Akhilesh Yadav reached to meet Avimukteshwarananda Opposition to BJP intensifies in Shankaracharya controversy अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, शंकराचार्य विवाद में भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी तेज, Uttar-pradesh Hindi News - Hindustan
More

अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, शंकराचार्य विवाद में भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी तेज

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लखनऊ में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से   मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। माना जा रहा है कि शंकराचार्य विवाद में बीजेपी के खिलाफ मोर्चाबंदी तेज हो गई है। अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। फिलहाल वे लखनऊ प्रवास पर हैं। 

Thu, 12 March 2026 01:37 PMsandeep लाइव हिन्दुस्तान, लखनऊ
share
अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, शंकराचार्य विवाद में भाजपा के खिलाफ मोर्चेबंदी तेज

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से लखनऊ में सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को मुलाकात की। इस दौरान उन्होने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद रहे। आपको बता दें शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को वाराणसी से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरूआत की थी। जौनपुर, सुल्तानपुर, सीतापुर होते हुए 4 दिन में यानी 10 मार्च को लखनऊ पहुंचे थे। यहां बुधवार को गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया था। इस दौरान उन्होने की बड़े ऐलान किए।

यूपी की परिक्रमा करेंगे अविमुक्तेश्वरानंद

उन्होने बताया कि वे 52 दिन की यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन यूपी की परिक्रमा करेंगे। इसका नाम गविष्टि यात्रा होगा। शुरुआत और समापन गोरखपुर से होगा। 24 जुलाई को लखनऊ के इसी मंच पर फिर जुटेंगे। अंत में शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना गठित करने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि गो हत्या रोकने, सनातन धर्म की रक्षा के लिए लोग आगे आएं। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने किसी का नाम तो नहीं लिया लेकिन प्रदेश सरकार पर तीखे बाण छोड़े।

read moreये भी पढ़ें:
ये भी पढ़ें:आंख-मुंह कितने खुल सकते हैं; अविमुक्तेश्वरानंद पर लगी शर्तों पर अखिलेश का तंज
ये भी पढ़ें:विदेश भाग सकते हैं अविमुक्तेश्वरानंद, आशुतोष ने की पासपोर्ट जब्त करने की मांग

26 शर्तों के साथ कार्यक्रम की अनुमति मिली

कांशीराम स्मृति उपवन में आयोजित कार्यक्रम में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि शंखनाद कार्यक्रम हुआ। पहले काशी के मठ में रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में न घुसने देने की, फिर कहा अनुमति न दो, मंगलवार को रात 9 बजे 16 शर्तों के साथ साथ अनुमति दी गई। कुछ देर बाद 10 शर्तें और जोड़कर 26 कर दी गईं। फिलहाल वे लखनऊ के कृष्णा नगर में प्रवास कर रह रहे हैं।

हम कोई पार्टी नहीं बना रहे- अविमुक्तेश्वरानंद

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा कि हम कोई पार्टी नहीं बना रहे हैं। हमें किसी पार्टी से भी गुरेज नहीं और प्यार भी नहीं है। हम जनता के बीच जाएंगे तो यही समझाएंगे कि गाय के लिए जो काम करे, उसे वोट दीजिए। राजा गलत दिशा में जाए तो रास्ता दिखाएं। शंकराचार्य पद सनातन धर्म का सुप्रीम कोर्ट है, महामंडलेश्वर हाईकोर्ट और साधु-संत लोअर कोर्ट हैं। यही हमारी हिन्दू पद्धति है। यह भीड़तंत्र नहीं भिड़नेवाला तंत्र है। गाय हमारी माता है और इसके बगैर अस्तित्व ही नहीं रहेगा। गाय-ब्राह्मण का अपमान करने वाले निशाचर हैं। उन्होंने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि तुमसे हमारा रिश्ता एक ही हो सकता है और वह है युद्ध का।

अखाड़ों को लिखेंगे पत्र

शंकराचार्य ने कहा कि हमारे साधु समाज में भी विकृति आ गई है। एक लकीर खींच दी गई है। सब अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछेंगे कि वह किसके साथ हैं। उनकी सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन होंगे। और गृहस्थ होंगे। हमारी सेना में आने वाले सभी का पहले पुलिस सत्यापन कराएंगे। हरदम उस पर नजर रखेंगे। यदि उसके ऊपर किसी ने आरोप लगाया है तो उसका केस हम लड़ेंगे। कुछ साधु संत घर (संसार) छोड़कर चले गए।

संप्रदायों का वस्त्र धारण करने के बाद प्रोफेसर, सांसद, विधायक, मंत्री, मुख्यमंत्री बन रहे हैं। यह नहीं चलेगा। हमारे गेरुआ वस्त्र उतारकर रख दो। सनातन धर्म जीवन में मनमानी की अनुमति नहीं देता। कार्यक्रम में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, लखनऊ मध्य से विधायक रविदास मेहरोत्रा, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री, संत समाज के प्रतिनिधि शामिल हुए।

लेटेस्ट Hindi News, Lucknow News, Meerut News, Ghaziabad News, Agra News, Kanpur News , Pareet Yadav Death Live और UP News अपडेट हिंदी में पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।