 10 हजार रुपये लाने को कहा। मनीष रकम लेकर थाने की तीसरी मंजिल पर स्थित दरोगा के कमरे में पहुंचा। जहां उसे पैसे दिए तभी पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने उसको दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी दरोगा को कंकरखेड़ा थाने ले गई, जहां से उसे मेडिकल परीक्षण के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।
दरोगा के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
आरोपी दरोगा छात्रपाल सिंह के खिलाफ एंटी करप्शन इंस्पेक्टर योगेन्द्र कुमार की तरफ से भष्ट्राचार की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। रविवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा। मेरठ एसपी सिटी विनायक भोसले ने कहा, रिश्वत लेने के मामले में दरोगा छत्रपाल सिंह को सस्पेंड कर दिया गया है। उसके खिलाफ विभागीय जांच बैठाई गई है, पूरी प्रकरण की सीओ दौराला को जांच सौपी गई है।
फंसाने का आरोप, पीड़ित ने सुनाई आपबीती
शिकायतकर्ता मनीष कुमार का आरोप है कि 17 नवंबर 2025 को उस पर और उसकी पत्नी सीमा पर एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था, जबकि उनके पास से कोई प्रतिबंधित पदार्थ बरामद नहीं हुआ था। इस मामले में दो अन्य युवकों को पकड़ा गया था, जिनके पास से गांजा मिला था। पल्लवपुरम थाने में तैनात 2023 बैच के दरोगा छत्रपाल सिंह, जो मूल रूप से बरेली का रहने वाला है। मनीष का कहना है कि मुकदमे के बाद पुलिस लगातार दबाव बना रही थी और 27 मार्च को उनके घर कुर्की का नोटिस भी चस्पा कर दिया गया। आरोप है कि पुलिस ने मामला खत्म करने के एवज में 10 हजार रुपये की मांग की, जिस पर सौदा तय हुआ। पीड़ित ने बताया कि उसने रिश्वत देने से पहले ही एंटी करप्शन टीम को सूचित कर दिया था। योजना के तहत वह पैसे लेकर थाने पहुंचा और जैसे ही दरोगा ने रकम ली, टीम ने उसे रंगेहाथ पकड़ लिया।




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