बिहार में बसपा के लिए जमीन तैयार नहीं कर पाए आकाश आनंद, 2027 में देनी होगी अग्नि परीक्षा
बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बसपा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी बिहार में पार्टी के लिए जमीन तैयार नहीं कर पाए। बसपा की झोली में सिर्फ रामगढ़ सीट आई है।

बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों ने बसपा के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। राष्ट्रीय संयोजक आकाश आनंद भी बिहार में पार्टी के लिए जमीन तैयार नहीं कर पाए। बसपा की झोली में सिर्फ रामगढ़ सीट आई है। वह भी मात्र 30 वोटों के मामूली अंतर से जीत पाई है। हालांकि एक सीट पर बसपा दूसरे नंबर की पार्टी बनकर रह गई। 2020 की बात करें तो पिछले प्रदर्शन से इस बार कोई सुधार नहीं हुआ है। बिहार परिणाम बता रहे हैं कि बसपा को यूपी में भी चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा। बसपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार 192 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़े किए और मात्र एक सीट जीत पाई। बिहार में उसे कुल 813553 वोट मिले और मत प्रतिशत 1.62 रहा। वर्ष 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में बसपा 80 सीटों पर लड़ी थी और एक सीट जीती थी। उस समय 628961 वोट मिले थे और 1.49 प्रतिशत मत प्राप्त हुए थे।
दलितों के साथ मुस्लिमों और अति पिछड़ों को अपने पाले में खींचने में जुटी मायावती के लिए बिहार विधानसभा चुनाव एक सबक के रूप में सामने है। मुस्लिमों को वह रिझा नहीं पाईं और दलित व पिछड़ों के वोट में भी कोई खास सेंधमारी नहीं कर पाईं। राजद को उसकी परंपरागत सीट रामगढ़ में तीसरे स्थान पर धकेला, लेकिन मुसलमानों का रूझान बसपा से ज्यादा ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम की ओर रहा। गठबंधन न होने के बावजूद बिना शर्त समर्थन ओवैसी ने दिया था। एआईएमआईएम 1.85 प्रतिशत वोट पाकर पांच सीटें जीत गई। उप्र में भी बसपा के पास सिर्फ एक विधायक है। बसपा की सपा के पीडीए की काट के लिए खेला गया दलित-मुस्लिम-पिछड़े (डीएमपी) का कार्ड भी नहीं चला।
रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा ने दर्ज कराई जीत
बिहार में बसपा ने 192 सीटों पर चुनाव लड़ा। कैमूर जिले की रामगढ़ विधानसभा सीट पर बसपा ने सतीश कुमार यादव को उम्मीदवार बनाया था। जबकि भाजपा ने अशोक कुमार सिंह पर दांव लगाया था। आरजेडी ने अजीत कुमार और जनसुराज पार्टी ने इस सीट पर आनंद कुमार सिंह पर दांव लगाया था। बसपा के सतीश कुमार सिंह ने भाजपा के अशोक कुमार सिंह को इस सीट पर महज 30 वोटों के अंतर से परास्त कर दिया। सतीश कुमार को 72689 वोट मिले, जबकि भाजपा के अशोक को 72659 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा।




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