मुख्यमंत्री अपने मुकदमे वापस लेने की लिस्ट खुद पढ़ेंगे या हम पढ़वा दें, अखिलेश का योगी पर पलटवार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सीएम योगी पर पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने कहा कि जो मुकदमे मुख्यमंत्री जी ने अपने ऊपर से वापस लिए थे, उनकी लिस्ट याद करके वो खुद पढ़ेंगे या हम किसी से पढ़वा दें। सदन में या सड़क पर।

UP News: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महिला सशक्तिकरण के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान सपा पर जमकर बोला। मायावती के साथ गेस्ट हाउस कांड को याद दिलाकर योगी सपा पर जमकर बरसे। पूजा पाल प्रकरण का जिक्र कर सपा पर निशाना साधा। योगी ने सपा को महिलाओं को लेकर हुई घटनाओं के बारे में आईना दिखाया। इसके बाद अब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पलटवार किया। अखिलेश यादव ने ऐक्स पर पोस्ट लिखा है। उन्होंने कहा कि जो मुकदमे मुख्यमंत्री जी ने अपने ऊपर से वापस लिए थे, उनकी लिस्ट याद करके वो खुद पढ़ेंगे या हम किसी से पढ़वा दें। सदन में या सड़क पर।
दरअसल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को महिला सशक्तिकरण के लिए बुलाए गए विशेष सत्र के दौरान निंदा प्रस्ताव रखने से पहले संबोधित किया। योगी ने कहा कि सपा माफियाओं के सामने नतमस्तक है। योगी ने कहा कि सपा विधायक पूजा पाल इसकी सबसे बड़ी मिसाल हैं। उन्होंने कहा कि जब राजू पाल की हत्या हुई थी, तब सपा माफियाओं के सामने झुक गई थी. सीएम ने आरोप लगाया कि सपा की सहानुभूति न तो पिछड़ों, दलितों और न ही पूजा पाल जैसे लोगों के प्रति है।
देख सपाई, बिटिया घबराई
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये दल जन्मजात महिला-विरोधी हैं। उनकी रग-रग में नारी का अपमान भरा हुआ है। जब भी सपा को प्रदेश में सत्ता मिली, महिलाओं पर अत्याचार और क्रूर घटनाओं ने बर्बरता की सारी हदें पार कर दीं। हर व्यक्ति जानता है कि सपा सरकार के समय ‘देख सपाई, बिटिया घबराई’ जैसे स्लोगन बन गए थे। स्टेट गेस्ट हाउस कांड हो या अन्य महिला संबंधी अत्याचार, इनकी छवि जगजाहिर है।
प्रस्ताव को लेकर नेता प्रतिपक्ष ने आपत्ति जताई्
वहीं उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में लाए गए प्रस्ताव को लेकर नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने आपत्ति जताई और कहा कि जो विषय राज्य सरकार का नहीं है, उस पर चर्चा नहीं हो सकती। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कार्यमंत्रणा के प्रस्ताव की जानकारी दी। इस पर पूर्व विधानसभा अध्यक्ष रह चुके नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा, ''नियमावली कहती है कि जो मुख्यतः राज्य सरकार का विषय न हो, उस पर बहस या मतदान नहीं कराया जाना चाहिए। महिला आरक्षण विधेयक संसद के अधिकार का विषय है, राज्य सरकार का नहीं, इसलिए इस पर चर्चा नहीं होनी चाहिए। पांडेय ने कहा कि हम नारी सशक्तीकरण या नारी आरक्षण के विरोध में नहीं हैं, हम समर्थन में हैं। लेकिन प्रस्ताव में 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' में बाधा उत्पन्न करने की बात निंदात्मक है। सवाल है कि बाधा कहां उत्पन्न की जा रही है? यह विषय कहां से आता है?''




साइन इन