Aligarh SSP sacked 2 head constables who got promotion by lying and were absent for long time पुलिसवालों की गजब मनमानी! एक ने झूठ बोलकर पाया प्रमोशन, दूसरा बिना बताए गैरहाजिर; SSP ने लिया एक्शन, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
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पुलिसवालों की गजब मनमानी! एक ने झूठ बोलकर पाया प्रमोशन, दूसरा बिना बताए गैरहाजिर; SSP ने लिया एक्शन

अलीदढ़ एसएसपी ने अनुपस्थित रहने व कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर दो मुख्य आरक्षियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। एक ने झूठ बोलकर व तथ्यों को छिपाकर प्रमोशन पा लिया तो दूसरा बिना बताए लंबे समय तक गैरहाजिर रहा।

Sat, 31 May 2025 11:07 PMPawan Kumar Sharma वरिष्ठ संवाददाता, अलीगढ़
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पुलिसवालों की गजब मनमानी! एक ने झूठ बोलकर पाया प्रमोशन, दूसरा बिना बताए गैरहाजिर; SSP ने लिया एक्शन

अनुपस्थित रहने व कर्तव्य पालन में लापरवाही बरतने पर अलीगढ़ के एसएसपी संजीव सुमन ने दो मुख्य आरक्षियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया। एक ने झूठ बोलकर व तथ्यों को छिपाकर प्रमोशन पा लिया तो दूसरा बिना बताए लंबे समय तक गैरहाजिर रहा। जांच में दोषी पाए जाने के बाद दोनों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।

एटा के थाना मारहरा क्षेत्र के गांव भुरगवां के रहने वाले मुख्य आरक्षी राजवीर सिंह वर्ष 2022 में अभियोजन कार्यालय में आरक्षी के पद पर नियुक्त थे। प्रमोशन पाने के दौरान 15 दिसंबर 2022 को स्वघोषणा पत्र भरने के दौरान उन्होंने विभागीय कार्रवाई या अन्य मामले लंबित होने की श्रेणी के कॉलम में निल अंकित किया था। इस पर पदोन्नति मिल गई। जबकि राजवीर के खिलाफ थाना कोतवाली, एटा में 2008 में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज है, जो न्यायालय में विचाराधीन था। सीओ द्वितीय की प्रारंभिक जांच में इन्हें दोषी पाया गया। पता चला कि राजवीर 1989 से नियुक्त हैं। फिर भी घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता की गई।

सात मई 2025 को कारण बताओ नोटिस दिया गया। इस पर नौ मई को स्पष्टीकरण दिया, जिसमें कहा कि गांव की पार्टीबंदी के कारण शिकायत की गई थी कि उसने अपनी जन्म तिथि में हेरफेर कर नौकरी प्राप्त की है। उधर, दूसरा मामला मुख्य आरक्षी रनवीर सिंह का है, जो फिरोजाबाद के थाना फरिहा क्षेत्र के गांव नगला सुखी के रहने वाले हैं और साल 2024 में थाना जवां में नियुक्त थे। एक जुलाई 2024 को थाना जवां से ओआर के लिए पुलिस लाइन बुलाया गया था।

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10 जुलाई को थाना जवां रवाना कर दिया गया। लेकिन रनवीर थाने में न आकर बिना किसी अनुमति, अवकाश के अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित हो गए। 13 अगस्त 2024 को 35 दिवस गैरहाजिर रहकर आगमन कराया। सीओ प्रथम की प्रारंभिक जांच में इनको दोषी पाया गया। जांच में पता चला कि रनवीर साल 1998 से नियुक्त हैं। पूर्व में भी लगभग 16 बार दीर्घ, लघुदंड, 17 बार छुद्र दंड व 2058 दिवस (पांच वर्ष सात माह से अधिक) बिना वेतन अवकाश से दंडित हो चुके हैं। कारण बताओ नोटिस जारी करने के बाद बर्खास्तगी की कार्रवाई की गई है।

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एक साल में 16 पुलिसकर्मी बर्खास्त

एक साल में कुल 16 पुलिसकर्मियों को लापरवाही में बर्खास्त किया जा चुका है। इनमें एक इंस्पेक्टर, एक एसआई, एक मुख्य आरक्षी, 10 सिपाही, एक फॉलोवर शामिल है। इनको पूर्व में कई बार दंडित किए जाने के बाद भी कोई सुधार नहीं हुआ। विभागीय कार्रवाई में दोषी पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई। एसएसपी संजीव सुमन ने सभी अधीनस्थों को पूर्ण मनोयोग से जनहित में कार्य करने व किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतने की हिदायत दी है।

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