कांग्रेस को झटका मारिए, बिहार में इनका क्या हुआ? ललन सिंह की सलाह सुन हंस पड़े अखिलेश
जदयू सांसद ललन सिंह ने सपा चीफ अखिलेश यादव को सलाह देते हुए कहा कि 'अखिलेश जी हमारे मित्र हैं, लेकिन कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, उन्हें झटका मारिए। बिहार में कांग्रेस का क्या हाल हुआ, आप जानते हैं, उनकी सीटें लगातार घटती गईं।

लोकसभा में महिला आरक्षण लागू करने और सीटों के परिसीमन से जुड़े तीन संशोधित विधेयकों पर चर्चा दूसरे दिन भी जारी रही। इस दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस के बीच जदयू सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री ललन सिंह ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा- 'अखिलेश जी हमारे मित्र हैं, लेकिन कांग्रेस के चक्कर में मत पड़िए, उन्हें झटका मारिए। बिहार में कांग्रेस का क्या हाल हुआ, आप जानते हैं, उनकी सीटें लगातार घटती गईं।” ललन सिंह के इस बयान पर सदन में हलचल हुई, वहीं अखिलेश यादव ललन सिंह की इस सलाह पर मुस्कुराते नजर आए।
विपक्ष हठधर्मिता छोड़ समर्थन करें- ललन सिंह
ललन सिंह ने कहा कि ये विधेयक मातृशक्ति की 2023 से चली आ रही भावना को संतुष्ट करने के लिए लाया गया है। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि वो हठधर्मिता छोड़कर इसका विरोध न करें, अन्यथा उन्हें अगले 20-25 वर्षों तक खामियाजा भुगतना पड़ेगा, जैसा कि लालू प्रसाद 2005 से 2026 तक भुगत रहे हैं।
SIR के नाम पर NRC लागू की कोशिश- अखिलेश
वहीं बहस के दौरान सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा और केंद्र सरकार के फैसलों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों को समझ पाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले एसआईआर (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के नाम पर NRC लागू करने की कोशिश की गई थी। जब लोगों से कहा गया कि उनका एसआईआ होगा, तब एनआरसी की आशंका जताई जा रही थी। अगर भविष्य में एनआरसी लागू होती है, तो सरकार नए-नए कागज मांग सकती है।उन्होने महिला आरक्षण विधेयक को लेकर भी सरकार की मंशा पर सवाल उठाए।
महिला आरक्षण के बहाने मनमर्जी से परिसीमन करेंगे- अखिलेश
अखिलेश ने कहा कि सरकार महिला आरक्षण के बहाने परिसीमन अपनी सुविधा के अनुसार कर सकती है, जिससे चुनावी समीकरण प्रभावित होंगे। ‘अब महिला आरक्षण के बहाने ये अपनी मनमर्जी से परिसीमन करेंगे, ताकि वे कभी चुनाव न हारें। लेकिन जनता सब देख रही है। सदन में चल रही इस बहस के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा। जहां एक ओर सरकार महिला सशक्तिकरण के लिए इस विधेयक को ऐतिहासिक कदम बता रही है, वहीं विपक्ष इसके पीछे राजनीतिक लाभ की मंशा होने का आरोप लगा रहा है’।
वहीं महिला आरक्षण बिल पर सपा सांसद डिंपल यादव ने कहा कि हमें भरोसा है कि उत्तर प्रदेश के सांसद ओबीसी महिलाओं को आरक्षण दिए बिना इस बिल को पास नहीं होने देंगे। उन्होंने भाजपा सांसदों से अपील की कि मुस्लिम महिलाओं को भी आरक्षण मिलना चाहिए, ताकि सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित हो सके।




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