सोनेलाल पटेल की जयंती पर फिर क्यों छिड़ गई लड़ाई? बगावत पर अब क्या बोला अपना दल
पिछले कुछ सालों में ऐसे मौके कम ही आए हैं जब अपना दल संस्थापक सोनेलाल पटेल की याद में आयोजित समारोह किसी पारिवारिक या सियासी विवाद में न घिरा हो। सोनेलाल पटेल की राजनीतिक विरासत पर उनके निधन के बाद ही पारिवारिक कलह उभर कर सामने आ गई थी। उनके बनाए अपना दल में विभाजन को काफी समय बीत चुका है।

मौका डॉ. सोनेलाल पटेल की जयंती का है और उनके खून-पसीने से बनाई पार्टी में एक बार फिर लड़ाई छिड़ी नजर आ रही है। यूपी और देश की सत्ता में हिस्सेदार एनडीए की अहम सहयोगी पार्टी अपना दल (एस) में मंगलवार को बड़ी टूट का दावा करते हुए कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘अपना मोर्चा’ के गठन का ऐलान किया। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल से नाराज इन नेताओं ने दोनों पर परिवारवाद, विश्वासघात और कार्यकर्ताओं की अनदेखी सहित कई गंभीर आरोप लगाए। वहीं अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष आर.पी.गौतम ने दावा किया है कि इन सभी नेताओं को पांच साल पहले ही पार्टी से निकाला जा चुका था। उन्होंने आरोप लगाया कि ये नेता अपना दल (एस) से निष्कासन के बाद अलग-अलग दलों में चले गए थे और अब अनर्गल बयान जारी कर दो जुलाई को होने वाले डा. सोनेलाल पटेल के जयंती समारोह में विघ्न डालने की साजिश कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अपना दल (एस) द्वारा आयोजित कार्यक्रम में पार्टी के सभी निर्वाचित जनप्रतिनिधि और पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। बता दें कि मंगलवार को नया संगठन बनाने की घोषणा के बाद लखनऊ स्थित यूपी प्रेस क्लब में ‘अपना मोर्चा’ के संयोजक चौधरी ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह पटेल ने अपना दल के नौ मौजूदा विधायकों के संपर्क में होने और ‘अपना मोर्चा’ के ही असली अपना दल होने का दावा किया।
ब्रजेन्द्र प्रताप ने यह भी कहा कि हम दिल्ली की ओर देख रहे हैं और जल्द ही किसी ठोस नतीजे पर पहुंच जाएंगे। मोर्चा इस बात पर भी मंथन करेगा कि एनडीए से मिलने वाली विधानसभा और लोकसभा की सीटों पर हम दावा करें या नहीं? जाहिर है बागियों का ‘अपना मोर्चा’, एनडीए को भी अपनी मजबूती का मैसेज देने की कोशिश कर रहा है तो अपना दल (एस) इस मोर्चेबंदी को खारिज करने पर तुला है। इस बीच बुधवार को सोनेलाल पटेल की जयंती पर दोनों के दावों की हकीकत का अंदाजा लगेगा। अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष के बयान के मुताबिक यदि पार्टी के सभी विधायक और पदाधिकारी उसके कार्यक्रम में पहुंचते हैं तो ठीक लेकिन यदि उनमें से कोई गैरहाजिर होता है तो फिर राजनीतिक के जानकारों को इसके नए मायने तलाशने का काम मिल जाएगा।
सोनेलाल पटेल की याद से जुड़ा समारोह क्यों बन जाता है विवाद का मौका?
पिछले कुछ सालों से यह देखा जा रहा है कि अपना दल संस्थापक सोनेलाल पटेल की याद में आयोजित समारोह अक्सर पारिवारिक या सियासी विवादों में घिर जाता है। वैसे सोनेलाल पटेल की राजनीतिक विरासत पर उनके निधन के बाद ही पारिवारिक कलह उभर कर सामने आ गई थी। उनके बनाए अपना दल में विभाजन को काफी समय बीत चुका है। एक तरफ केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल हैं जो अपना दल (एस) की अगुवाई करती हैं तो दूसरी तरफ उनकी बड़ी बहन पल्लवी पटेल और मां कृष्णा पटेल हैं। वे अपना दल (कमेरावादी) की अगुवाई करती हैं।
2009 में हुआ था सोनेलाल पटेल का निधन
डॉ. सोनेलाल पटेल का जन्म 2 जुलाई 1950 को उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले के बगुलिहाई गांव में एक कुर्मी परिवार में हुआ। अपना दल के संस्थापक डॉ.सोनेलाल पटेल यूपी के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे। उन्होंने अपने दम पर पार्टी का मजबूत संगठन खड़ा किया था। 17 अक्टूबर 2009 को एक हादसे में उनका निधन हो गया था।
बागियों ने लगाया है ये आरोप
मंगलवार को लखनऊ में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में अपना मोर्चा के गठन का ऐलान करने वाले नेताओं ने अनुप्रिया पटेल और उनके पति आशीष पटेल पर कई आरोप लगाए। ब्रजेंद्र प्रताप ने कहा दोनों पति-पत्नी कुर्मी बिरादरी का नहीं बल्कि अपना हित साधने में जुटे हुए हैं। बीते 10 वर्षों में जो भी कार्यकर्ता नाराज होकर अपना दल (एस) से बाहर हुए हैं उन्होंने एकजुट होकर अपना मोर्चा बनाया है। उन्होंने कहा कि यह मोर्चा भी एनडीए के साथ ही रहेगा। ब्रजेंद्र प्रताप ने कहा कि अनुप्रिया और आशीष पटेल द्वारा अपना दल (एस) प्राइवेट लिमिटेड बना दिया गया है। इससे हजारों कार्यकर्ता और कुर्मी समाज के लोग निराश हैं।
क्या बोले अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष
वहीं अपना दल (एस) के प्रदेश अध्यक्ष आर.पी.गौतम ने बागियों के दावों और बयानों को भ्रामक और साजिश करार देते हुए आरोप लगाया कि ये लोग पार्टी को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बुधवार के कार्यक्रम (डा.सोनेलाल पटेल जयंती समारोह) में हमारे सम्मानित पदाधिकारी और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति मात्र से ही अनर्गल बयान जारी करने वालों के चेहरे बेनकाब हो जाएंगे। जाहिर है कि आज इस समारोह पर सबकी नजर रहेगी और देखने वाली बात होगी कि अपना दल (एस) प्रदेश अध्यक्ष आर.पी.गौतम और ‘अपना मोर्चा’ के संयोजक चौधरी ब्रजेन्द्र प्रताप सिंह पटेल में से किसके दावे सही साबित होते हैं और किसके गलत।




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