MoU से पहले AI से ही ‘पूछ’ के बारे में पूछ लिया होता, अखिलेश यादव का सीएम योगी पर तीखा हमला
'पुच एआई' से 25,000 करोड़ के एमओयू पर सवाल उठाने के बाद सीएम योगी सफाई दे चुके हैं। अब इसी को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा हमला बोला है। अखिलेश ने कहा कि MoU से पहले AI से ही ‘पूछ’ के बारे में पूछ लिया होता।

उत्तर प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पार्क की स्थापना के लिए हुए एक भारी-भरकम निवेश प्रस्ताव पर सियासी घमासान छिड़ गया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 'पुच एआई' कंपनी की साख और उसकी माली हालत पर सोशल मीडिया पर उठ रहे सवालों के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर सीधा हमला बोला है। अखिलेश ने चुटकी लेते हुए कहा कि सरकार को एमओयू करने से पहले कम से कम एआई (AI) से ही इस कंपनी की 'पूछ' (पहुंच) के बारे में पूछ लेना चाहिए था।
अखिलेश यादव का ‘फ़ाइव परसेंटिया’ वाला तंज
अखिलेश यादव ने एक्स लिखा कि अपने आस-पास के ऐसे ‘फ़ाइव परसेंटिया’ घूसखोर व ख़ुदगर्ज़ लोगों से बचना चाहिए जो आपकी अनभिज्ञता या अज्ञान का दुरुपयोग करते हैं।उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समझौतों से सरकार की 'कृत्रिम छवि' (Artificial Image) पर तो बुरा असर पड़ता ही है, साथ ही प्रदेश की असली छवि भी दुनिया के सामने धूमिल होती है। अखिलेश के अनुसार, इस तरह के संदिग्ध 'भ्रष्ट कांडों' के उजागर होने से ईमानदार और सच्चे निवेशक हतोत्साहित होते हैं और प्रदेश से विमुख हो जाते हैं।
क्या है 'पुच एआई' विवाद?
दरअसल, 'इन्वेस्ट यूपी' ने पुच एआई (Pooch AI) नाम की कंपनी के साथ प्रदेश में एआई पार्कों के विकास के लिए 25 हजार करोड़ रुपये के निवेश का समझौता किया है। विवाद तब शुरू हुआ जब सोशल मीडिया पर इस कंपनी की वित्तीय क्षमता और अनुभव पर सवाल उठने लगे। दावा किया गया कि जिस कंपनी से हजारों करोड़ों का एमओयू हुआ है, उसकी कुल जमा पूंजी (Net Worth) महज 49 लाख रुपये के आसपास है।
एमओयू बाध्यकारी नहींः योगी
मामले को तूल पकड़ता देख मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने खुद मोर्चा संभाला। उन्होंने स्पष्ट किया कि 'इन्वेस्ट यूपी' द्वारा किया गया यह समझौता केवल संभावनाओं का पता लगाने के लिए एक 'प्रारंभिक कदम' है। सीएम ने कहा, "उत्तर प्रदेश पारदर्शी और जिम्मेदार विकास के लिए प्रतिबद्ध है। शर्तों को पूरा न करने वाले किसी भी संभावित निवेशक का एमओयू स्वतः ही रद्द कर दिया जाएगा।" उन्होंने यह भी साफ किया कि एमओयू राज्य सरकार पर कोई कानूनी बाध्यता नहीं डालता है।
इन्वेस्ट यूपी का पक्ष: अभी अप्रूवल नहीं हुआ
इन्वेस्ट यूपी के सीईओ विजय किरन आनंद ने स्पष्ट किया कि अभी केवल बातचीत की शुरुआत हुई है। उन्होंने कहा कि पुच एआई से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) और बिजनेस प्लान मांगा गया है। दस्तावेजों की सघन जांच और मूल्यांकन के बाद ही प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। फिलहाल किसी भी निवेश प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी या भूमि आवंटन नहीं किया गया है।




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